स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच क्यों आई दरार? क्या कप्तानी बनी दोनों के बीच मन-मुटाव की वजह
Harmanpreet Kaur vs Smriti Mandhana : भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बीते मंगलवार एक बड़ा बदलाव देखने के लिए मिला. इस अचानक आए बदलाव ने सभी क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया और सोचने पर भी काफी हद तक मजबूत कर दिया कि, ऐसा क्यों हुआ. जो भी हुआ उसकी असली वजह क्या है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने ये कदम क्यों उठाया और अचानक इस कदम के उठाए जाने की वजह क्या है? हम बात कर रहे हैं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम कप्तानी की. जी हां, बीते मंगलवार को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी कप्तानी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट कर इसके बारे में जानकारी दी. इसके बात कल ही स्मृति मंधाना को इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम का नया कप्तान घोषित कर दिया गया.
10 साल बाद हरमनप्रीत कौर ने छोड़ी कप्तानी
दरअसल, हरमनप्रीत कौर को इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम का कप्तान पहली बार साल 2012 में बनाया गया था, जब मिताली राज उपलब्ध नहीं थीं, तब वो पहली पारी साल 2012 में बतौर कार्यवाहक कप्तान नजर आई थीं. इसके बाद 2016 में उन्हें टी20 क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया. 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी मिल गई थी. वहीं 2023 में टेस्ट की भी कप्तानी उन्होंने हासिल कर ली थी. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी का कार्यकाल लगभग 10 सालों तक चला है.
स्मति मंधाना को आखिरकार मिली कप्तानी
अब टीम इंडिया की बाएं हाथ की 30 साल की सलामी बललेबाज स्मृति मंधाना को टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया है. अब स्मृति भारत के लिए टी20, वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भारत की कप्तानी करेंगी. क्रिकेट जगत के जानकारों की मानें तो स्मृति मंधाना को टीम इंडिया की कप्तानी पहले ही मिल जानी चाहिए थी. उनको कप्तानी मिलने में कई सालों की देरी हो चुकी है. कम से कम मंधाना को टी20 क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया जा सकता था.
A dawn of a new era ✨
— BCCI (@BCCI) October 6, 2026
Smriti Mandhana takes charge as the Captain of the Indian Women's cricket team ????????
Go well, Captain ????
More details ▶️ https://t.co/tbLb4jOiCn#TeamIndia | @mandhana_smriti pic.twitter.com/27AxmrUhKt
टी20 फॉर्मेट में लचर रहा है टीम इंडिया का प्रदर्शन
इंडियन क्रिकेट टीम टी20 फॉर्मेट में स्ट्रगल करती हुई नजर आती है. ऐसा टी20 वर्ल्ड कप में बार-बार देखा गया है. इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम साल 2024 और 2026 में टी20 वर्ल्ड कप से लीग स्टेज में ही बाहर हो गई थी. भारत ने अब तक एक बार भी टी20 वर्ल्ड कप का खिलाब नहीं जीता है. हालांकि भारतीय महिला टीम को एक बार वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जरूर मिला है, जो उन्होंने साल 2025 में अपनी ही सरजमीं पर जीता था.
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— BCCI Women (@BCCIWomen) October 6, 2026
A look at the remarkable numbers behind Harmanpreet Kaur’s illustrious tenure as #TeamIndia Captain ????@ImHarmanpreet pic.twitter.com/VoqA6hjsD4
हरमनप्रीत कौर को कप्तानी से हटाने के बाद और स्मृति मंधाना को कप्तान बनाए जाने के बाद से भारतीय क्रिकेट फैंस के मन में एक सवाल उठ रहा है. इस सवाल की मानें तो, फैंस को अचानक हरमनप्रीत को कप्तानी से हटाना और स्मति मंधाना को कप्तान बनाए जाना पच नहीं रही है. फैंस के मन में सवाल है कि, क्या स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच दरार आ गई है? क्या कप्तानी इन दोनों भारतीय महिला क्रिकेटर्स के बीच मन-मुटाव की वजह बन गई है. तो आइए इसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं.
स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के बीच क्यों आई दरार?
भारत की मौजूद कप्तान स्मृति मंधाना और पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के बीच क्या दरार आ गई थी. अगर हां तो, इन दोनों टीमों के बीच दरार क्यों आई थी. इसकी वजह फैंस जानना चाहते हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कप्तानी का मुद्दा हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना के बीच विवाद की वजह बना हुआ था. हरमन और मंधाना के बीच पहले रिश्ते काफी अच्छे थे. ये दोनों खिलाड़ी टीम के लिए अच्छा और बेहतर सोचने के लिए मिलकर काम करती थीं. लेकिन रिपोर्ट के मुताबकि टीम के एक सोर्स ने बताया है कि, काफी समय से इन दोनों के बीच मतभेद चल रहे हैं. इस वजह से ड्रेसिंग रूम में का माहौल भी परेशानी भरा और तनाव से भरा रहता था.
इस सबके बीच कल यानी 6 अक्टूबर यानी मंगलवार को बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना और कोच अमोल मजूमदार समेत कई चयनकर्ता मौजूद थे. ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीम का ऐलान भी कर दिया गया है. स्मृति मंधाना को कप्तान बनाया है. वहीं दीप्ति शर्मा को वनडे में उपकप्तानी मिली है, जबकि टी20 में शेफाली वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है. इन दोनों टीमों में हरमप्रीत कौर को भी बतौर खिलाड़ी शामिल किया गया है.
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— BCCI Women (@BCCIWomen) October 6, 2026
The Women's Selection Committee Meeting for #TeamIndia's squad announcement for the upcoming home series against Zimbabwe took place at the ACA Stadium in Guwahati. @lonsaikia | @mandhana_smriti pic.twitter.com/PJxNs36Cwk
क्या कप्तानी बनी दोनों के बीच मन-मुटाव की वजह
इन दोनों खिलाड़ियों के बीच क्या कप्तानी पाने की चाहत ही मन-मुटाव की वजह बनी है. ये सवाल भी फैंस के मन में आ रहा है क्योंकि हरमनप्रीत कौर टीम की कप्तानी थीं. वहीं लंबे समय से स्मृति मंधाना टीम में उपकप्तान की भूमिका में नजर आ रही थीं. भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज ने पीटीआई से बात करते हुए एक बार कहा था कि, मंधाना को 2-3 साल पहले कप्तान बनाया जाना चाहिए था. मेरे हिसाब से उन्हें दो-तीन साल पहले ही वनडे प्रारूप में कप्तानी दी जा सकती थी. वो वनडे और टेस्ट की कप्तान बन सकती हैं. टी20 की कप्तानी शेफाली वर्मा जैसी युवा खिलाड़ी को सौंपी जा सकती है.
ऐसे में स्मृति मंधाना में भी कप्तानी की चाह थी. वो जानती थीं कि, जब हरमनप्रीत कप्तानी के पद से हटेंगी तो उनको ही कप्तान बनाया जाएगा. वहीं हरमन के काम करने की शैली अलग है और मंधाना की सोच अलग हैं. ऐसे में बड़े मैचों में इन दोनों के बीच मन-मुटाव होते हैं. वनडे वर्ल्ड कप में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर हरलीन देओल को मौका दे रही थीं, वहीं जेमिमा रोड्रिग्स टीम से बाहर चल रही थीं.
मंधाना जेमिमा की बेस्ट फ्रेंड हैं. ऐसे में वो उनको प्लेइंग-11 में मौका देने के लिए तैयार थी. इसके बाद हरलीन देओल को नंबर-3 से हटाकर जेमिमा को उस पोजीशन पर मौका दिया गया. इसके बाद जेमी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में मैराथन पारी खेली. उन्होंने शतक लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचा. इसके बाद फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराकर पहले वनडे वर्ल्ड कप जीता था. इस तरह की बातें इन खिलाड़ियों के बीच मन-मुटाव पैदा करना का कारण बनीं होंगी.
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8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की बैठक में क्या-क्या हुआ? केंद्रीय कर्मियों की होगी बल्ले-बल्ले!
8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर सबसे बड़ी उम्मीद सैलरी बढ़ने की है. लेकिन रेलवे कर्मचारियों के मामले में तस्वीर से भर्ती बेसिक पे या भत्तों तक सीमित नहीं है. यहां सवाल इस बात का भी है कि कर्मचारी कितने घंटे काम कर रहे हैं? उन्हें ओवरटाइम का पैसा समय पर मिल रहा है या नहीं और काम का दबाव आखिर किस हद तक बढ़ चुका है.
दरअसल रेलवे बोर्ड की हालिया बैठक में कर्मचारी संगठनों ने कुछ ऐसे मुद्दे उठाए हैं जिनका सीधा संबंध रेलवे कर्मचारियों की रोजमर्रा की ड्यूटी और उनकी काम करने की परिस्थितियों से है. खासतौर पर लोको पायलट, रनिंग स्टाफ और ट्रैकमैन की ड्यूटी को लेकर गंभीर सवाल सामने रखे गए हैं. ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन यानी कि एआईआरएफ ने आठवीं वेतन आयोग की बैठक में लोको पायलट्स की लंबी ड्यूटी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. संगठन का कहना है कि जब नियमों में 9 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं लेने का लिखित प्रावधान है तो फिर लोको पायलट से इससे कई ज्यादा घंटे काम क्यों कराया जा रहा है?
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