‘सेवा संकल्प’ से राष्ट्रनिर्माण: नई दिल्ली में पीएम मोदी के 25 वर्षों के सुशासन का उत्सव, युवाओं ने ली देश सेवा की शपथ
नई दिल्ली में 7 अक्टूबर को ‘सेवा संकल्प-राष्ट्रनिर्माण के 25 साल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवा, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय जिम्मेदारी और राष्ट्रनिर्माण के विचार को सामने रखना रहा. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 25 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए आने वाले वर्षों में देश के विकास को लेकर सामूहिक संकल्प का संदेश दिया गया.
कार्यक्रम में राजनीति, धर्म, कूटनीति, संस्कृति और खेल जगत से जुड़े लोग शामिल हुए. अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया. इसके जरिए भारत की विविध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बीच आपसी सद्भाव और एकता का संदेश देने की कोशिश की गई. कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना भी रहा। इसी क्रम में युवाओं की अगुवाई में ‘सेवा संकल्प’ की शपथ दिलाई गई. सात युवा प्रतिभागियों ने शपथ का नेतृत्व किया। आयोजन के जरिए युवाओं से सेवा और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया.
समारोह में कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बीच भारत की विविधता, सांस्कृतिक परंपराओं और राष्ट्रनिर्माण के विचार को सामने रखा गया. कार्यक्रम में खेल जगत के खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया. 2026 एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उनकी मेहनत और खेल के क्षेत्र में योगदान को सराहा गया. इस दौरान नीरू धांडा, अमन सहरावत, अंतिम पंघाल, सुजीत कलकल, कमलजीत, नितेश सिवाच, पूजा सिंह, किरण पहल, सतनाम सिंह, मनीषा कीर, हिमांशु ढिल्लों, साक्षी राणा और सलमान खान को सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि पिछले 25 वर्षों की यात्रा को याद करने के साथ अब आने वाले 25 वर्षों के लिए भी देश के विकास और राष्ट्रनिर्माण को लेकर संकल्प लेने की जरूरत है. कार्यक्रम में शासन के 25 वर्षों पर आधारित एक गीत भी प्रस्तुत किया गया. आयोजकों की ओर से कार्यक्रम के जरिए सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने का संदेश दिया गया. इसके साथ ही भारत की विविधता को उसकी ताकत बताते हुए अलग-अलग वर्गों और समुदायों के बीच सहयोग और सद्भाव की जरूरत पर जोर दिया गया.
उत्तर प्रदेश के संदर्भ में भी ऐसे आयोजनों का संदेश सेवा, युवा भागीदारी और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने से जोड़ा जा सकता है. प्रदेश में बड़ी युवा आबादी और अलग-अलग सामाजिक एवं धार्मिक समुदायों की मौजूदगी को देखते हुए राष्ट्रनिर्माण के इस संदेश को स्थानीय स्तर पर सेवा, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहयोग और युवाओं की भागीदारी से जोड़कर आगे बढ़ाया जा सकता है. कार्यक्रम का समापन ‘Sounds of Seva’ नाम की सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ. संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए देश की विभिन्न परंपराओं को सामने रखा गया. पूरे आयोजन का केंद्र यही रहा कि आने वाले वर्षों में विकास के साथ सेवा, सद्भाव और सामाजिक जिम्मेदारी को भी राष्ट्रनिर्माण का हिस्सा बनाया जाए.
'नाना पाटेकर का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान की तरह रहा,' इंडिया मोबाइल कांग्रेस में बोले पीएम मोदी
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी)- 2026 के 10वें एडिशन का उद्घाटन किया। यह आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक द्वारका के यशोभूमि स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर में हो रहा है। इस साल जीएसएमए बोर्ड की बैठक के लिए भारत को चुना गया है। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने दुनिया भर से आए टेलीकॉम ऑपरेटर्स, एक्सपर्ट्स, एकेडमिया और स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों का भारत में स्वागत किया।
संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा, आज 8 अक्टूबर है। भारत के लिए यह एक विशेष दिन है। आज के दिन को हम एयर फोर्स डे के रूप में सेलिब्रेट करते हैं। मैं अपने सभी जांबाजों को नमन करता हूं। देश को एयर फोर्स डे पर शुभकामनाएं देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि बुधवार को ही उन्हें हेड ऑफ द गवर्नमेंट के रूप में देश की सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा, मेरे लिए यह सेवा की सहज यात्रा रही है। मैं हर देशवासी का, दुनिया भर में भारत के हर मित्र का, शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करता हूं। यह संयोग है कि इसी अवसर पर इंडिया मोबाइल कांग्रेस के सम्मेलन के भी 10 वर्ष पूरे हुए हैं।
उन्होंने हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, आज सुबह ही एक खबर आई है कि मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। वे एक बेहतरीन कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता। नाना पाटेकर का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान की तरह रहा। वो बंधनों में नहीं रहे, परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े।
पीएम मोदी ने आगे कहा, उन्होंने समाज में व्याप्त अव्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करारा प्रहार किया। वे एक ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के विरुद्ध काम किया। उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही प्रभावी थी। वो देशविरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे।
प्रधानमंत्री ने 5जी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में इसी मंच से देश में 5जी की शुरुआत की गई थी। 2023 में बताया था कि 5जी रोलआउट से 5जी रीचआउट बढ़ रहा है। आज मोबाइल इंटरनेट स्पीड 2022 की तुलना में 10 गुना बढ़ गई है।
--आईएएनएस
वीकेयू/एबीएम
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