मणिपुर को मिला नया मुख्यमंत्री, 'नेमचा किपगेन और लोसीई दीखो' बने नए डिप्टी सीएम
Manipur News: मणिपुर में लंबे समय बाद एक बार फिर लोकतांत्रिक सरकार की वापसी हो गई है. बीजेपी विधायक दल के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह शपथ समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
युमनाम खेमचंद सिंह का शपथ ग्रहण ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने मणिपुर से राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला लिया था. गृह मंत्रालय (MHA) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई.
#WATCH | Imphal: BJP Manipur Legislature Party leader Yumnam Khemchand Singh takes oath as the Chief Minister of Manipur
— ANI (@ANI) February 4, 2026
Governor of Manipur Ajay Bhalla administers the oath at the Lok Bhavan. pic.twitter.com/Ri1Et4J0Oa
13 फरवरी 2025 से लागू था राष्ट्रपति शासन
बता दें कि मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू था. अब लगभग एक साल बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 356(2) के तहत जारी उस घोषणा को वापस ले लिया है. इस संबंध में भारत के राजपत्र (असाधारण) में एक नई अधिसूचना प्रकाशित की गई है.
कब हुआ समाप्त
राजपत्र में जारी ‘प्रोक्लेमेशन’ के मुताबिक, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि 4 फरवरी 2026 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त माना जाएगा. अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति को संविधान के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए यह फैसला लिया गया है.
ये बने 2 उप मुख्यमंत्री
#WATCH | Imphal: Deputy CMs Nemcha Kipgen and Losii Dikho take oath as the Deputy Chief Ministers of Manipur
— ANI (@ANI) February 4, 2026
Governor of Manipur Ajay Bhalla administers the oath at the Lok Bhavan. pic.twitter.com/f7Koy1jhpb
मुख्यमंत्री के साथ ही नेमचा किपगेन और लोसीई दीखो ने मणिपुर के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. तीनों नेताओं को राज्यपाल अजय भल्ला ने लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. नई सरकार के गठन के बाद मणिपुर में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद जताई जा रही है. माना जा रहा है कि अब राज्य में विकास कार्यों और प्रशासनिक फैसलों को गति मिलेगी. लंबे समय से राष्ट्रपति शासन के कारण रुकी हुई कई योजनाओं को भी अब आगे बढ़ाया जा सकेगा.
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यूएस के साथ ट्रेड डील से भारत के टेक्सटाइल क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा, व्यापार में भी आएगी स्थिरता : एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। यूएस के साथ ट्रेड डील में भारतीय निर्यात पर टैरिफ 18 प्रतिशत तक कम होने से देश के टेक्सटाइल क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह बयान बुधवार को एक्सपर्ट्स की ओर से दिया गया।
दक्षिणी भारत मिल्स एसोसिएशन (एसआईएमए) के महासचिव सेल्वराज ने कहा कि ट्रेड डील में अमेरिका में भारतीय निर्यात पर टैरिफ 50 प्रतिशत से कम होकर 18 प्रतिशत होना, टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए लाइफलाइन की तरह काम करेगा।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, “नई दर फिलहाल प्रतिस्पर्धी निर्यात करने वाले देशों में सबसे कम है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता में इजाफा होगा”
इसके साथ, सेल्वराज ने कहा कि बीते कुछ महीनों में ब्रिटेन और फिर ईयू (यूरोपीय संघ) के साथ हुई ट्रेड डील और हाल ही में आए केंद्रीय बजट 2026-27 से इंडस्ट्री में आत्मविश्वास बढ़ा है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कृषि अर्थशास्त्री डॉ.आरएस घुमन ने कहा कि ट्रेड डील में टैरिफ का कम होकर 18 प्रतिशत हो जाने से दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इससे पूरे देश में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
डॉ. घुमन ने आगे कहा कि यह एक काफी अहम समझौता है। इसलिए आने वाले समय में हमें सामानों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा।
डॉ. घुमन ने बताया, भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में डेयरी और कृषि उत्पादों पर बाहर रखा है।
द कॉटन टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (टीईएक्सपीआरओसीआईएल) के वाइस चेयरमैन रवि सैम ने आईएएनएस से कहा कि कुछ महीने पहले अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर जो टैरिफ लगाए गए थे, वह काफी अधिक थे। इसके कारण मैन्युफैक्चरर्स का मार्जिन काफी कम हो गया था। ऐसे में ट्रेड डील होने से इंडस्ट्री को काफी राहत मिलेगी, जिसमें टैरिफ पहले के 50 प्रतिशत से कम होकर 18 प्रतिशत हो गया है।
विदेशी व्यापार विशेषज्ञ और सीए संजय एम धारीवाल ने कहा कि इस ट्रेड डील से पूरी देश के उद्योगों को फायदा होगा। इसमें टैरिफ कम होने से टेक्सटाइल और कृषि उद्योगों को तो फायदा होगा, साथ ही बिना टैरिफ वाले सेक्टर जैसे आईटी और फार्मा को भी फायदा होगा, क्योंकि इससे व्यापार को स्थिर बनाने में मदद मिलेगी।
--आईएएनएस
एबीएस/
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