जबलपुर में महिला सरपंच ने सचिव पर लगाए फर्जी बिल बनाने के आरोप, कलेक्टर से की शिकायत, धमकी देने का भी किया दावा
जबलपुर जिले के झलौन गांव की महिला सरपंच लक्ष्मी बाई ने पंचायत सचिव पुष्पराज सिंह लोधी पर विकास कार्यों में फर्जी बिल लगाने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। दरअसल गुरुवार को वह गांव से करीब 55 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को शिकायत सौंपी। वहीं जिला पंचायत CEO अभिषेक गहलोत ने शिकायत को गंभीर बताते हुए जांच कराने की बात कही है।
दरअसल महिला सरपंच का आरोप है कि गांव में विकास कार्यों के लिए सीमेंट, लोहा, गिट्टी और दूसरे सामान की खरीदी के बिल बढ़ाकर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने गांव के व्यापारी संदीप जैन के साथ मिलकर फर्जी बिल तैयार करने का भी आरोप लगाया है। सरपंच के मुताबिक जब उन्होंने पंचों के साथ मिलकर इन कामों का विरोध किया तो उन्हें धमकी दी गई और कामकाज में अपनी मर्जी चलाने की बात कही गई।
झलौन पंचायत में फर्जी बिल का आरोप
वहीं लक्ष्मी बाई ने अपनी शिकायत में कहा कि पंचायत सचिव पुष्पराज सिंह लोधी गांव में अपनी मर्जी से काम करवा रहे हैं। उनके मुताबिक गांव में एक ही बड़ा व्यापारी संदीप जैन है जिससे पंचायत के कामों के लिए सामान खरीदा जाता है। सरपंच का आरोप है कि सीमेंट, लोहा, गिट्टी और अन्य सामग्री की खरीदी के बिल वास्तविक खर्च से कई गुना ज्यादा दिखाए जाते हैं। दरअसल महिला सरपंच ने दावा किया कि पंचायत में लगाए गए कई बिल फर्जी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पहले बिल तैयार कर दिए जाते थे और बाद में मोबाइल पर OTP आने के बाद उन पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाए जाते थे। सरपंच का कहना है कि उन्होंने जब पंचों के साथ मिलकर इस तरह के कामों पर सवाल उठाए तो उनकी बात नहीं सुनी गई।
बिलों की जांच करने की मांग
साथ ही शिकायत में मांग की गई है कि झलौन गांव में हुए विकास कार्यों और उनसे जुड़े बिलों की जांच की जाए। सरपंच का कहना है कि अगर खरीदी के रिकॉर्ड, बिल और मौके पर हुए कामों का मिलान किया जाए, तो कथित गड़बड़ियों का पता चल सकता है। फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सचिव पर धमकी देने का भी लगाया आरोप
वहीं लक्ष्मी बाई के मुताबिक जब उन्होंने पंचायत के कामों में गड़बड़ी का विरोध किया, तो सचिव ने उनसे कहा कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं और उन्हें ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत नहीं है। सरपंच का आरोप है कि जब उन्होंने कलेक्टर और CEO से शिकायत करने की बात कही तो जवाब मिला कि शिकायत करने से कुछ नहीं होगा और वह जहां चाहें शिकायत कर सकती हैं। महिला सरपंच ने सचिव पर दबंगई दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में पंचायत के कामकाज पर उनका ही नियंत्रण रहता है। उन्होंने शिकायत में सचिव के पुराने विवाद का भी जिक्र किया। सरपंच के अनुसार, करीब चार साल पहले गांव में एक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग की घटना हुई थी जिसके बाद सचिव को सस्पेंड भी किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिव अपने प्रभाव का हवाला देकर लोगों को डराते हैं।
रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
वहीं महिला सरपंच की शिकायत पर जिला पंचायत CEO अभिषेक गहलोत ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी। इसके लिए शहपुरा जनपद पंचायत के CEO को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। जांच में पंचायत के विकास कार्यों, खरीदी से जुड़े बिलों और दूसरे रिकॉर्ड की पड़ताल की जा सकती है। शिकायत में जिन बिलों को फर्जी बताया गया है उनकी जांच के दौरान यह देखना अहम होगा कि दर्ज खरीदी और मौके पर उपलब्ध सामग्री या किए गए काम में कोई अंतर है या नहीं। OTP के जरिए हस्ताक्षर करवाने के आरोपों की भी जांच जरूरी होगी।
सीहोर में नशे में धूत ड्राइवर का हंगामा, पुलिस से की बदसलूकी, वाहन जब्त कर केस दर्ज
सीहोर में यातायात पुलिस द्वारा की जा रही वाहन चेकिंग के दौरान नशे में धूत ड्राइवर द्वारा पुलिस से बदसलूकी करने की जानकारी सामने आई है। जब चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों ने लोडिंग वाहन चालक को रोका तो वो हंगामा करने लगा।
जानकारी के मुताबिक वाहन चालक नशे में धूत था और अगर उसकी चेकिंग की जाती तो अल्कोहल टेस्ट पॉजिटिव आता। ऐसे में वो ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने हंगामा करने लगा। पहले उसने बदसलूकी की उसके बाद वह हाथापाई पर उतारू हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर लोडिंग वाहन जब्त कर लिया है।
ड्राइवर ने की पुलिस से बहसबाजी
जानकारी के मुताबिक सेकड़ाखेड़ी जोड़ के पास सूबेदार बृजमोहन धाकड़ अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान एक संदिग्ध लोडिंग वाहन चालक नजर आया। उसके पास से शराब की तेज गंध आ रही थी। ऐसे में पुलिस ने अल्कोहल टेस्ट करने की कोशिश की। इतने में चालक में बहस बाजी करना शुरू कर दे। उसने एक पुलिसकर्मी की वर्दी पकड़ने की कोशिश भी की। वो पूरे समय अभद्रा भाषा का इस्तेमाल करता रहा और समझाने के बाद भी नहीं माना।
पुलिस ने की कार्रवाई
हंगामा बढ़ने के बाद यातायात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और वाहन भी जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों से बदसलूकी करने और आबकारी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
लगातार चल रही है चेकिंग
बता दें कि सीहोर में पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग लगातार की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाकर रखना है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। शराब पीकर वाहन चलाने की वजह से सड़क हादसे का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में संदिग्ध वाहन चालकों की जांच करना जरूरी है। यही वजह है कि यातायात पुलिस लगातार चेकिंग में जुटी हुई है।
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