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गोक्षुरा और चंद्रशूरा के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर, आयुष मंत्रालय ने किया एक्सपर्ट कमेटी का गठन

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में औषधीय पौधों का महत्व सदियों से रहा है। आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी जैसी प्रणालियों में इन पौधों का इस्तेमाल स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए किया जाता है। ऐसे ही दो महत्वपूर्ण पौधे हैं गोक्षुरा और चंद्रशूरा।

चंद्रशूरा को लेपिडियम सैटिवम के नाम से जाना जाता है। ये अपने पोषण और सेहत से भरपूर गुणों के लिए प्रसिद्ध है। आयुर्वेद में इसे पाचन सुधारने, शरीर को बल देने और समग्र ऊर्जा बढ़ाने वाली औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह एक सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाला पौष्टिक पौधा है।

दूसरी ओर गोक्षुरा, जिसे ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस भी कहा जाता है, पारंपरिक चिकित्सा में एक खास स्थान रखता है। इसके इस्तेमाल का इतिहास बहुत पुराना है और पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर में इसके प्रति लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है। इसी वजह से वैज्ञानिक और शोध समुदाय भी अब इसके पारंपरिक उपयोगों को आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर समझने की कोशिश कर रहा है।

आज जब दुनियाभर में हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों का चलन बढ़ रहा है, तो इनकी गुणवत्ता, प्रभाव और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं के भरोसे और सुरक्षित इस्तेमाल के लिए जरूरी है कि इन पौधों पर ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हों। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है।

मंत्रालय ने गोक्षुरा और चंद्रशूरा जैसे दो महत्वपूर्ण औषधीय पौधों की सुरक्षा प्रोफाइल पर अब ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इनसे जुड़ी नई रेगुलेटरी चिंताओं को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने एक अहम कदम उठाया है। मंत्रालय ने अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक मल्टीडिसीप्लिनरी एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है।

यह कमेटी सबूतों पर आधारित तकनीकी रिपोर्ट यानी डोजियर तैयार करेगी। इन रिपोर्टों का मुख्य उद्देश्य इन औषधीय पौधों के बारे में वैज्ञानिक समझ को मजबूत करना है। इसके साथ ही यह पता लगाना है कि अभी किन क्षेत्रों में जानकारी की कमी है और भविष्य में किस तरह के शोध की जरूरत है।

मंत्रालय का मानना है कि इस तरह की तकनीकी रिपोर्ट्स से रेगुलेटरी संस्थाओं को सही और वैज्ञानिक फैसले लेने में मदद मिलेगी। इससे न केवल इन पौधों के सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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आरबीआई एमपीसी बैठक: वित्त वर्ष 2027 के लिए 7.1 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान, नीतिगत रुख सख्त

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती महंगाई के जोखिमों के बावजूद आरबीआई ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा जताया है।

मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद गवर्नर ने कहा कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां वैश्विक चुनौतियों के बीच भी लचीली बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज की, जो मजबूत घरेलू मांग और निवेश गतिविधियों का परिणाम है।

आरबीआई के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (क्यू2) में वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही (क्यू3) में 6.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही (क्यू4) में 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए भी 7.1 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान केंद्रीय बैंक के अर्थव्यवस्था पर बने विश्वास को दर्शाता है।

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों में कारोबारी गतिविधियां विस्तार की राह पर हैं। दूसरी तिमाही के दौरान मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई वृद्धि क्षेत्र में बने रहे, हालांकि उनकी गति पिछली तिमाही की तुलना में कुछ धीमी हुई है।

महंगाई के मोर्चे पर आरबीआई ने चिंता जताई है। गवर्नर ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति का दबाव अब व्यापक रूप लेता जा रहा है और चीनी तथा प्याज जैसी वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। अगस्त में खाद्य और ईंधन महंगाई दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका एक कारण आधार प्रभाव (बेस इफेक्ट) भी रहा।

उन्होंने कहा कि आरबीआई महंगाई के रुझानों का आकलन करने के लिए महंगाई अपेक्षाओं, कंपनियों के मूल्य निर्धारण व्यवहार, कोर इन्फ्लेशन और विभिन्न आर्थिक संकेतकों पर लगातार नजर रख रहा है।

केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में वृद्धि के साथ अन्य प्रमुख दरों में भी संशोधन किया है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) दर को 5.25 प्रतिशत तथा मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर और बैंक रेट को 5.75 प्रतिशत कर दिया गया है।

वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए गवर्नर ने कहा कि दुनिया भर में मुद्रास्फीति दबाव बढ़ने की आशंका है, जिसके कारण प्रमुख केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति को और सख्त बना रहे हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने कच्चे तेल के दाम भी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर रहे हैं।

आरबीआई का मानना है कि घरेलू मांग, निवेश गतिविधियां, सेवा क्षेत्र की मजबूती और विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार भारतीय अर्थव्यवस्था को समर्थन देते रहेंगे। हालांकि महंगाई, ऊर्जा कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर लगातार निगरानी बनाए रखना आवश्यक होगा।

भारत का व्यापार घाटा जुलाई और अगस्त में बढ़कर 58.7 अरब डॉलर हो गया, जबकि पिछले साल इन्हीं दो महीनों में यह 55.1 अरब डॉलर था।

आरबीआई प्रमुख मल्होत्रा ​​ने एमपीसी के बयान में कहा, यह मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक सामान और कच्चे तेल के आयात के कारण हुआ है। आगे चलकर, वैश्विक व्यापार वृद्धि में नरमी, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और व्यापार नीति में बनी अनिश्चितताएं इस साल भारत के चालू खाता घाटे के लिए जोखिम पैदा करती हैं।

आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ​​ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में पिछले वर्ष के 9.6 बिलियन डॉलर की तुलना में लगातार सुधार दर्ज किया गया और यह 13.8 अरब डॉलर रहा।

इसके साथ ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा, मुद्रास्फीति के निकट भविष्य के दृष्टिकोण से पता चलता है कि आपूर्ति पक्ष पर दबाव बना रहेगा, जिसके कई कारण हैं: दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी, अल नीनो की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता। इस वर्ष सीपीआई मुद्रास्फीति 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें दूसरी तिमाही में 4.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.7 प्रतिशत रहने की संभावना है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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  Sports

Shreyas Iyer ने शतक लगाकर ICC T20I Rankings के टॉप 10 में बनाई जगह, पहुंचे 7वें नंबर पर

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ICC मेन्स T20I प्लेयर रैंकिंग में सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। अपने पहले T20I शतक की बदौलत वे अपने इंटरनेशनल करियर में पहली बार टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब रहे। लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की पांच मैचों की सीरीज़ के पहले मैच में अय्यर ने शानदार शतक लगाया, जिससे ICC की हर मंगलवार को अपडेट होने वाली रैंकिंग में उन्हें 18 पायदान का ज़बरदस्त उछाल मिला। 31 साल के दाएं हाथ के बल्लेबाज़ अब T20I बल्लेबाज़ों की रैंकिंग में सातवें स्थान पर हैं, जो उनके करियर का एक अहम पड़ाव है।

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अय्यर के इस उछाल के साथ ही T20I रैंकिंग के टॉप 10 में भारत के चार बल्लेबाज़ शामिल हो गए हैं। ईशान किशन लिस्ट में सबसे ऊपर हैं, उनके बाद दूसरे नंबर पर अभिषेक शर्मा, सातवें नंबर पर अय्यर और दसवें नंबर पर तिलक वर्मा हैं। ये रैंकिंग ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के मौजूदा चैंपियन के तौर पर भारत की बल्लेबाज़ी की मज़बूती को दिखाती है। T20I बॉलिंग रैंकिंग में भी बड़े बदलाव हुए हैं। जापान में एशियन गेम्स खत्म होने के बाद, अफ़गानिस्तान के राशिद खान ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद से नंबर 1 की जगह वापस हासिल कर ली है। साथ ही, क्रिकेट के सबसे छोटे फ़ॉर्मेट के लिए व्यस्त रहे इस हफ़्ते में तीन नए गेंदबाज़ों ने टॉप 10 में जगह बनाई है।

भारत के स्पिनर अक्षर पटेल 16 पायदान ऊपर चढ़कर सातवें स्थान पर पहुँच गए हैं, जबकि बांग्लादेश के नसुम अहमद (तीन पायदान ऊपर चढ़कर आठवें स्थान पर) और महेदी हसन (10 पायदान ऊपर चढ़कर नौवें स्थान पर) भी रैंकिंग में तेज़ी से आगे बढ़ने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। हाल ही में भारत में हुई सीरीज़ के बाद ODI रैंकिंग में भी कुछ बदलाव हुए हैं, जिसमें भारत और वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ियों को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है।

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ODI रैंकिंग में, गुवाहाटी में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ सीरीज़ जिताने वाले दूसरे ODI मैच में शुभमन गिल की रिकॉर्ड-तोड़ नाबाद 223 रनों की पारी ने बल्लेबाज़ों की रैंकिंग में उनकी बढ़त को और मज़बूत कर दिया है। अब वह 841 रेटिंग पॉइंट्स के साथ टॉप पर हैं। सीरीज़ के आखिरी मैच में 162 रनों की पारी खेलने के बाद वेस्टइंडीज़ के कप्तान शाई होप ODI बल्लेबाज़ों की अपडेटेड लिस्ट में दो पायदान ऊपर चढ़कर छठे स्थान पर पहुँच गए हैं, जबकि भारत के अनुभवी खिलाड़ी केएल राहुल सात स्थान की छलांग लगाकर संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर पहुँच गए हैं। 

Wed, 07 Oct 2026 15:26:00 +0530

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