Anandpur Sahib मामले में Amarjit Singh Chawla पर FIR, पंजाब सरकार ने बनाई SIT
चंडीगढ़, आठ अक्टूबर पंजाब सरकार ने आनंदपुर साहिब में दुष्कर्म के उस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जिसके सिलसिले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता बलतेज पन्नू ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पन्नू ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गुरबंस सिंह बैंस के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है।
सिमरनजीत सिंह और करण सिंह संधू इसके सदस्य होंगे। पन्नू ने कहा कि जांच में उन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे जो अब तक अनुत्तरित हैं। उन्होंने कहा, जांच में यह पता लगाया जाएगा कि महिला बहरीन से कैसे आई, उसके आनंदपुर साहिब स्थित एसजीपीसी की सराय में ठहरने की व्यवस्था किसने की, उसे क्या सुविधाएं दी गईं, उन्हें किसने मंजूरी दी और वह महीनों तक वहां कैसे रह सकी।
महिला की शिकायत पर चावला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्होंने एसजीपीसी सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। चावला ने आरोपों को ‘‘झूठा और मनगढ़ंत’’ बताया है।
उन्हें पहले ही सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त से निष्कासित किया जा चुका है। एसआईटी का गठन मुख्यमंत्री द्वारा दो दिन पहले ‘धरम युद्ध मोर्चा’ के एक प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद हुआ। मान ने कहा, राज्य सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और समय-सीमा के भीतर जांच सुनिश्चित करेगी।
कानून अपना काम करेगा और किसी भी व्यक्ति को न्याय प्रक्रिया में दखल नहीं देने दिया जाएगा।
Bihar में सहकारिता योजनाओं की समीक्षा, किसानों को PACS और KCC का लाभ समय पर दें
पटना। माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग राम कृपाल यादव ने पूर्णिया एवं मुंगेर प्रमंडल के सभी जिलों में सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों और सहकारिता से जुड़े लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए सभी स्तरों पर प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
समीक्षा के दौरान खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति एवं चावल की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। मुंगेर प्रमंडल में धान अधिप्राप्ति लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 99.92 प्रतिशत उपलब्धि तथा चावल आपूर्ति में लगभग 99.56 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार पूर्णिया प्रमंडल में धान अधिप्राप्ति की उपलब्धि लगभग 99.72 प्रतिशत तथा चावल आपूर्ति की उपलब्धि लगभग 97.62 प्रतिशत रही। माननीय मंत्री ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा अधिप्राप्ति संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया।
बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत किसानों के क्षेत्र सत्यापन एवं विभिन्न स्तरों पर सत्यापन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि लंबित सत्यापन कार्यों को अभियान चलाकर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि पात्र किसानों को सहायता राशि का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए अनावश्यक विलंब समाप्त करने को कहा। दोनों प्रमंडलों में क्षेत्रीय सत्यापन एवं आगे की प्रक्रिया से संबंधित स्थिति की समीक्षा की गई।
गोदाम निर्माण की समीक्षा करते हुए माननीय मंत्री ने निर्माणाधीन एवं लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से विकसित किए जा रहे भंडारण ढांचे का उपयोग किसानों एवं सहकारी समितियों की आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रभावी रूप से किया जाए। बैठक में पैक्सों के कम्प्यूटरीकरण एवं उनके सक्रिय संचालन की भी समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी पैक्स को सक्रिय एवं कार्यशील बनाने के लिए जिला स्तर पर नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा डिजिटल माध्यम से किसानों एवं सदस्यों को अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
‘सहकारिता में सहकार’ एवं बैंक मित्र के तहत सहकारी संस्थाओं द्वारा बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई। मुंगेर प्रमंडल में 146 माइक्रो एटीएम के माध्यम से 9,298 खातों से संबंधित सेवाएं तथा 1,134.78 लाख रुपये की जमा राशि दर्ज की गई है। वहीं पूर्णिया प्रमंडल में 74 माइक्रो एटीएम के माध्यम से 3,702 खातों तथा 83.79 लाख रुपये की जमा राशि की जानकारी दी गई। माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि PACS, PDCS, PVCS एवं अन्य सहकारी संस्थाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच और मजबूत की जाए तथा बैंक मित्र की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड के वितरण के संबंध में माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि पात्र किसानों को KCC सहित अन्य ऋण सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब न हो और PACS तथा जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण वितरण को और गति दी जाए।
माननीय मंत्री ने कहा कि सहकारिता विभाग की सभी योजनाओं का मूल उद्देश्य किसानों की आय, सुविधा और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देना है। इसके लिए PACS को मजबूत, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने तथा समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में विभागीय अपर सचिव श्री अभय कुमार सिंह, अपर निबंधक श्री विकास कुमार बरियार, संबंधित प्रमंडलों के क्षेत्रीय पदाधिकारी, जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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