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सांसदों से मिलने से मना कर सकता है चुनाव आयोग? जानिए क्या कहते हैं नियम

इससे पहले चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा था कि उसने ड्यूटी पर तैनात सबसे अपने वरिष्ठ अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजने का प्रस्ताव दिया था लेकिन सांसदों ने यह प्रस्ताव भी ठुकरा दिया। समझिए क्या कहते हैं नियम।

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हमसे पंगा मत लो, नहीं तो...नेतन्याहू ने किसे दी खतरनाक धमकी

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन  नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर की बरसी से ठीक पहले अपने मंत्रिमंडल की बैठक में इजराइल के दुश्मनों को सीधी चेतावनी दी है। नेतन्याहू ने 6 अक्टूबर को सरकारी बैठक की शुरुआत में ही हमास को लेकर कहा कि यह संगठन अब कमजोर हो चुका है। लेकिन चुनाव से पहले वह अपनी बची हुई सारी ताकत का इस्तेमाल इजराइल को चुनौती देने और चुनाव को प्रभावित करने के लिए करेगा। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम करेगा और अगर ऐसा प्रयास किया गया तो बहुत भारी ताकत से जवाब दिया जाएगा। इसके बाद नेतन्याहू ने दुश्मनों को सीधे तौर पर कहा कि हमने सात मोर्चों पर तुम्हारे साथ क्या किया वो देख लो हमारे साथ पंगा मत लेना। नेतन्याहू  का यह बयान 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले की याद और उसके बाद शुरू हुए युद्ध के संदर्भ में 7 अक्टूबर 2023 को हमास और उससे जुड़े हुए लड़ाकों ने दक्षिणी इजराइल में बड़े पैमाने पर हमले किए थे। इस हमले में इजराइल के मुताबिक बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे। कई लोगों को बंधक बना लिया गया था और उन्हें गाजा ले जाया गया था। इसके बाद इजराइल ने गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किए और यह संघर्ष धीरे-धीरे पूरे इलाके में फैल गया। इसी हमले की तीसरी बरसी के मौके पर इजराइल में मृतकों को याद किया जा रहा है और देश में एक बार फिर से उस दिन की घटनाओं को याद किया जा रहा है। 

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नेतन्याहू ने अपने बयान में उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी जो 7 अक्टूबर के हमले और उसके बाद हुए युद्ध में मारे गए। उन्होंने कहा कि पिछले 3 सालों में इजराइल ने अपने दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और उनके मुताबिक आज इजराइल मध्य पूर्व की सबसे मजबूत ताकत है। नितनया ने यह भी दावा किया कि पिछले 3 सालों में हमास के करीब 6000 लड़ाकों में से 4000 को इजराइल ने खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि गाजा में हमास का शासन समाप्त किया जाएगा। नेतन याहू ने यह भी कहा कि हमास कमजोर हो चुका है। लेकिन ठीक इसी वजह से वह अपनी बची हुई सारी ताकत के जरिए इजराइल को चुनौती देने की कोशिश कर सकता है। नेतन्याहू ने खासतौर पर आने वाले चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश पर बात की। उन्होंने साफ कहा कि इजराइल ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए तैयार है और अगर ऐसा करने की गलती की जाती है तो उसे ओवरवेल्मिंग फोर्स यानी कि बहुत भारी ताकत से जवाब दिया जाएगा। और इसके बाद नेतन्याहू ने कहा कि मैं अपने सभी दुश्मनों से कहना चाहता हूं हमने सात मोर्चों पर तुम्हारे साथ क्या किया वो देख लो हमारे साथ पंगा मत लेना। 

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नेतन्याहू का यह बयान हाल ही में फ्लाई डुबाई की घटना के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। 23 सितंबर को दुबई से तेलवी जा रही 1073 में एक गंभीर घटना हुई। विमान के अंदर ओमानी सह पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मिथ पर हमला किया। जिसके बाद विमान अचानक से हजारों फीट नीचे गिर गया। घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने कॉकपेट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की और इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने मिलकर हमलावर पर काबू पाया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित तौर पर उतारा गया था।  इस विमान में 170 से ज्यादा लोग सवार थे और ज्यादातर इजराइली थे। इस घटना के बाद इजराइल में विमान सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। इजराइयली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहो ने मामले की गहराई से जांच कराने और इजराइल आने वाली विदेशी एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की बात भी कही।

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  Sports

'इतिहास आपको बेहतर नजरिए से देखेगा', Ajit Agarkar के इस्तीफे पर Gautam Gambhir का आलोचकों को करारा जवाब, लिखा इमोशनल पोस्ट

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चीफ सेलेक्टर के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी है। इसके साथ ही गंभीर ने अगरकर के आलोचकों पर सीधा तंज कसते हुए टीम इंडिया की हालिया सफलताओं में उनके योगदान को सराहा है। अजीत अगरकर का 3 साल से अधिक का सफल कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया, जिसके बाद BCCI ने मुख्य चयनकर्ता पद के लिए नए आवेदनों की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

X पर अपने संदेश में गंभीर ने अगरकर के आलोचकों पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले तीन सालों में टीम इंडिया को जो सफलता मिली, वह 'टीम को सबसे पहले रखने' के रवैये और पक्के इरादे की वजह से मिली।

अगरकर, जिनका कार्यकाल इस हफ़्ते की शुरुआत में खत्म हुआ, उन चीफ सेलेक्टर में से थे जो बड़े और कभी-कभी अलोकप्रिय फैसले लेने से नहीं हिचकिचाते थे। उनके कार्यकाल में भारत ने टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली और रोहित शर्मा से आगे बढ़कर नए खिलाड़ियों को मौका दिया, जबकि सूर्यकुमार यादव को भारत को 2026 T20 वर्ल्ड कप का खिताब जिताने के कुछ हफ़्ते बाद ही T20I टीम से बाहर कर दिया गया।

गंभीर ने X पर लिखा, "प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही। वे 3 ICC ट्रॉफियां आपके पक्के इरादे का सबूत हैं: टीम सबसे पहले और टीम हमेशा आगे... मैं यह ज़रूर कहूंगा कि इतिहास आपको बेहतर नज़रिए से देखेगा। हर चीज़ के लिए धन्यवाद। आपके भविष्य के कामों के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं!!"

सिलेक्शन कमेटी ने भविष्य के लिए टीम तैयार करने पर भी ज़ोर दिया, जिसमें अगरकर ने अक्सर जाने-माने नामों के बजाय युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी। हर फैसला सही नहीं रहा और उनके कुछ फैसलों की आलोचना भी हुई, लेकिन उनका मुख्य नज़रिया एक जैसा रहा: भारत पीछे मुड़कर देखने के बजाय आगे बढ़ता रहा। अगरकर के जाने के तुरंत बाद भुवनेश्वर कुमार की T20I टीम में वापसी उस सोच में एक बड़ा बदलाव था, क्योंकि यह अनुभवी खिलाड़ी लगभग चार साल बाद टीम में लौटा था। गवर्निंग बॉडी ने मंगलवार को एप्लीकेशन का नोटिस जारी किया, जो अगरकर का चेयरमैन के तौर पर कार्यकाल 4 अक्टूबर को खत्म होने के ठीक 48 घंटे बाद आया। अगरकर जुलाई 2023 में सीनियर पुरुष सिलेक्शन पैनल की कमान संभालने के बाद से इसके प्रमुख थे, लेकिन खबरों से पता चला था कि वह अपना कार्यकाल आगे बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं रखते थे।

अगरकर के कार्यकाल के दौरान ही गंभीर भारतीय टीम के कोच बने और दोनों ने मिलकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए काम किया।

चीफ सिलेक्टर के तौर पर अगरकर का कार्यकाल
अगरकर ने 4 जुलाई, 2023 को भारत के सीनियर पुरुष सिलेक्शन पैनल की कमान संभाली और चेयरमैन के तौर पर तीन साल से कुछ ज़्यादा समय तक काम किया, उनका कार्यकाल अक्टूबर 2026 में खत्म हुआ। उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौर में से एक रहा, जिसमें टीम ने तीन ICC ट्रॉफियां जीतीं: 2024 T20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 T20 वर्ल्ड कप। उनके कार्यकाल के दौरान भारत 2023 ODI वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंचा।

अगरकर के कार्यकाल के दौरान सिलेक्शन कमेटी मीडिया के लिए ज़्यादा सुलभ रही; भारत के पूर्व ऑलराउंडर सिलेक्शन मीटिंग के बाद नियमित रूप से प्रेस से बात करते थे और बड़े फैसलों के पीछे की सोच बताते थे। अगरकर ने खुद इस काम की प्रकृति को समझा और कहा कि हर किसी को खुश करना नामुमकिन है और भारतीय क्रिकेट में लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए सिलेक्टर्स को आलोचना का सामना करना ही पड़ेगा।

हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से अछूता नहीं रहा। सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक थी रोहित शर्मा और विराट कोहली के ODI भविष्य को लेकर अनिश्चितता, क्योंकि भारत 2027 वर्ल्ड कप की ओर देख रहा था। अक्टूबर 2025 में, अगरकर ने सार्वजनिक रूप से इन दोनों दिग्गजों के बने रहने का समर्थन किया और कहा कि उनके शानदार ODI रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें "ट्रायल" पर नहीं रखा जाएगा। 2026 में अनिश्चितता का माहौल फिर से बन गया, खासकर रोहित के भविष्य को लेकर, क्योंकि अगरकर और BCCI के बीच इस बात पर मतभेद की खबरें थीं कि इस अनुभवी खिलाड़ी के वनडे करियर को कैसे संभाला जाए। आगे चलकर यह मुद्दा अगरकर का कार्यकाल खत्म होने की वजहों में से एक बना।

ऐसे मौके भी आए जब चयनकर्ताओं के फैसलों की प्रशंसकों और क्रिकेट जगत के कुछ हिस्सों ने आलोचना की, खासकर तब जब जाने-माने खिलाड़ियों को धीरे-धीरे टीम से बाहर किया गया।

Wed, 07 Oct 2026 14:14:00 +0530

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