पहली बार सदन में टला पीएम मोदी का भाषण? जानें पहले कब-कब प्रधानमंत्री कहां समय पर नहीं कर पाए संबोधन
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी अपनी समयबद्धता और निरंतरता के लिए जाने जाते हैं. 4 फरवरी 2026 को भी संसद के बजट सत्र के दौरान उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर संबोधन देना था. लेकिन ऐसा हो नहीं सका. सदन में जोरदार हंगामे के चलते पीएम मोदी को अपना भाषण टालना पड़ा. बीते 12 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ जब पीएम मोदी अपना भाषण संसद में समय पर नहीं दे पाए. हालांकि 2014 में कुछ ऐसे दुर्लभ मौके आए हैं जब सुरक्षा कारणों, राष्ट्रीय शोक या तकनीकी खराबी की वजह से उनके भाषण या तो टालने पड़े, रद्द करने पड़े या बीच में रोकने पड़े. आइए जानते हैं सदन के बाहर ऐसे मौके कब-कब आए.
यहां उन प्रमुख घटनाओं का विवरण दिया गया है:
1. फिरोजपुर, पंजाब (5 जनवरी 2022) - सुरक्षा में चूक
यह पीएम मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी घटना मानी जाती है. पंजाब के फिरोजपुर में एक रैली को संबोधित करने जा रहे प्रधानमंत्री का काफिला प्रदर्शनकारियों की वजह से एक फ्लाईओवर पर 15-20 मिनट तक फंसा रहा. सुरक्षा में इस बड़ी सेंध के कारण पीएम मोदी को अपनी रैली रद्द करनी पड़ी और वे बिना भाषण दिए ही बठिंडा एयरपोर्ट लौट गए. उन्होंने वहां के अधिकारियों से कहा था, "अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना कि मैं बठिंडा हवाई अड्डे तक जीवित लौट पाया."
2. बिजनौर, उत्तर प्रदेश (7 फरवरी 2022) - खराब मौसम
यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान बिजनौर में प्रधानमंत्री की एक बड़ी भौतिक रैली (Physical Rally) होनी थी. लेकिन खराब मौसम और लो-विजिबिलिटी के कारण उनके हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली. अंततः उस फिजिकल रैली और भाषण को टालना पड़ा और पीएम ने बाद में उसे 'वर्चुअल' माध्यम से संबोधित किया.
3. 'परीक्षा पे चर्चा' (2020) - मूसलाधार बारिश
जनवरी 2020 में दिल्ली में होने वाले 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम को भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण टालना पड़ा था. पहले यह कार्यक्रम 16 जनवरी को होना था, जिसे बाद में री-शेड्यूल करके 20 जनवरी को किया गया था.
4. राष्ट्रीय शोक के कारण रैलियां रद्द
पुलवामा हमला (2019): फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी ने अपनी कई राजनीतिक रैलियां और उद्घाटन कार्यक्रम तुरंत रद्द कर दिए थे.
लता मंगेशकर का निधन (2022): फरवरी 2022 में स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन के बाद पीएम मोदी ने गोवा में अपनी चुनावी जनसभा और 'डिजिटल संसद' से जुड़े कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया था.
5. तकनीकी कारणों से बीच में रुका भाषण
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF 2022): दावोस शिखर सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करते समय टेलीप्रॉम्प्टर (Teleprompter) में तकनीकी खराबी आ गई थी. इस वजह से पीएम को अपना भाषण कुछ मिनटों के लिए बीच में ही रोकना पड़ा था. इसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा भी हुई थी.
6. हालिया घटना (2025-26)
जनवरी 2026 में अजित पवार के विमान हादसे और देश में शोक की लहर के चलते भी पीएम मोदी के कुछ पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों और 'मन की बात' के विशेष खंडों में फेरबदल की खबरें आई हैं.
पीएम मोदी के भाषणों का टलना बहुत दुर्लभ होता है क्योंकि उनकी टीम 'प्लान-बी' हमेशा तैयार रखती है. ज्यादातर मामलों में भाषण रद्द होने के पीछे सुरक्षा या प्राकृतिक कारण ही रहे हैं.
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मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्री, 'नेमचा किपगेन और लोसीई दीखो' बने नए डिप्टी सीएम
Manipur News: मणिपुर में लंबे समय बाद एक बार फिर लोकतांत्रिक सरकार की वापसी हो गई है. बीजेपी विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह शपथ समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
युमनाम खेमचंद सिंह का शपथ ग्रहण ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला लिया था. गृह मंत्रालय (MHA) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई.
#WATCH | Imphal: BJP Manipur Legislature Party leader Yumnam Khemchand Singh takes oath as the Chief Minister of Manipur
— ANI (@ANI) February 4, 2026
Governor of Manipur Ajay Bhalla administers the oath at the Lok Bhavan. pic.twitter.com/Ri1Et4J0Oa
13 फरवरी 2025 से लागू था राष्ट्रपति शासन
बता दें कि मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था. अब लगभग एक साल बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 356(2) के तहत जारी उस घोषणा को वापस ले लिया है. इस संबंध में भारत के राजपत्र (असाधारण) में एक नई अधिसूचना प्रकाशित की गई है.
कब हुआ समाप्त
राजपत्र में जारी ‘प्रोक्लेमेशन’ के मुताबिक, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि 4 फरवरी 2026 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त माना जाएगा. अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति को संविधान के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए यह फैसला लिया गया है.
ये बने 2 उप मुख्यमंत्री
#WATCH | Imphal: Deputy CMs Nemcha Kipgen and Losii Dikho take oath as the Deputy Chief Ministers of Manipur
— ANI (@ANI) February 4, 2026
Governor of Manipur Ajay Bhalla administers the oath at the Lok Bhavan. pic.twitter.com/f7Koy1jhpb
मुख्यमंत्री के साथ ही नेमचा किपगेन और लोसीई दीखो ने मणिपुर के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. तीनों नेताओं को राज्यपाल अजय भल्ला ने लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. नई सरकार के गठन के बाद मणिपुर में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है. माना जा रहा है कि अब राज्य में विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों को गति मिलेगी. लंबे समय से राष्ट्रपति शासन के कारण रुकी हुई कई योजनाओं को भी अब आगे बढ़ाया जा सकेगा.
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