जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों के अत्यधिक संकेंद्रण से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया
जयशंकर ने महत्वपूर्ण खनिजों के अत्यधिक संकेंद्रण से जुड़ी चुनौतियों को रेखांकित कियामुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 35 घंटे से जाम:20km तक गाड़ियों की लाइन लगी; लोगों दो दिन से बिना खाना-पानी और टॉयलेट के फंसे
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट सेक्शन में गैस टैंकर पलटने के कारण करीब 35 घंटे से ट्रैफिक जाम है। एक्सप्रेसवे पर 20 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी लाइन लगी है। सैकड़ों वाहन फंसे हैं। लोग दो दिन से बिना खाना, पानी और टॉयलेट सुविधाओं के रास्ता क्लियर होने का इंतजार कर रहे हैं। खंडाला घाट सेक्शन में 3 फरवरी की शाम करीब 5 बजे अडोशी टनल के पास एक गैस टैंकर पलट गया था। टैंकर से ज्वलनशील प्रोपाइलीन गैस लीक हो रही थी। इसके बाद सुरक्षा कारणों से एक्सप्रेसवे के कई हिस्से बंद करने पड़े। महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अनुसार, टैंकर में मौजूद प्रोपाइलीन गैस को दूसरे टैंकरों में ट्रांसफर कर दिया गया है। हालांकि, अब तक क्षतिग्रस्त टैंकर को रास्ते से नहीं हटाया जा सका है। अब गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक सामान्य होने की संभावना जताई गई है। गैस रिसाव के बाद हालात संभालने के लिए NDRF, SDRF और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की टीमें मौके पर तैनात की गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पुणे से मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह बंद कर दी गई और ट्रैफिक को पुराने मुंबई-पुणे हाईवे की ओर डायवर्ट किया गया। स्थिति को कुछ हद तक संभालने के लिए पुणे लेन से मुंबई की ओर 15–20 मिनट के ब्लॉक में वाहन छोड़े गए, लेकिन गैस रिसाव जारी रहने से जाम पूरी तरह खत्म नहीं हो सका। एक समय पर वाहनों की कतारें करीब 20 किलोमीटर तक फैल गईं। MSRDC ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मुंबई-बाउंड कैरिजवे बंद रखा गया, जिससे दोनों दिशाओं में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। इस दौरान एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली भी बुधवार सुबह से निलंबित कर दी गई। जाम का असर बस सेवाओं पर भी पड़ा। महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (MSRTC) की 165 बसें विभिन्न स्थानों पर फंसी रहीं। बुधवार को 139 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं, जिनमें 73 ई-शिवनेरी और 66 सामान्य बसें शामिल थीं। परिवहन विभाग के अनुसार, 163 बसें एक्सप्रेसवे पर फंसी रहीं। इनमें सतारा की 46, सोलापुर की 36, पुणे की 20, सांगली की 18, कोल्हापुर की 13, पालघर की 12, ठाणे की 11 और मुंबई डिवीजन की 7 बसें शामिल थीं। MSRDC और IRB MPEPL की टीमें FM रेडियो, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से यात्रियों को लगातार अपडेट देती रहीं। लोगों से अपील की गई कि बेहद जरूरी न हो तो यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। फंसे यात्रियों की मदद के लिए IRB MPEPL और पुणे ग्रामीण पुलिस ने जहां संभव हो सका वहां पानी और बिस्कुट बांटे। एक MSRTC ड्राइवर ने बताया कि उनकी बस अडोशी टनल के पास करीब 9 घंटे तक फंसी रही और आखिरकार बुधवार तड़के 3 बजे पनवेल पहुंच सकी। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। कुछ यूजर्स ने एक्सप्रेसवे को ‘पार्किंग लॉट’ बताया। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को टॉयलेट और पानी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, हालात की समीक्षा के बाद बस सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएंगी। एक्सप्रेसवे कंट्रोल रूम ने उम्मीद जताई है कि गुरुवार सुबह तक ट्रैफिक में राहत मिल सकती है।
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