INDIA Alliance को जहां रोका जाएगा वहां होगा प्रदर्शन, सड़कों पर उतरेगी Congress
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने गुरुवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की पार्टी की मांग पर कोई बदलाव नहीं हुआ है और जहां भी INDIA गठबंधन को रोका जाएगा, वहां विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। खेड़ा ने कहा कि एजेंडा नहीं बदला है। एजेंडा वही है। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा और ऐसा होगा। यह सिर्फ़ INDIA गठबंधन की मांग नहीं, बल्कि पूरे देश की मांग है। INDIA गठबंधन भारत की मांग के लिए सड़कों पर है। जहां भी हमें रोका जाएगा, वहां विरोध-प्रदर्शन होगा। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि पार्टी चुनाव आयोग जाना चाहती थी लेकिन उन्हें इसकी इजाज़त नहीं मिली। साथ ही उन्होंने बताया कि बुधवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन की भी अनुमति नहीं दी गई थी।
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हुड्डा ने कहा कि हम चुनाव आयोग जाना चाहते थे, लेकिन हमें जाने नहीं दिया गया। कल हम जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे; तब भी हमें ऐसा करने की इजाज़त नहीं मिली। सत्ता में बैठे लोग जनता की आवाज़ दबाना चाहते हैं। हमारा विरोध जारी रहेगा। वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि INDIA गठबंधन वोटरों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए करो या मरो की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने BJP, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र में "अराजकता" फैलाने का आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने कहा कि अराजकता कौन फैला रहा है? बीजेपी, अमित शाह, मोदी और ज्ञानेश कुमार भारतीय लोकतंत्र में अराजकता फैला रहे हैं। वे भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने वाले हैं। हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए यहां हैं। हम यही कर रहे हैं। वोटरों यानी देश के आम लोगों की रक्षा के लिए यह हमारे लिए 'करो या मरो' की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन का सीधा मकसद आम लोगों के वोटिंग अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि हमारा सीधा मकसद आम लोगों के वोटों और उनके वोटिंग के अधिकार की रक्षा करना है। हम यही कर रहे हैं। उन्हें जो करना है।
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यह घटनाक्रम तब हुआ है जब गुरुवार को कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसदों ने लगातार दूसरी बार लंच मीटिंग की। इस बैठक में विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन के तहत अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा की।
US CENTCOM छिपा रहा असली नुकसान, Iran विदेश मंत्री Araghchi ने उठाए गंभीर सवाल
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस (CRS) की एक रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान कथित तौर पर खोए या क्षतिग्रस्त हुए 81 अमेरिकी सैन्य विमानों की सूची दी गई है। उन्होंने कहा कि असली संख्या इससे कहीं ज़्यादा है। गुरुवार को एक्स पर एक पोस्ट में अराघची ने कहा कि मई में कांग्रेस की रिसर्च सर्विस ने माना था कि ईरान की सेना ने 42 अमेरिकी सैन्य विमानों को नष्ट कर दिया था। अब: 81। उन्होंने कहा कि असली नुकसान कहीं ज़्यादा है। अरागची ने नुकसान के बारे में अमेरिकी सेना के आकलन पर सवाल उठाते हुए कहा सबूत क्या है? CENTCOM किसी मौजूदा सीनेटर को उन बेस का निरीक्षण नहीं करने देगा जिनके बारे में उसका दावा है कि वे ठीक-ठाक हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि आप कुछ समय के लिए सभी लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं। CRS की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकी विमानों को युद्ध में हुआ नुकसान कांग्रेस के लिए विचार है और जिसे 5 अक्टूबर को अपडेट किया गया था, में 81 फिक्स्ड-विंग या रोटरी-विंग विमानों (जिनमें बिना क्रू वाले विमान सिस्टम भी शामिल हैं) की सूची दी गई है, जिनके बारे में कहा जाता है कि 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों में वे खो गए या क्षतिग्रस्त हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, यह सूची समाचार रिपोर्टों, अमेरिकी रक्षा विभाग और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के बयानों और रक्षा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई थी। CRS ने कहा कि विमानों की संख्या में बदलाव हो सकता है क्योंकि इसके कई कारण हैं, जैसे कि वर्गीकरण, चल रही युद्ध गतिविधियां और नुकसान का कारण तय करना। इसमें यह भी बताया गया कि कुछ क्षतिग्रस्त विमानों को शायद वापस सक्रिय सेवा में शामिल कर लिया गया हो।
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इस रिपोर्ट में 12 F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर एयरक्राफ्ट, एक F-35A लाइटनिंग II फाइटर एयरक्राफ्ट, दो A-10 थंडरबोल्ट II ग्राउंड-अटैक एयरक्राफ्ट, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर एरियल रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट, एक E-3 सेंट्री एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग-एंड-कंट्रोल एयरक्राफ्ट, दो MC-130J कमांडो II स्पेशल ऑपरेशन्स एयरक्राफ्ट और एक HH-60W जॉली ग्रीन II कॉम्बैट सर्च-एंड-रेस्क्यू हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इसमें एक MQ-4C ट्राइटन, तीन MQ-1 मल्टी-रोल अनक्रूड एयरक्राफ्ट, 45 MQ-9 रीपर मल्टी-रोल अनक्रूड एयरक्राफ्ट, एक AH-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर, चार AH-6 लिटिल बर्ड लाइट अटैक हेलीकॉप्टर और एक MH-60 सी हॉक मैरीटाइम हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। CRS रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने 14 सितंबर को एक 'लीड इंस्पेक्टर जनरल' रिपोर्ट जारी की, जिसमें 1 अप्रैल से 30 जून के बीच ईरान के खिलाफ ऑपरेशन्स से जुड़े कुछ उपकरणों के नुकसान का आकलन किया गया था।
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