Haryana में INDIA Bloc का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
चंडीगढ़/गुरुग्राम, आठ अक्टूबर कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी ‘‘वोट बचाओ, देश बचाओ’’ अभियान के तहत ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों ने बृहस्पतिवार को हरियाणा में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने दिल्ली में अपने राष्ट्रीय नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में ‘‘काला दिवस’’ भी मनाया। पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद जब निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग करने पहुंचे तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा सांसदों पर लाठीचार्ज किया गया। पंचकूला में दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, विधायक चंद्र मोहन, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौहान सहित कई नेताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में समर्थकों ने नारे लगाए और लोकतांत्रिक अधिकारों तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया।
दत्त ने कहा कि ‘‘वोट बचाओ, देश बचाओ’’ केवल कांग्रेस का अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले हर नागरिक का संघर्ष है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक का वोट लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दल निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने समर्थकों से अभियान को गांव, वार्ड और बूथ स्तर तक ले जाने तथा लोगों को मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय लोगों के सवालों का जवाब देना चाहिए। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के कार्यकर्ताओं में रोष है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की आत्मा है और इसके लिए कांग्रेस तथा ‘इंडिया’ गठबंधन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
अंबाला में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस और पूरा ‘इंडिया’ गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जितनी देर कुमार पद छोड़ने में करेंगे, आंदोलन उतना ही तेज होगा। हुड्डा ने अंबाला में मार्च में हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय के सामने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें कुमार के इस्तीफे तथा चुनावों में मतपत्रों के इस्तेमाल की मांग की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी का ‘‘वोट चोरी और निर्वाचन आयोग के कामकाज में अनियमितताओं’’ के खिलाफ संघर्ष तेज होगा। उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्राथमिकी और पुलिस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराया नहीं जा सकता।
गुरुग्राम में भी प्रदर्शनकारियों ने कामन सराय स्थित कांग्रेस कार्यालय से अग्रवाल धर्मशाला चौक तक मार्च निकाला और ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए ‘‘वोट चोरो, सत्ता छोड़ो’’ का नारा लगाया। पानीपत के पूर्व विधायक वीरेंद्र पाल शाह ने भाजपा पर लोकतंत्र और वोट चुराने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र को बचाने की है और आंदोलन सड़कों से संसद तक जारी रहेगा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) वर्धन यादव ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाता सूची से नाम हटाए गए और फर्जी वोट जोड़े गए। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
माकपा के पूर्व प्रदेश सचिव सुरेंद्र मलिक और जिला सचिव उषा सरोहा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मजदूरों, किसानों और आम लोगों के मतदान के अधिकार को कमजोर कर रही है। माकपा नेता ईश्वर सिंह ने निर्वाचन आयोग पर सत्तारूढ़ दल की कठपुतली बनने का आरोप लगाया।
Delhi Traffic Police के कैमरों ने हर मिनट काटे 10 चालान, वसूली की दर बेहद कम
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर दिल्ली के स्वचालित यातायात प्रवर्तन कैमरों ने इस साल के शुरुआती नौ महीनों के दौरान हर मिनट कम से कम 10 चालान काटे, जिनमें से लगभग आधे तय गति से अधिक रफ्तार में गाड़ी चलाने से संबंधित थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 से सितंबर 2026 के बीच कैमरों द्वारा जारी किए गए लगभग 79 प्रतिशत नोटिस का भुगतान नहीं किया गया। इस साल, लगाए गए 404 यातायात कैमरों द्वारा जारी किए गए नोटिसों में से पांच प्रतिशत से भी कम पर जुर्माने की वसूली हुई।
आंकड़ों से पता चला है कि इस अवधि के दौरान यातायात प्रवर्तन कैमरों द्वारा लगभग 3.26 करोड़ नोटिस जारी किए गए, जिनमें से लगभग 67 लाख यानी 21 प्रतिशत का भुगतान किया गया और लगभग 2.59 करोड़ नोटिस बकाया रह गए। छह साल की अवधि में, प्रति मिनट जारी किए गए ट्रैफ़िक चालान की सबसे ज़्यादा दर 2026 में दर्ज की गई। इस साल 30 सितंबर तक, दिल्ली यातायात पुलिस ने लगभग 30.8 लाख चालान मौके पर जारी किए, जबकि उनके कैमरों ने 40.6 लाख अतिरिक्त नोटिस जारी किए, जिससे कुल संख्या लगभग 71.4 लाख हो गई, यानी हर मिनट लगभग 18 चालान किये गए।
हालांकि, कैमरों द्वारा जारी किए गए नोटिस में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आई है। कैमरों द्वारा 2021 में लगभग 66 लाख चालान जारी किए गए थे, लेकिन 2022 में यह घटकर लगभग 59.9 लाख, 2023 में 56.7 लाख, 2024 में 51.8 लाख और 2025 में 51.6 लाख रह गए। इस साल सितंबर तक 40.6 लाख नोटिस जारी किए गए।
कैमरों ने सबसे ज्यादा चालान तय गति से अधिक रफ्तार के कारण जारी किये। अधिक गति से गाड़ी चलाने पर कार्रवाई लगभग पूरी तरह से कैमरों के जरिये की जाती है। इसके बाद कैमरे के जरिये अनुचित पार्किंग के चालान किए गये।
वर्ष 2026 में अब तक ऐसे लगभग 5.5 लाख नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद कैमरों के जरिये बिना हेलमेट गाड़ी चलाने के लिए चालान काटे गए। इस श्रेणी में 2021 में लगभग 1.8 लाख चालान किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर लगभग 5.2 लाख हो गए।
वर्ष 2026 में सितंबर तक लगभग 5.9 लाख नोटिस जारी किए गए हैं। इस बीच, लाल बत्ती पार करने के आरोप में 2021 में लगभग 11.6 लाख चालान किए गए थे, जो 2025 में घटकर लगभग 3.8 लाख रह गए। इस साल अब तक ऐसे लगभग 1.9 लाख चालान किए गए हैं।
‘स्टॉप-लाइन’ उल्लंघन के नोटिस भी 2021 में करीब 7.3 लाख से घटकर 2025 में लगभग 3.8 लाख रह गए। वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसीसी) प्रमाण पत्र के बिना गाड़ी चलाने के चालान 2021 में लगभग 1.2 लाख चालान किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर तकरीबन 8.6 लाख के हो गए। इस साल अब तक लगभग 4.1 लाख नोटिस जारी किए गए हैं।
बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने के संबंधी चालान 2021 में करीब 80,000 थे, जो 2025 में बढ़कर करीब 5.2 लाख हो गए। इस साल अब तक ऐसे करीब 3.6 लाख चालान काटे जा चुके हैं। बिना बीमा के गाड़ी चलाने को लेकर 2021 में लगभग 73,000 चालान किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर करीब 4.4 लाख हो गए और 2026 में इस नियम के उल्लंघन को लेकर अबतक लगभग 2.7 लाख चालान किए जा चुके हैं।
गंभीर यातायात उल्लंघनों में, शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए 2021 में लगभग 2,800 चालान किए गए और 2022 में 2,300, वर्ष 2023 में 16,200, वर्ष 2024 में 22,700 और 2025 में 25,600 चालान किए गए। इस साल सितंबर तक यह संख्या करीब 16,900 रही। खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने के लिए इस अवधि के दौरान सालाना 16,500 से 29,300 के बीच चालान किए गए।
इस साल सितंबर तक लगभग 20,700 चालान जारी किए गए। हालांकि सीट-बेल्ट नहीं लगाने को लेकर 2021 में लगभग 75,000 चालान किए गए थे जो 2025 में से घटकर करीब 52,000 रह गए। वर्ष 2026 में अब तक लगभग 33,600 चालान जारी किए गए हैं।
वहीं, दिल्ली यातायात पुलिस ने 2021 से सितंबर 2026 के बीच लगभग 21,800 वाहनों को जब्त किया। कैमरों द्वारा जारी किए गए नोटिस पर जुर्माना वसूली की कम दर चिंता का विषय बनी हुई है। कैमरों के जरिये गए काटे गए चालान पर 2021 में लगभग 26 प्रतिशत ने जुर्माने का भुगतान किया गया था, जबकि 2023 में यह आंकड़ा लगभग 24 प्रतिशत था।
भुगतान दर 2025 में 15 प्रतिशत से कम और 2026 के शुरुआती नौ महीनों में पांच प्रतिशत कम रही है। इस साल, सितंबर तक कैमरों के जरिये जारी किए गए 40.6 लाख नोटिस में से केवल दो लाख का भुगतान किया गया है।
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