शिवसेना UBT ने AAP और DMK से कहा, Congress संग मतभेद भुलाकर तानाशाही से लड़ें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन से AAP और DMK के दूर रहने पर, शिवसेना (UBT) ने गुरुवार को इन दोनों पार्टियों से कांग्रेस के साथ अपने मतभेद भुलाकर तानाशाही के खिलाफ लड़ने की अपील की। शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' में छपे एक संपादकीय में पार्टी ने कहा कि पूरा देश 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देख रहा है। पार्टी ने कहा कि लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) इससे दूर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: Pargat Singh और Sachin Pilot अमृतसर पहुंचे, Harmandir Sahib में लिया आशीर्वाद
पार्टी ने कहा कि AAP के कांग्रेस के साथ मतभेद हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि लेकिन देश को तानाशाही की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए AAP और कांग्रेस को कम से कम एक साथ आना चाहिए। AAP के कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग के साथ कड़वा अनुभव रहा है। जब केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तो उन्हें एक झूठे मामले में जेल भेज दिया गया था। आरोप है कि उनके चुनाव क्षेत्र से वोटरों के नाम हटाकर उनकी हार की साज़िश रची गई थी। इसलिए, पार्टी का कहना है कि INDIA गठबंधन से दूर रहना AAP के हित में नहीं है।
सेना (UBT) ने कहा कि भले ही पंजाब विधानसभा चुनाव, जहाँ दोनों पार्टियाँ मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं, विवाद का विषय हो सकते हैं, फिर भी केजरीवाल को मोदी और शाह के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना चाहिए। संपादकीय में कहा गया है कि तमिलनाडु में DMK हार गई और कांग्रेस की मदद से सी. जोसेफ विजय की TVK सत्ता में आई। इससे DMK नाराज हो गई। संपादकीय में आगे कहा गया, लेकिन DMK का यह रुख देशहित में नहीं है।
इसे भी पढ़ें: 13 करोड़ वोटर लिस्ट में जुड़ने तक जारी रहेगी ECI के खिलाफ लड़ाई, Congress MP Imran Masood का दावा
सेना (UBT) ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजू जनता दल (BJD) के रुख की सराहना की, जिसने CEC के खिलाफ INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। बुधवार को CEC के खिलाफ विपक्ष का विरोध और तेज हो गया। राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के नेताओं ने दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें और कई सांसदों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान विरोध-प्रदर्शन के दौरान काफी गहमागहमी देखने को मिली।
Rahul Gandhi पर बरसी BJP, कहा भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस
नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस सड़क पर किए जा रहे अपने प्रदर्शनों के जरिए देश में ‘‘नेपाल और बांग्लादेश जैसी अराजकता’’ फैलाने की कोशिश कर रही है क्योंकि राहुल गांधी सत्ता में आने के लिए ‘‘बेताब’’ हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के बुधवार के विरोध प्रदर्शन के कुछ वीडियो फुटेज दिखाते हुए कहा कि राहुल गांधी, उनकी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में पुलिसकर्मियों के साथ जिस तरह धक्का-मुक्की की, उससे पार्टी की मंशा साफ हो जाती है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी की रणनीति भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी अराजकता फैलाने की है।’’ भंडारी ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का कथित वीडियो दिखाते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिसकर्मियों पर लात-घूंसों से हमला करने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिसकर्मी वहां अपनी ड्यूटी कर रहा है, लेकिन कांग्रेस का एक कार्यकर्ता उसे धक्का देता है और फिर लात मारता है।’’ उन्होंने इसी तरह का एक अन्य वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि पुलिसकर्मी राहुल गांधी से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अनुरोध कर रहे थे क्योंकि उनके साथ ‘‘हजारों लोगों की भीड़’’ थी। भंडारी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल ने ‘‘पुलिस के साथ टकराव की रील’’ बनाने के इरादे से एक पुलिसकर्मी को धक्का दिया। उन्होंने कहा, ‘‘तीसरे वीडियो में प्रियंका वाद्रा खुद पुलिसकर्मियों को धक्का देने की कोशिश करती दिखाई दे रही हैं।’’ निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दे पर भंडारी ने कहा कि मामला पहले से ही उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है और उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शनों का न्यायिक कार्यवाही पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जब मामला उच्चतम न्यायालय के समक्ष है, तो चाहे मैं सड़क पर प्रदर्शन करूं, कोई और करे या राहुल गांधी करें, इससे अदालत पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।’’ भंडारी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी सोचते हैं कि ऐसे दृश्यों के जरिए वह उच्चतम न्यायालय के फैसले पर दबाव डाल सकते हैं और न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत में अशांति फैलाने के लिए ‘‘अंतरराष्ट्रीय ताकतें’’ राहुल गांधी के साथ मिलकर काम कर रही हैं। भंडारी ने कहा, ‘‘भारत का लोकतंत्र जीवंत, मजबूत और सुरक्षित है तथा देश में शांति है। क्या कुछ अंतरराष्ट्रीय ताकतें सत्ता में आने के लिए बेताब राहुल गांधी के साथ मिलकर देश में आग लगाकर और अराजकता फैलाकर उनके परिवार को फिर से सत्ता में लाने की कोशिश कर रही हैं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘देश सब देख रहा है।
राहुल गांधी का मकसद लोकतंत्र नहीं बल्कि परिवार है। उनका मकसद देशहित नहीं, बल्कि उन ताकतों का समर्थन करना है जो देश में आग लगाने की कोशिश कर रही हैं।’’ राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अन्य नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में शाम को पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था और रिहा कर दिया था।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)

