पिता को बेहोश देख मदद के लिए दौड़ा ढाई साल का बच्चा! फिर बगल में लेटकर रोने लगा, आखिर में जो हुआ
प्लेटफॉर्म पर पिता को बेहोश पड़ा देख ढाई साल का मासूम मदद के लिए दौड़ पड़ा. फिर वह पिता के पास लेटकर रोने लगा. वीडियो ने लोगों को भावुक कर दिया. आखिर में एक शख्स और RPF ने परिवार की मदद की.
साहिल के सुसाइड के बाद IIT बॉम्बे में बदल सकते हैं नियम, जानें अब चीटिंग करते हुए पकड़े गए तो क्या होगा?
छात्रों पर पढ़ाई का दबाव और आत्महत्या के मामलों को देखते हुए आईआईटी बॉम्बे कई नियमों को बदल सकती है. इसके तहत, संस्थान ने परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नई एसओपी का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है. नए ड्राफ्ट में छात्रों को आपत्ति दर्ज करवाने और मार्गदर्शन लेने का मौका देने पर जोर दिया गया है. इस सप्ताह आईआईटी बॉम्बे की मैनेजमेंट टीम की बैठक होगी, जिसमें इस मसौदे पर फैसला लिया जा सकता है. बता दें, यह बदलाव बीटेक के पूर्व छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद हो रहे हैं.
नई एसओपी में नकल करते हुए पकड़े जाने पर कार्रवाई से पहले छात्र को HOD से बात करने का मौका देने का प्रावधान हो सकता है. साथ ही एग्जाम में अनुचित साधनों के मामलों में दी जाने वाली सजा की भी समीक्षा की गई है.
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क्या बदलाव संभव, इससे क्या फायदा
- अगर किसी छात्र को परीक्षा में चीटिंग करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर कार्रवाई से पहले उसे किसी मेंटर से बात करने का मौका दिया जाएगा.
- परीक्षा के दौरान, ड्यूटी करने वाले इन्विजिलेटर को साफ निर्देश दिया जाएगा कि परीक्षा हॉल में संदिग्ध मामले के दौरान क्या किया जा सकता है और क्या नहीं? हॉल में घटना के वक्त क्या दर्ज किया जाना जरूरी है.
- आंसर शीट में परीक्षा से जुड़े सभी नियम सही तरीके से लिखे जाएं.
- छात्रों काे अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा. अनुशासनात्मक मामलों को संभालने और एसओपी बनाने वाली समितियों में छात्रों की बराबर भागीदारी रखी जा रही है.
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एक्सपर्ट बोले- एसओपी में इतनी देर क्यों
एजुकेशन एक्सपर्ट महेश्वर पेरी का कहना है कि कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र भी हमारे ही बच्चे हैं. अगर कोई बच्चा घर में गलती कर दे तो क्या हम उसके साथ ऐसा सुलूक करते हैं कि वह जान ही दे दे. उन्होंने कहा कि परीक्षा हॉल में अगर कोई छात्र गलती करता है तो टीचर को भी उसे अपना ही बेटा-बेटी समझना चाहिए और उसको समझाना चाहिए. किसी छात्र पर क्या कार्रवाई हो, यह सिर्फ वहां मौजूद टीचर की मर्जी पर ही नहीं रहने दिया जाना चाहिए.
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IIT बॉम्बे में इस साल तीन सुसाइड, देश का 9वां मामला
इस साल आईआईटी बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का नौवां मामला है. पिछले छह साल में 2025 में सबसे ज्यादा 16 आईआईटी छात्रों ने आत्महत्या की है. ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के अनुसार, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं.
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