Lakh Take Ki Baat: 20 बच्चों को बचाने के लिए दे दी जान, देखिए कैसे MP की कंचनबाई ने दिखाई दिलेरी
Lakh Take Ki Baat: मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रानपुर गांव में मानवता और साहस की एक दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है. यहां आंगनबाड़ी केंद्र में काम करने वाली कंचनबाई ने मधुमक्खियों के भयानक हमले से करीब 20 मासूम बच्चों की जान बचाई, लेकिन इस दौरान खुद शहीद हो गईं.
घटना उस समय हुई जब कंचनबाई हैंडपंप पर पानी भर रही थीं और बच्चे पास में मौजूद थे. तभी अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया. हालात बिगड़ते देख कंचनबाई बच्चों को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र में भागीं. उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए त्रिपाल और दरी से बच्चों को ढका और एक-एक कर सभी बच्चों को सुरक्षित कमरों में पहुंचाया.
इस दौरान हजारों मधुमक्खियों ने कंचनबाई पर हमला कर दिया, जिससे वे बेहोश हो गईं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है और लोग प्रशासन से मदद की मांग कर रहे हैं.
भारत के एआई शिखर सम्मेलन में चीन भेज सकता है प्रतिनिधिमंडल, रिश्तों में सुधार के संकेत
नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और चीन के बीच रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेतों के बीच चीन भारत की आगामी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शिखर सम्मेलन में एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बना रहा है। यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में आयोजित होना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक उप-मंत्री इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं। कंसल्टेंसी ‘द एशिया ग्रुप’ के पार्टनर और डिजिटल प्रैक्टिस के सह-अध्यक्ष जॉर्ज चेन ने बताया कि बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने चीनी प्रतिनिधियों के लिए वीजा व्यवस्था को लेकर संपर्क किया है।
बताया गया है कि ‘द एशिया ग्रुप’ नियमित रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नियमन से जुड़े मुद्दों पर चीनी नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करता रहा है। यह पहली सार्वजनिक पुष्टि मानी जा रही है कि चीन नई दिल्ली में होने वाले एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेगा।
पिछले साल दिसंबर के अंत में चीनी सरकारी मीडिया ने भारतीय रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा था कि भारत ने औपचारिक रूप से बीजिंग को इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। हालांकि, अब तक न तो भारतीय दूतावास और न ही चीन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
चीनी अधिकारियों और कंपनियों की प्रस्तावित भागीदारी ऐसे समय में सामने आई है, जब दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ वर्षों के तनाव के बाद स्थिर होते नजर आ रहे हैं। वर्ष 2020 में सीमा पर हुई घातक झड़प के बाद भारत-चीन रिश्तों में भारी गिरावट आई थी, जिसके बाद भारत ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए टिकटॉक समेत कई चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था।
हालांकि, अगस्त में तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद तनाव में कमी के संकेत मिलने लगे। दोनों नेताओं को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक साझा वीडियो में भी देखा गया था, जिसे कूटनीतिक संबंधों में नरमी के संकेत के रूप में देखा गया।
इसके बाद से सीधी उड़ानों और पर्यटक वीजा की बहाली जैसे कदम भी रिश्तों में सुधार की ओर इशारा कर रहे हैं। इस बीच चीन वैश्विक एआई विकास में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए SCO जैसे मंचों का तेजी से इस्तेमाल कर रहा है।
भारत में होने वाले इस एआई शिखर सम्मेलन में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई समेत कई प्रमुख वैश्विक नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, सम्मेलन की तारीखें चीन के लूनर न्यू ईयर अवकाश से मेल खाती हैं, जो वहां का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार माना जाता है।
--आईएएनएस
डीएससी
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