Gold Price Today: सोना-चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट, आज गोल्ड ₹415 और सिल्वर ₹797 सस्ता; जानें आपके शहर का ताजा रेट
Gold Price Today (17 July 2026): सोने-चांदी की कीमतों में शुक्रवार (17 जुलाई) को हल्की नरमी देखने को मिली है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा दरों के मुताबिक, 24 कैरेट सोना ₹415 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,41,264 पर आ गया है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,29,398, 18 कैरेट सोने की कीमत ₹1,05,948 और 14 कैरेट सोने का रेट ₹82,639 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। दूसरी ओर, चांदी भी ₹797 प्रति किलोग्राम सस्ती होकर ₹2,16,637 प्रति किलो पर पहुंच गई। आइए अब देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के ताजा भान जानें।
देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव (रुपये/10 ग्राम)
| शहर | कीमत |
| दिल्ली | ₹1,42,680 |
| मुंबई | ₹1,42,530 |
| जयपुर | ₹1,42,680 |
| कोलकाता | ₹1,42,530 |
| रायपुर | ₹1,42,530 |
| लखनऊ | ₹1,42,680 |
| पटना | ₹1,42,580 |
| भोपाल | ₹1,42,580 |
| अहमदाबाद | ₹1,42,580 |
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों होते हैं अलग? जानें 4 प्रमुख वजहें
सोने की कीमतें पूरे देश में एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में सोने के रेट में फर्क देखने को मिलता है। इसके पीछे कई व्यावहारिक और आर्थिक कारण जिम्मेदार होते हैं।
1. ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर खर्च आता है। जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, यह लागत भी बढ़ती जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
2. खरीदारी की मात्रा (डिमांड फैक्टर)
दक्षिण भारत में सोने की खपत देश में सबसे ज्यादा होती है। यहां कुल मांग का लगभग 40% हिस्सा है। बड़ी खरीदारी के बावजूद स्थानीय बाजार में छूट सीमित रहती है, जिससे कीमतों में फर्क आता है।
3. ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका
हर राज्य और शहर में ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग और आपूर्ति के आधार पर रेट तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में सोने के भाव अलग हो जाते हैं।
4. पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य
ज्वेलर्स ने सोना किस कीमत पर खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। पुराना स्टॉक महंगा या सस्ता खरीदा गया हो तो उसका असर ग्राहकों को मिलने वाले रेट पर पड़ता है।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान
1. सिर्फ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता और कैरेट की जानकारी मिलती है, जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड (AZ4524)।
2. कीमत जरूर क्रॉस चेक करें
खरीदने से पहले सोने का भाव अलग-अलग स्रोतों जैसे IBJA (India Bullion and Jewellers Association) से जरूर जांचें। सोने की कीमत 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती है।
Stock Market Today: वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच सेंसेक्स 400 अंक उछला, निफ्टी 24,150 के पार
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त दर्ज की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक उछलकर 77,600 के स्तर के ऊपर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,150 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर गया। बाजार में यह तेजी ऐसे समय देखने को मिली जब एशिया और अन्य वैश्विक बाजारों में कमजोरी का माहौल बना हुआ था।
इंफोसिस ने दिखाई मजबूती, विप्रो में दबाव
कारोबार के दौरान आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त ने बाजार की सकारात्मक धारणा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, विप्रो के शेयरों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद आईटी और अन्य प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी का रुख बना रहा।
निफ्टी के लिए क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी अपने मौजूदा सपोर्ट स्तरों के ऊपर बना रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सत्रों में निफ्टी 24,250 से 24,350 के दायरे की ओर बढ़ सकता है, जो हालिया कारोबारी रेंज का ऊपरी स्तर माना जा रहा है।
वैश्विक बाजारों में रही कमजोरी
जहां भारतीय बाजार में तेजी रही, वहीं वैश्विक बाजार दबाव में दिखाई दिए। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिरा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स भी कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी लाल निशान में रहे। यूरोपीय बाजारों के संकेत भी कमजोर रहे। इसके बावजूद भारतीय बाजार में निवेशकों का भरोसा कायम रहा।
रुपया भी हुआ मजबूत
शेयर बाजार की मजबूती के साथ भारतीय मुद्रा में भी सुधार देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 14 पैसे मजबूत होकर 96.28 के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत रुपया आयात लागत को कम करने, महंगाई पर नियंत्रण रखने और विदेशी निवेश आकर्षित करने में मददगार साबित हो सकता है।
घरेलू निवेशकों का भरोसा बना सहारा
विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय बाजार की मजबूती घरेलू निवेशकों के विश्वास और मजबूत आर्थिक संकेतकों को दर्शाती है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निवेशकों का रुख सकारात्मक बना हुआ है, जिसका असर शेयर बाजार और रुपये दोनों पर देखने को मिल रहा है।
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