डॉलर खत्म हो जाएगा, सोना उसकी जगह लेगा:2008 मंदी की भविष्यवाणी करने वाले इकोनॉमिस्ट बोले- बड़ा संकट आने वाला है
मशहूर अमेरिकी इकोनॉमिस्ट पीटर शिफ ने बड़े आर्थिक संकट की चेतावनी दी है। शिफ का मानना है कि हम एक ऐसे आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसके सामने 2008 की मंदी बच्चों के खेल जैसी लगेगी। डॉलर धराशायी होने वाला है और इसकी जगह सोना ले लेगा। पीटर शिफ के मुताबिक दुनिया भर के केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम कर रहे हैं। वे सोने का रिजर्व बढ़ा रहे हैं। शिफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव है। 2025 में सोना 75% और चांदी 167% बढ़ी है। 2008 से अलग होगा संकट, अमेरिका पर केंद्रित रहेगा शिफ ने कहा- आने वाला संकट 2008 से बिल्कुल अलग होगा। पिछला संकट पूरी दुनिया में फैल गया था, लेकिन ये अमेरिका के भीतर ही केंद्रित रहेगा। सरकारी आंकड़े सही नहीं, असली तस्वीर सोना दिखा रहा पीटर शिफ ने उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बहुत मजबूत बताया जा रहा है। शिफ ने कहा कि दुर्भाग्य से ये आंकड़े सही नहीं हैं। ये बहुत ज्यादा घुमावदार हैं और इनमें सुधार किया जाएगा। इन पर महंगाई का बहुत असर है। आने वाले कुछ सालों में महंगाई, बाइडन के समय से भी ज्यादा खतरनाक होने वाली है। शिफ ने कहा कि सोने की बढ़ती कीमतें उस बड़े संकट की चेतावनी दे रहे हैं जो या तो इस साल के आखिर में या अगले साल आने वाला है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीदकर डॉलर से छुटकारा पा रहे हैं। वे अमेरिकी ट्रेजरी बेच रहे हैं। सोना असली तस्वीर दिखा रहा है। दुनिया की अर्थव्यवस्था हमारे कारण नहीं चलती शिफ ने कहा कि हम दुनिया पर निर्भर हैं। वे हमें वो सामान देते हैं जो हम नहीं बनाते। ट्रम्प इसे उल्टा समझ रहे हैं। दुनिया की अर्थव्यवस्था हमारे कारण नहीं चलती, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था दुनिया के कारण चलती है। हमारी क्रेडिट आधारित इकोनॉमी खराब हो चुकी है जो डॉलर के 'रिजर्व करेंसी' स्टेटस पर टिकी है। डॉलर धराशायी हो जाएगा और इसकी जगह सोना ले लेगा। लोग बेवजह डर फैला रहे, विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर हालांकि व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने अमेरिकी इकोनॉमिस्ट के दावे के उलट बताया कि अमेरिकी ट्रेजरी की विदेशी होल्डिंग्स हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। बिजनेस लीडर्स अमेरिका में निवेश करने और नौकरियां देने के लिए लाखों-करोड़ों रुपए लगा रहे हैं। जब से राष्ट्रपति ट्रम्प ने पद संभाला है, घबराहट फैलाने वाले लोग ऐसी भविष्यवाणी कर रहे हैं। अमेरिकियों ने देखा है कि महंगाई कम हुई है और जीडीपी ग्रोथ तेज हुई है।" 2008 की भविष्यवाणी के लिए मशहूर हैं पीटर शिफ पीटर शिफ अमेरिका के जाने-माने इकोनॉमिस्ट और यूरो पैसिफिक एसेट मैनेजमेंट के संस्थापक हैं। उन्हें 2008 के वित्तीय संकट की सटीक भविष्यवाणी करने के लिए जाना जाता है। शिफ हमेशा निवेश के सुरक्षित विकल्प के तौर पर कीमती धातुओं की वकालत करते रहे हैं।
भारतीय टैलेंट पर बढ़ा अमेरिकी टेक दिग्गजों का भरोसा:कंपनियां 20% तक बढ़ा सकती हैं हायरिंग, मिलेंगे 50 लाख तक के पैकेज
अमेरिकी वीजा नीतियों में सख्ती और बढ़ती लागत के कारण गूगल, एपल, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां 2026 में भारत में बड़े पैमाने पर नौकरियां शिफ्ट कर रही हैं। गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट भारत में 20,000 तक नई नौकरियां दे सकती है। अल्फाबेट ने बेंगलुरु के वाइटफील्ड में ऑफिस टावर किराए पर लिया है। एपल बेंगलुरु में सप्लाई चेन के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए एजुकेशन हब बना रही है। प्रोफेशनल नेटवर्किंग एप ब्लाइंड के सर्वे में 52% टेक और बैंकिंग कंपनियों के प्रोफेशनल्स ने कहा कि कंपनियां 2026 में भारत में भर्ती बढ़ाने की योजना बना रही हैं। 25% कंपनियां मौजूदा टीम का आकार बढ़ा रही हैं। 2025 में 5 कंपनियों ने दिए 32,000 नए रोजगार स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो के मुताबिक मेटा, अमेजन, एपल, माइक्रोसॉफ्ट, नेटफ्लिक्स और अल्फाबेट ने 2025 में कुल 32,000 नियुक्तियां कीं। टीमलीज डिजिटल की सीईओ नीति शर्मा के मुताबिक इस साल इनकी भर्तियों में करीब 16-20% बढ़ोतरी की उम्मीद है। विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिकन कंपनियों के लिए भारतीय टैलेंट को अमेरिका बुलाने से ज्यादा आसान है कि भारत में काम करवाया जाए। 50 लाख से ज्यादा सालाना पैकेज दे रहीं टेक कंपनियां जॉब पैकेज जेन एआई इंजीनियर 50-55 क्लाउड आर्किटेक्ट 15-40 मशीन लर्निंग इंजीनियर 10-30 साइबर सिक्युरिटी 15-28 (सोर्स- टीमलीज डिजिटल, एक्सफेनो)
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