मेरठ में AAP कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार का फूंका पुतला, SIR पर जताया विरोध
मेरठ, आठ अक्टूबर आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में बृहस्पतिवार को मवाना रोड पर प्रदर्शन किया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदर्शन से पहले ही गंगानगर पुलिस ने मेरठ जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी को देर रात मवाना रोड स्थित उनके आवास पर कथित तौर पर ‘नजरबंद’ कर लिया था।
इसकी जानकारी मिलने पर आप कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचे और बाद में तलवार पेट्रोल पंप के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘न डरेंगे, न झुकेंगे-ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा’ जैसे नारे लगाए। पार्टी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोक-झोंक तथा धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
चौधरी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर मताधिकारों को प्रभावित किया गया, जिसके कारण चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समान मताधिकार दिया है और किसी भी व्यक्ति के वोट की कीमत समान है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर केवल औपचारिक जवाब से संतुष्ट नहीं होगी और पार्टी उनके इस्तीफे की मांग करती है।
आप नेता ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।
शिवसेना UBT ने AAP और DMK से कहा, Congress संग मतभेद भुलाकर तानाशाही से लड़ें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन से AAP और DMK के दूर रहने पर, शिवसेना (UBT) ने गुरुवार को इन दोनों पार्टियों से कांग्रेस के साथ अपने मतभेद भुलाकर तानाशाही के खिलाफ लड़ने की अपील की। शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में पार्टी ने कहा कि पूरा देश 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देख रहा है। पार्टी ने कहा कि लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) इससे दूर रहे हैं।
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पार्टी ने कहा कि AAP के कांग्रेस के साथ मतभेद हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि लेकिन देश को तानाशाही की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए AAP और कांग्रेस को कम से कम एक साथ आना चाहिए। AAP के कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग के साथ कड़वा अनुभव रहा है। जब केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तो उन्हें एक झूठे मामले में जेल भेज दिया गया था। आरोप है कि उनके चुनाव क्षेत्र से वोटरों के नाम हटाकर उनकी हार की साज़िश रची गई थी। इसलिए, पार्टी का कहना है कि INDIA गठबंधन से दूर रहना AAP के हित में नहीं है।
सेना (UBT) ने कहा कि भले ही पंजाब विधानसभा चुनाव, जहाँ दोनों पार्टियाँ मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं, विवाद का विषय हो सकते हैं, फिर भी केजरीवाल को मोदी और शाह के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना चाहिए। संपादकीय में कहा गया है कि तमिलनाडु में DMK हार गई और कांग्रेस की मदद से सी. जोसेफ विजय की TVK सत्ता में आई। इससे DMK नाराज हो गई। संपादकीय में आगे कहा गया, लेकिन DMK का यह रुख देशहित में नहीं है।
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सेना (UBT) ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (BJD) के रुख की सराहना की, जिसने CEC के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। बुधवार को CEC के खिलाफ विपक्ष का विरोध और तेज हो गया। राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें और कई सांसदों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान विरोध-प्रदर्शन के दौरान काफी गहमागहमी देखने को मिली।
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