राहुल गांधी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से क्यों रोक रही पुलिस? जानें क्या है नियम
Congress Jantar Mantar Protest : राहुल गांधी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने क्यों नहीं जा सके? दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में क्यों लिया. जानें जंतर-मंतर पर क्या हैं प्रदर्शन के नियम.
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Dehradun में BJP पार्षद के घर चोरी मामले में नौकर का साथी गिरफ्तार
देहरादून, सात अक्टूबर देहरादून के बसंत विहार क्षेत्र में भाजपा पार्षद के घर के सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ देकर बेहोश करने के बाद लाखों रुपये की नकदी और आभूषण चोरी करने के मामले में पुलिस ने परिवार के फरार घरेलू सहायक भरत थापा के एक साथी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। देहरादून के पुलिस अधीक्षक (नगर) शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 29 और 30 सितंबर की मध्यरात्रि बल्लीवाला चौक के पास अमिता सिंह के घर में कथित रूप से चोरी करने वाले भरत थापा समेत चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि चोरी में शामिल दिनेश सुनार (27) को मंगलवार रात बसंत विहार चौक से गिरफ्तार किया गया। वह अपनी गाड़ी में सवार होकर मामले में चल रही पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में उसके हुलिए की पहचान के आधार पर उसे गिरफ्तार किया।
सुयाल ने बताया कि दिल्ली में टैक्सी चलाने वाले सुनार ने पूछताछ में कहा कि भरत थापा लगातार अपने चार साथियों के संपर्क में था और उसने आदित्य के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। उसके अनुसार, भरत और आदित्य पहले भी इस तरह के कृत्य कर चुके हैं। सुनार के मुताबिक, आरोपियों ने पार्षद के घर से दो लाख रुपये नकद, कीमती घड़ियां, आभूषण और अन्य सामान चोरी किया था।
चोरी के बाद सभी आरोपी देहरादून से चले गए और उसे 50 हजार रुपये देने के बाद बाकी रकम बाद में देने की बात कही थी। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हरियाणा नंबर की कार, 27,500 रुपये नकद और सुनार के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सुयाल ने बताया कि भरत थापा, आदित्य, दिनेश सुनार, अभिषेक और एलेक्स नेपाली मूल के हैं।
उनके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित परिवार का अधिक से अधिक सामान बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। सुयाल ने बताया कि आपराधिक इतिहास होने के बावजूद भरत थापा को बिना सत्यापन के नौकरी देने वाली एएस सिक्योरिटीज एजेंसी को काली सूची में डालने के लिए दिल्ली सरकार को सूचित किया गया है।
परिवार ने थापा को घटना से केवल 20 दिन पहले काम पर रखा था।
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