मणिपुर के Kangpokpi में उपद्रवियों ने खाली मकान फूंके, गोलीबारी भी की
इंफाल, सात अक्टूबर मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बुधवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने कुकी समुदाय के लोगों के कई खाली पड़े मकानों में आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लकड़ी से बने इन मकानों में अपराह्न करीब दो बजे आग लगाए जाने से पहले हवा में कई गोलियां चलाई गईं।
उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हुए घरों की सही संख्या अभी पता नहीं चल पाई है, हालांकि ग्रामीणों ने दावा किया कि कम से कम तीन मकान नष्ट हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है और आग लगाने वालों की तत्काल पहचान नहीं हो सकी। नगा बहुल सेनापति जिले के पास स्थित काइलेनजांग गांव में नगा और कुकी समुदायों के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद वहां के निवासी अपने घर छोड़कर चले गए थे और तब से यह इलाका काफी हद तक खाली है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल स्थिति पर नजर रख रहे हैं। इस साल फरवरी में नगा और कुकी समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से 40 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों घर जला दिए गए हैं। हिंसा मुख्य रूप से उखरुल, कामजोंग, नोनी, तमेंगलोंग और कांगपोकपी जिलों में केंद्रित रही है।
दिल्ली के New Seemapuri में गिरी बहुमंजिला इमारत, मलबे से 7 लोगों को निकाला गया
बुधवार को दिल्ली के न्यू सीमापुरी में ईदगाह मछली मंडी के पास पांच मंज़िला रिहायशी इमारत के ढहने से कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस घटना के बाद, दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें बचाव कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुँचीं। वे मलबे के नीचे से कुछ लोगों को निकालने में कामयाब रहे। घायलों को राजीव गांधी अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब दोपहर करीब 3:30 बजे यह घटना हुई, तब इमारत को पहले ही खाली कराया जा रहा था।
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शाहदरा के DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि हमें दोपहर 3:40 बजे सूचना मिली। यह चार मंज़िला इमारत है, जो 25 वर्ग गज में बनी है। अब तक 7 लोगों को बचाया जा चुका है। वे खतरे से बाहर हैं। बचाव अभियान चल रहा है... सभी एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं, एम्बुलेंस और दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी तैनात हैं। MCD अधिकारी, DM, सभी मौके पर मौजूद हैं।
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि यह हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। यह पांच मंज़िला इमारत थी। सुबह आए भूकंप के बाद लोगों को बाहर निकाल लिया गया था और वे धीरे-धीरे बाहर निकल ही रहे थे कि तभी अचानक इमारत ढह गई। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के बगल की एक दीवार भी गिर गई, जिससे कूड़ा बीनने वाले लोग मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि उनमें से पांच लोगों को बचा लिया गया है, जबकि तीन अन्य के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
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यह घटना दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंज़िला PG बिल्डिंग के गिरने और उसमें सात लोगों की मौत के लगभग एक महीने बाद हुई है। इस घटना के बाद, दिल्ली सरकार ने राजधानी में जर्जर इमारतों का ऑडिट करने का आदेश दिया था। MCD ने कई पुरानी और जर्जर इमारतों को गिरा दिया था। हालांकि, सीमापुरी में बिल्डिंग गिरने की घटना सरकार के इस अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है।
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