भारती एयरटेल ने जारी किए वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे, मुनाफा 55 प्रतिशत गिरकर 6,630.5 करोड़ रुपए रहा
मुबंई, 5 फरवरी (आईएएनएस)। देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे गुरुवार को जारी किए। अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 55 प्रतिशत कम होकर 6,630.5 करोड़ रुपए रह गया है, जो कि एक साल पहले समान अवधि में 14,781.2 करोड़ रुपए था।
कंपनी के मुनाफे में गिरावट वजह पिछले साल हाई बेस होना है। वित्त वर्ष 24 की दिसंबर तिमाही में एयरटेल को 7,545.6 करोड़ रुपए का असाधारण लाभ हुआ था। इसके अलावा, कंपनी के मुनाफे में कमी आने की एक वजह नए लेबर कोड के कारण 256.8 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च भी है।
तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में 2.3 प्रतिशत की कमी आई है। वित्त वर्ष 26 की सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 6,791.7 करोड़ रुपए था।
वित्त वर्ष 26 की दिसंबर तिमाही में कंपनी की कुल आय 54,683 .9 करोड़ रुपए रही है। इसमें पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की आय 45,599 करोड़ रुपए के मुकाबले 19.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 23,198.8 करोड़ रुपए रहा है, जो कि वित्त वर्ष 25 की दिसंबर तिमाही में 20,532.7 करोड़ रुपए था। यह सालाना आधार पर खर्च में 12.98 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता है।
भारती एयरटेल ने बताया कि दिसंबर तिमाही में कंपनी की औसत आय प्रति उपयोगकर्ता 259 रुपए पर पहुंच गई है, जो कि सितंबर में 256 रुपए और दिसंबर 2024 में 245 रुपए पर थी।
वित्त वर्ष 26 की दिसंबर तिमाही में कंपनी के नेटवर्क पर 26,056 मिलियन जीबी डेटा का उपयोग हुआ है। इसमें सितंबर तिमाही के 24,446 मिलियन जीबी डेटा के मुकाबले 6.6 प्रतिशत और पिछले साल की दिसंबर तिमाही के 20,174 मिलियन जीबी डेटा के मुकाबले 29.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है।
दिसंबर तिमाही में प्रति उपयोगकर्ता डेटा की खपत 29.8 जीबी प्रति महीने रही है। यह सितंबर तिमाही के 28.3 जीबी प्रति महीने के मुकाबले 5 प्रतिशत और पिछले साल की दिसंबर तिमाही के 24.5 जीबी मुकाबले 21.5 प्रतिशत अधिक है।
एयरटेल के कर्मचारियों की संख्या में तिमाही और सालाना दोनों आधार पर कमी देखी गई है।
वित्त वर्ष 26 की दिसंबर तिमाही में कंपनी में 24,186 कर्मचारी कार्यरत थे। यह आंकड़ा चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के मुकाबले 205 और वित्त वर्ष 25 की दिसंबर तिमाही के मुकाबले 340 कम है।
--आईएएनएस
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मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडित' को लेकर हो रहा बवाल? जानें क्यों हो रही बायकॉट की डिमांड
Manoj Bajpayee Ghooskhor Pandit Controversy: OTT प्लेटफॉर्म पर आने वाली मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ का टीजर सामने आते ही विवादों में घिर गया है. फिल्म के नाम को लेकर ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध जताया है. भोपाल में इस मुद्दे पर बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला, वहीं मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया है.
भोपाल में सड़कों पर उतरा ब्राह्मण समाज
भोपाल में ब्राह्मण समाज के लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे आए है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि फिल्म का टीजर तुरंत ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाया जाए. लोगों का कहना है कि फिल्म का टाइटल और कहानी ब्राह्मण समाज की छवि को ठेस पहुंचा रही है. चेतावनी दी गई है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र होगा.
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि पंडित जैसे सम्मानित शब्द को घूसखोर जैसे शब्द से जोड़ना गलत है. इससे एक पूरे समुदाय को गलत नजर से दिखाया जा रहा है. प्रदर्शन के दौरान “डिजिटल प्लेटफॉर्म बंद करो”, “FIR दर्ज करो” और “फिल्म का बॉयकॉट करो” जैसे नारे लगाए गए है.
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर
मामला बढ़ने के बाद फिल्म के नाम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म ब्राह्मण समाज की गरिमा को नुकसान पहुंचा रही है. साथ ही फिल्म मेकर्स के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी की गई है.
सोशल मीडिया पर भी मचा बवाल
फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. एक यूजर ने लिखा, “अगर घूसखोर दिखाना था तो सिर्फ घूसखोर लिख देते, पंडित क्यों जोड़ा?” वहीं कई लोगों ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाए और फिल्म के बॉयकॉट की बात कही.
Ghuskhor Pandat? What kind of title is this?
— Mr Sinha (@Mrsinha) February 3, 2026
Would it be acceptable if a movie or series were made with a similar “Ghuskhor Mohamedan” title?
This is not freedom of speech. This is bigotry driven by an agenda.
Such content should not be allowed to release. pic.twitter.com/pagFuL3UGa
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं. लोग उन्हें उनके सरनेम की वजह से ‘पंडित’ कहते हैं. उनकी रिश्वतखोरी की आदतों के कारण ही यह नाम जुड़ा दिखाया गया है. फिल्म में नुसरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, श्रद्धा दास और किकू शारदा भी अहम भूमिकाओं में हैं.
फिल्म का निर्देशन रितेश शाह ने किया है और कहानी नीरज पांडे की है. अभी फिल्म की रिलीज डेट घोषित नहीं हुई है. टीजर करीब 51 सेकंड का है. भोपाल से दिल्ली तक उठे इस विवाद के बाद सबकी नजरें फिल्म मेकर्स के फैसले पर टिकी हैं. देखना होगा कि वे फिल्म के नाम या कंटेंट में कोई बदलाव करते हैं या नहीं.
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