Ukraine पर Russia का भीषण हवाई हमला, 4 बच्चों समेत 19 की मौत
कीव, सात अक्टूबर (एपी) रूस ने बुधवार तड़के यूक्रेन की राजधानी कीव और करीब एक दर्जन अन्य क्षेत्रों पर मिसाइलों तथा ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमले किए, जिनमें चार बच्चों सहित कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यूक्रेन को इस हमले की आशंका पहले से थी।
राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक दिन पहले कहा था कि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, रूस एक ‘‘बड़े’’ हमले की तैयारी कर रहा है। हालांकि, यूक्रेन को हमले की जानकारी थी, लेकिन वह इसे पूरी तरह रोक नहीं सका। हमले में हुई मौतें और तबाही यूक्रेन के लिए रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों और हाल में इस्तेमाल किए जा रहे जेट इंजन चालित नए ड्रोन का मुकाबला करने की चुनौती को दर्शाती हैं।
अमेरिका में निर्मित पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों के लिए पर्याप्त मिसाइल उपलब्ध नहीं होने के कारण यूक्रेन रूसी बैलिस्टिक हथियारों को रोकने में कठिनाई का सामना कर रहा है। यूक्रेन रूस के ऊंचाई पर उड़ने वाले जेट-संचालित ड्रोन को रोकने में सक्षम नई पीढ़ी के इंटरसेप्टर विकसित करने के प्रयास तेज कर रहा है। अमेरिका की अगुवाई में जारी शांति प्रयासों से निकट भविष्य में राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है।
दोनों पक्षों के बीच निचले स्तर की तकनीकी वार्ता की संभावना पर अभी बातचीत जारी है। पश्चिमी विश्लेषकों के अनुसार, पुतिन इस विश्वास के साथ युद्ध जारी रखे हुए हैं कि दबाव के आगे यूक्रेन झुक जाएगा और कीव के पश्चिमी समर्थक लंबे समय तक उसका साथ नहीं देंगे। यूक्रेन के उत्तरी चेर्निहाइव क्षेत्र के प्रिलुकी शहर में रूसी हमले में एक अपार्टमेंट की इमारत नष्ट हो गई।
गृह मंत्री इहोर विहिव्स्की के अनुसार, घटना में 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं, जबकि 50 लोग घायल हो गए। राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, राजधानी कीव समेत तीन अन्य यूक्रेनी शहरों में भी लोगों के मारे जाने की खबर है। यूक्रेन दुनियाभर में उपलब्ध पैट्रियट मिसाइलों की तलाश कर रहा है।
ईरान में जारी युद्ध के कारण इन मिसाइलों की आपूर्ति पहले ही सीमित है। जेलेंस्की ने कहा, “रूसी बैलिस्टिक मिसाइलें सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। और इस समय हमारे लिए वायु रक्षा प्रणालियों के पैकेज अत्यंत आवश्यक हैं।” पोल्टावा क्षेत्र के क्रेमेनचुक में दो लोगों की मौत हुई और सात घायल हो गए।
क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख विताली दियाकिवनिच ने बताया कि बचाव अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि रूस का उद्देश्य लोगों में डर पैदा करना है, “ताकि हम सोने से डरें, अपने बच्चों को नजरों से दूर न होने दें और कोई योजना न बना सकें। ताकि हर कोई सोचे कि अगली बार पता नहीं किसके घर को निशाना बनाया जाएगा।” रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने रात में यूक्रेन में मिसाइलों और ड्रोन के उत्पादन तथा भंडारण से जुड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हमला किया।
मंत्रालय ने कहा कि दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र में बंदरगाह और जहाज मरम्मत सुविधाओं के अलावा यूक्रेनी सेना के लिए सामान ले जा रहे जहाजों को भी निशाना बनाया गया। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस में तेल रिफाइनरियों और भंडारण केंद्रों पर लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। उन्होंने बुधवार को कहा कि यूक्रेन ने रूस के पर्म, समारा और अस्त्रखान क्षेत्रों में दो तेल प्रतिष्ठानों और एक प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाया।
रूसी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई।
Flydubai केस के बाद Israeli Envoy ने चेताया, आ सकती है आतंकी हमलों की नई लहर
भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने भारत और इज़राइल को "कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी हमलों की एक नई लहर" की आशंका के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की तुलना में तेज़ी से अपनी क्षमताएँ बढ़ा रहे हैं। 'फ़्लाईदुबई'विमान को हाईजैक करने की कोशिश के बाद अज़ार ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए यह उदाहरण दिया कि कैसे हमास भारत के पड़ोसी देशों में आतंकवादी संगठनों को प्रेरित कर रहा है। अज़ार ने ज़ोर देकर कहा, "आतंकवादी हमसे ज़्यादा तेज़ हैं और हमें उनसे भी ज़्यादा तेज़ होना होगा। हमें सतर्क रहना होगा। अगर हम (इस्लामिक आतंकवादी हमले की) अगली लहर से आगे रहना चाहते हैं, तो हमें तेज़ी दिखानी होगी। और अगली लहर ज़रूर आएगी।" इज़राइली राजदूत की ये अहम बातें ऐसे समय में सामने आई हैं जब तेल अवीव 7 अक्टूबर, 2023 के हमले की तीसरी बरसी मना रहा है, जिस हमले के कारण गाज़ा में भयानक युद्ध शुरू हुआ था।
राजदूत ने पाकिस्तान में हमास की गतिविधियों का ज़िक्र किया
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि आतंकी संगठन आपस में ज़्यादा सहयोग कर रहे हैं, तो अज़ार ने मध्य पूर्व के बाहर हमास की हालिया गतिविधियों की ओर इशारा किया। पिछले एक साल में, हमास के कई बड़े कमांडर पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखे गए हैं। नाजी ज़हीर और खालिद अल-कदुमी जैसे हमास नेताओं को जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के कार्यक्रमों में शामिल होते हुए भी देखा गया है। इंडिया टुडे को मिली हालिया खुफिया जानकारी से पता चला है कि लश्कर-ए-तैयबा के सदस्यों को हमास के काम करने के तरीकों की ट्रेनिंग दी जा रही थी। उन्होंने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का उदाहरण देते हुए इसे उसी असर का "नतीजा" बताया। पहलगाम नरसंहार, जिसके बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू हुआ था, में 25 पर्यटकों की मौत हो गई थी।
अज़ार ने कहा कि हमास ने इस इलाके के आतंकी संगठनों को प्रेरित किया है और पहलगाम हमला उसी का नतीजा था। हमने हमास के प्रतिनिधियों को यहां आकर बैठकें करते देखा है, और हमें नहीं पता कि पर्दे के पीछे क्या हो रहा है। इसे हकीकत का हिस्सा बताते हुए, इज़राइली राजदूत ने लोकतांत्रिक देशों से इस खतरे का सामना करने और उस पर "काबू पाने" की क्षमता विकसित करने का आग्रह किया। उनकी यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब जांचकर्ता 'फ्लाईदुबई' की उस भयावह घटना की जांच कर रहे हैं, जिसमें ओमान के एक को-पायलट ने कैप्टन को मारने, विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने और उसे तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश की थी। हालांकि, भारतीय नागरिक और कैप्टन स्मित मच्छार ने जवाबी कार्रवाई करते हुए और सही समय पर कॉकपिट का दरवाज़ा खोलकर इस कोशिश को नाकाम कर दिया। इससे यात्री कॉकपिट में घुस पाए और को-पायलट, जिसकी पहचान हमम अल-हम्ममी के तौर पर हुई है, को काबू में कर लिया।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi









