कम लागत, ज्यादा मुनाफा! अचारी मिर्च की खेती से रोजाना आमदनी, किसान कमा रहे लाखों
Pickle chili cultivation: आज के समय में किसान पारंपरिक फसलों से हटकर नकदी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे है. इन्हीं में अचारी मिर्च की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा बन रही है. कम लागत और कम समय में तैयार होने वाली यह फसल साल में एक से अधिक बार ली जा सकती है. बाजार में इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है, क्योंकि अचार उद्योग, होटल और ढाबों में इसका खूब इस्तेमाल होता है. बाराबंकी जिले के फतहाबाद गांव के किसान नरेन्द्र कुमार ने पारंपरिक खेती छोड़कर अचारी मिर्च की खेती शुरू की. वे डेढ़ बीघे में मिर्च उगाकर एक फसल से 70 से 80 हजार रुपये तक मुनाफा कमा रहे है. मल्च तकनीक से खेती करने से खरपतवार कम होता है और पैदावार बेहतर मिलती है. पौध रोपण के 50-55 दिन में तुड़ाई शुरू हो जाती है, जिससे रोजाना आमदनी होती है.
क्या सच में बच्चों को खाता था एपस्टीन, नई फाइल्स में क्या हुआ खुलासा?
अमेरिका के बदनाम फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े कई दावों में नरभक्षण से जुड़े दावे किए जा रहे हैं। इन फाइल्स के मुताबिक एपस्टीन की नाव पर बच्चों के साथ गलत काम किया जाता था। यहां तक कि उन्हें काटकर खाया भी जाता था। अब इन दावों की जांच की गई है।
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