विरोध-प्रदर्शन की आड़ में गुंडागर्दी और अराजकता फैलाने की कोशिश, राहुल-प्रियंका पर BJP का वार
गुरुवार को चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ INDIA गठबंधन का विरोध-प्रदर्शन तीसरे दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के सांसदों को पिछले दो दिनों से विरोध प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन आरोप है कि उनके लोगों के साथ मारपीट की गई। गांधी ने आगे कहा कि जिन्होंने "भारत पर कब्ज़ा" कर लिया है, उन्हें सज़ा दी जाएगी।
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इस बीच भाजपा की ओर से भी पलटवार किया गया है। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि क्या सड़कों पर हंगामा करके राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में भरोसा न होने का संकेत दे रहे हैं? क्या उन्हें डर है कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहा मामला तथ्यों के आधार पर इतना कमज़ोर है कि उन्हें लोगों के बीच एक खास नैरेटिव बनाने की ज़रूरत महसूस हो रही है? क्या राहुल गांधी सड़कों पर अराजकता फैलाकर भारतीय लोकतंत्र के संवैधानिक तंत्र को डराने की कोशिश कर रहे हैं? आखिर, सुप्रीम कोर्ट सड़कों पर भीड़ जमा होने के आधार पर अपना फ़ैसला नहीं सुनाता; वह तथ्यों के आधार पर मामले तय करता है।
उन्होंने कहा कि इस सच्चाई से निराश होकर, देश के 40 से ज़्यादा पूर्व जजों ने आज एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें बताया गया है कि कैसे कांग्रेस पार्टी देश के संवैधानिक तंत्र के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रही है... अगर उन्हें लोकतंत्र के बारे में थोड़ी भी समझ है, तो उन्हें इसका जवाब देना चाहिए: जब कोई मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हो, तो क्या उन्हें—राहुल गांधी को—कोर्ट पर भरोसा नहीं है? क्या उनका मामला इतना कमज़ोर है? या फिर वे सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन के ज़रिए कोर्ट पर दबाव बनाने और अविश्वास दिखाने की कोशिश कर रहे हैं? इससे पता चलता है कि पिछले तीन दिनों से राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध-प्रदर्शन की आड़ में गुंडागर्दी और अराजकता फैलाने की कोशिश क्यों कर रहे हैं।
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धानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत एवं मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘‘आपराधिक साजिश’’ के तहत देश को ‘‘हाईजैक’’ करने का आरोप लगाते हुये लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि इन लोगों को न्याय के कटघरे में लाना हमारी गारंटी है। राहुल ने जोर देकर कहा, ‘‘इन लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा और यह इंडिया गठबंधन की गारंटी है।’’ राजघाट की ओर विपक्षी नेताओं के मार्च से पहले राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण धरना देना चाहते हैं, लेकिन उन्हें प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के पहले दिन उन्हें निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास रोक दिया गया, जबकि दूसरे दिन जंतर-मंतर जाने से रोका गया और ‘‘हमारे लोगों को मारा गया।’’
Punjab में नगर निकाय चुनाव रद्द होने पर BJP हमलावर, CM Bhagwant Mann के इस्तीफे की मांग
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के तहत पंजाब में ‘‘जंगल राज’’ कायम है और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। उच्चतम न्यायालय द्वारा पंजाब के 50 नगर निकाय वार्ड में हुए चुनावों को रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिये जाने के बाद भाजपा की यह टिप्पणी आई। उच्चतम न्यायालय ने स्थानीय निकाय चुनावों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान ‘‘व्यापक स्तर पर बाधा डाले जाने’’ संबंधी तथ्यान्वेषी आयोग की रिपोर्ट के बाद पंजाब के 50 नगर निकाय वार्ड में हुए चुनाव रद्द कर नये सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया है।
भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जो पार्टी स्वराज के नाम पर राजनीति में आई थी, वह अब ‘गुंडाराज’ की पार्टी बन गई है।’’ भाटिया ने कहा, ‘‘पंजाब की जनता मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग कर रही है। अगर वह इस्तीफा नहीं देते हैं तो जनता उन्हें उनकी ‘कुर्सी’ से हटा देगी।’’ प्रवक्ता ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से स्थानीय निकाय चुनाव सुनिश्चित करना पंजाब सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया, उन्हें धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पंजाब में लोकतंत्र पूरी तरह चरमरा गया है।’’ भाटिया ने इस घटनाक्रम पर केजरीवाल से भी जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल भाजपा-राजग शासन के तहत ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ के ‘‘बेबुनियाद’’ आरोप लगाते हुए दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल को अपनी चुप्पी तोड़कर पंजाब और देश की जनता को बताना चाहिए कि उनकी पार्टी के शासन में पुलिस के दुरुपयोग के जरिए पंजाब में किस तरह लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
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