CWG 2026: नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यश वीर सिंह पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल में, भारत की मेडल उम्मीदें बढ़ीं
ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए शानदार खबर सामने आई है। ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा, रोहित यादव और यश वीर सिंह ने पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा के क्वालिफिकेशन राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। तीनों भारतीय खिलाड़ियों के एक साथ फाइनल में पहुंचने से भारत की पदक जीतने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
CWG 2026: पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल
- इवेंट: पुरुष जैवलिन थ्रो
- प्रतियोगिता: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026)
फाइनल के लिए क्वालिफाई करने वाले भारतीय खिलाड़ी
- 5वें स्थान पर: नीरज चोपड़ा – 79.61 मीटर
- 9वें स्थान पर: रोहित यादव – 78.37 मीटर
- 10वें स्थान पर: यश वीर सिंह – 78.36 मीटर
फाइनल की तारीख: 31 जुलाई 2026
समय (IST): रात 10:15 बजे
भारत की उम्मीद: तीनों भारतीय खिलाड़ी फाइनल में पहुंच चुके हैं, जिससे जैवलिन थ्रो में भारत के एक से अधिक पदक जीतने की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं।
नीरज ने आसानी से किया क्वालिफाई
28 वर्षीय नीरज चोपड़ा ने अपने अनुभव के अनुरूप संयमित और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआती प्रयासों में ही क्वालिफिकेशन मार्क हासिल कर लिया और बिना किसी परेशानी के मेडल राउंड में प्रवेश कर गए। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए नीरज इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल के सबसे बड़े दावेदारों में शामिल हैं।
रोहित यादव और यश वीर सिंह ने भी दिखाया दम
नीरज के अलावा रोहित यादव और यश वीर सिंह ने भी दबाव के बीच शानदार थ्रो करते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हुए भारत को पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में तीन प्रतिनिधि दिलाए, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भारत को तीन पदकों की उम्मीद
तीनों भारतीय खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने से अब भारत की नजर सिर्फ एक नहीं, बल्कि एक से अधिक पदकों पर होगी। नीरज के अनुभव के साथ रोहित और यश का आत्मविश्वास भारतीय चुनौती को और मजबूत बनाता है। यदि तीनों खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराते हैं तो भारत पोडियम पर मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है।
फाइनल में होगी कड़ी टक्कर
हालांकि फाइनल में नीरज चोपड़ा को कॉमनवेल्थ के कई शीर्ष जैवलिन थ्रोअर्स से चुनौती मिलेगी, लेकिन मौजूदा फॉर्म और अनुभव के आधार पर भारतीय खिलाड़ी मजबूत स्थिति में हैं। अब सभी की नजर मेडल राउंड पर होगी, जहां यह भारतीय तिकड़ी जैवलिन थ्रो में देश के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करने की कोशिश करेगी।
Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, कहा- आगे बढ़ने का यही सही समय
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपने शांत स्वभाव, तकनीकी बल्लेबाजी और दबाव में शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने कहा कि यह फैसला उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है।
कहा- अब नए सफर की शुरुआत का समय
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि उनके करियर का यह एक नया अध्याय है और उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है। उन्होंने अपने क्रिकेट सफर में साथ देने वाले साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों का आभार भी जताया।
टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने कई वर्षों तक भारतीय टीम के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी को हमेशा सराहा गया। कई मुश्किल मौकों पर उन्होंने अपनी जिम्मेदार पारियों से टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
बल्लेबाजी के साथ कप्तानी में भी छोड़ी छाप
रहाणे ने केवल बल्लेबाज के रूप में ही नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके शांत नेतृत्व और संयमित फैसलों ने भारतीय क्रिकेट में उन्हें खास स्थान दिलाया। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का अंत हो गया।
अगली पीढ़ी की मदद करेंगे रहाणे
संन्यास के बाद अपनी भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए रहाणे ने स्पष्ट किया कि खेल के साथ उनका सफर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में मेरा अध्याय भले ही समाप्त हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरी यात्रा जारी रहेगी। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखे मूल्यों को साझा करने और उस खेल को वापस लौटाने के लिए तत्पर हूं जिसने मुझे सब कुछ दिया है।
रहाणे के करियर की बड़ी उपलब्धियां
- 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई।
- एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद टीम की शानदार वापसी कराई।
- मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी पारी खेलते हुए शतक जड़ा।
- विदेशी सरजमीं पर भारत के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शुमार रहे।
- 85 टेस्ट में 5,077 रन और 12 शतक बनाए।
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 8,000 से ज्यादा रन बनाकर करियर का समापन किया।
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