वाराणसी में बोले Nitin Nabin, AI और IT के दम पर युवा 2047 तक बनाएंगे Viksit Bharat
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी बदलाव लाने वाली है और उनकी आवाज़ सुनना ज़रूरी है। नितिन नबीन ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में स्टार्टअप, IT, AI, सेमीकंडक्टर, मेडिकल शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हुए हैं।
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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं से अपील की कि वे 2047 तक भारत को 'विकसित भारत' और 'विश्वगुरु' बनाने की दिशा में पूरे समर्पण के साथ योगदान दें। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ-साथ अन्य नेता भी मौजूद थे। इससे पहले, उत्तर प्रदेश के दौरे के दौरान, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पवित्र शहर काशी का दौरा किया और बाबा विश्वनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ के सामने पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रार्थना की कि बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद देश के सभी नागरिकों पर हमेशा बना रहे।
पूजा के बाद, नबीन ने कहा कि बाबा के पवित्र शहर में प्रवेश करते ही हर भक्त और व्यक्ति श्रद्धा से अपना सिर झुकाता है। उन्होंने कहा कि हम बिहार से हैं और काशी आना हमारी परंपरा का हिस्सा है। आज, और अतीत में भी कई बार, मुझे बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए काशी विश्वनाथ के इस शहर में आने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का जो भव्य निर्माण और पुनर्विकास हुआ है, उससे हर भक्त को खुशी मिलती है। बाबा के भक्तों के लिए, गंगा के तट पर उनकी पूजा करना हम सभी के लिए वास्तव में एक शानदार अनुभव है। इसके लिए हम सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हार्दिक बधाई देते हैं। उन्होंने करोड़ों सनातनियों की आस्था के इस केंद्र को एक भव्य और विशिष्ट रूप दिया है।
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बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता 24x7 काम करता है। उनके लिए हर दिन काम का दिन होता है और हर दिन चुनाव का दिन होता है। हम ऐसे लोग नहीं हैं जो सिर्फ़ चुनाव के समय ही दिखाई देते हैं। हमारे कार्यक्रम, हमारा काम और जनता के साथ हमारी बातचीत साल भर चलती रहती है। इन लोगों (राहुल गांधी और विपक्ष) की सोच अराजकतावादी है और ये सिर्फ़ समाज में ज़हर घोलना जानते हैं। अगर उनके आरोप सच होते, तो केरल में चुनाव इसी चुनाव आयोग ने कराए थे। तमिलनाडु में, जहाँ वे पिछले दरवाज़े से सत्ता में आए, वहाँ भी चुनाव इसी चुनाव आयोग ने कराए थे। अगर उनमें हिम्मत है, तो राहुल गांधी को पहले इस्तीफ़ा देना चाहिए। पूरा देश देख रहा है कि वे किस तरह का खेल खेल रहे हैं।
Sagarmanthan 2026 में बोले Sarbananda Sonowal, भारत में पोर्ट और शिपिंग को मिलेगा बढ़ावा
सरकारी अधिकारियों और इंडस्ट्री लीडर्स ने राजधानी में 'सागरमंथन: द ग्रेट ओशन्स डायलॉग 2026' की शुरुआत के मौके पर कहा कि भारत अपने समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर, शिपिंग क्षमता और वैकल्पिक व्यापार गलियारों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जियोपॉलिटिकल तनाव, अहम समुद्री रास्तों (चोकपॉइंट्स) में रुकावट और बदलते ग्लोबल ट्रेड पैटर्न ने इंटरनेशनल समुद्री सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। तीन दिन तक चलने वाले इस डायलॉग का तीसरा एडिशन बुधवार को शुरू हुआ। इसे ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज (MoPSW) मिलकर आयोजित कर रहे हैं। इस इवेंट में 70 से ज्यादा देशों के 1,200 से अधिक मंत्री, पॉलिसी बनाने वाले, इंडस्ट्री लीडर्स और स्कॉलर्स "ब्लू जियोग्राफीज, नई उम्मीदें: समुद्र में व्यापार, टेक्नोलॉजी और भरोसा" थीम पर चर्चा के लिए एक साथ आए हैं। पहले दिन की चर्चाएं जियोपॉलिटिकल तनाव, सप्लाई-चेन में रुकावट, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल शिपबिल्डिंग क्षमता के एक जगह केंद्रित होने से बदल रहे समुद्री परिदृश्य पर केंद्रित रहीं। भारत के लिए, ये घटनाक्रम उसके अपने समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और ग्लोबल ट्रेड में बड़ी भूमिका निभाने की उसकी महत्वाकांक्षाओं के साथ भी मेल खाते हैं।
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पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि भारत में समुद्री क्षेत्र में बदलाव को पोर्ट, जहाज बनाने वाले क्लस्टर और समुद्री ट्रेनिंग में निवेश से बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने सरकार के नज़रिए को 'मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030' और 'मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047' से भी जोड़ा। सोनोवाल ने कहा यह उन लोगों का जमावड़ा है जो समुद्र और महासागरों की ताकत और उनसे बनने वाले दोस्ती के रिश्तों में यकीन रखते हैं।" उन्होंने कहा कि सरकार के समुद्री कार्यक्रमों का मकसद इस सेक्टर की क्षमता बढ़ाना और भारत के साथ-साथ पूरी ग्लोबल इकॉनमी के लिए कुशल वर्कफोर्स तैयार करना है। पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने समुद्री क्षेत्र की मज़बूती बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने अहम समुद्री 'चोकपॉइंट्स' (संवेदनशील समुद्री रास्तों) पर जियोपॉलिटिकल तनाव से पैदा होने वाले जोखिमों की ओर इशारा किया।
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ठाकुर ने कहा कि महासागर ग्लोबल ग्रोथ, खुशहाली, सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी के लिए अहम हैं। साथ ही, अहम चोकपॉइंट्स पर जियोपॉलिटिकल तनाव, क्लाइमेट चेंज और बदलते ट्रेड पैटर्न नई अनिश्चितताएं पैदा कर रहे हैं। हालिया 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' संकट ने हमें याद दिलाया है कि जब समुद्री रास्ते बाधित होते हैं, तो उसका असर हर जगह महसूस किया जाता है। स्थापित रास्तों में रुकावट के कारण कंपनियों और सरकारों के लिए 'डाइवर्सिफिकेशन' (विविधीकरण) एक ज़रूरी बात बन गई है। DP वर्ल्ड (सबकॉन्टिनेंट, सेंट्रल एशिया, लेवांट और मिस्र) के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर रिज़वान सूमर ने कहा कि बिज़नेस अब सिर्फ़ 'एफ़िशिएंसी' (दक्षता) पर ध्यान देने के बजाय अपनी सप्लाई चेन में 'रिडंडेंसी' (वैकल्पिक व्यवस्था) बनाने की ओर बढ़ रहे हैं।
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