Surya Gochar 2026: अक्टूबर के महीने में होगा सूर्य का गोचर, इन राशियों की बढ़ेगी टेंशन
Surya Gochar 2026: सूर्य का राशि परिवर्तन होने वाला है. जी हां, 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करने वाले हैं. इस गोचर को कुछ राशियों के लिए सही नहीं माना जा रहा है. फिलहाल सूर्य कन्या राशि में स्थित है. 17 अक्टूबर को यहां से निकलने के बाद वह 16 नवंबर तक तुला राशि में रहने वाले हैं. तुला राशि में विराजमान सूर्य को नीच का माना जाता है. इसलिए, यह गोचर आगामी दिनों में कई राशियों पर खतरा लाने का काम कर सकता है. आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में.
सूर्य गोचर का इन 4 राशियों पर दुष्प्रभाव
1.मिथुन राशि
सूर्य का तुला राशि में प्रवेश करने के बाद आपके लिए चीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं पूरी होंगी. योजनाओं को पूरा कर पाना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है. इस महीने में अपने खर्चों पर नियंत्रण रखना होगा. गैर जरूरी चीजों पर पैसा खर्च करने से बचना चाहिए. आप लोगों क आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए. परिस्थितियां मन के मुताबिक न होने पर धैर्य बनाए रखना ही आपके लिए बेहतर होगा.
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2.कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए भी सूर्य का गोचर आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव डालने वाला है. आप लोगों की पैसों से जुड़ी चिंता बनी रहने वाली है. कोई बात सुनने को मिल सकती है, जो आपके दिल को ठेस पहुंचाएगी. आप लोगों को इस वक्त अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पहले से अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. घर-परिवार का माहौल भी इस समय आपको थोड़ी परेशानी दे सकता है. सरकारी तंत्रों से जुड़े मामलों में दिक्कतें आ सकती हैं.
3.धनु राशि
धनु राशि के लोगों के लिए भी अक्टूबर का महीना उलझनों से भरा हो सकता है. इन लोगों को तुला राशि में सूर्य के गोचर से कई मामलों में परेशानियां देखने को मिलेगी. इन्हें अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है. कोई बीमारी सामने आ सकती है. कोई महत्वपूर्ण काम पूरे होते-होते रुक भी सकते हैं. इससे आप लोगों में तनाव की स्थिति बढ़ सकती है और बार-बार ऐसा महसूस होने पर आपको घबराहट होगी. आप लोगों को इस समय भाग्य का साथ नहीं मिलेगा. नौकरी से जुड़ी परेशानियों के बारे में भी पता लगेगा. कामकाज में परिस्थितियां आपके लिए चुनौतिपूर्ण हो सकती है. पैसों से संबंधित मामलों में जल्दबाजी बिल्कुल न करें. कोई भी आर्थिक फैसला सोच-समझकर ही लें.
4.कुंभ राशि
कुंभ राशि के लोगों को अक्टूबर के महीने में बहुत ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है. सूर्य का तुला राशि में गोचर होने के बाद आप लोग बेफिजुल की चीजों पर पैसा खर्च कर सकते हैं. इससे आपका आर्थिक पक्ष कमजोर हो सकता है. खर्च और बचत के बीच संतुलन नहीं बैठ पाएगा. प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में ज्यादा भागदौड़ करनी पड़ेगी. इन परिस्थितियों के कारण मन भारी-भारी रह सकता है. शत्रु पक्ष भी चीजों को खराब करने की पूरी कोशिश करेगा. आप लोगों को सलाह दी जाती है कि इस समय अपना आपा बिल्कुल न खोएं और हर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
गोक्षुरा और चंद्रशूरा के सुरक्षित इस्तेमाल पर जोर, आयुष मंत्रालय ने किया एक्सपर्ट कमेटी का गठन
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में औषधीय पौधों का महत्व सदियों से रहा है। आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी जैसी प्रणालियों में इन पौधों का इस्तेमाल स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए किया जाता है। ऐसे ही दो महत्वपूर्ण पौधे हैं गोक्षुरा और चंद्रशूरा।
चंद्रशूरा को लेपिडियम सैटिवम के नाम से जाना जाता है। ये अपने पोषण और सेहत से भरपूर गुणों के लिए प्रसिद्ध है। आयुर्वेद में इसे पाचन सुधारने, शरीर को बल देने और समग्र ऊर्जा बढ़ाने वाली औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह एक सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाला पौष्टिक पौधा है।
दूसरी ओर गोक्षुरा, जिसे ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस भी कहा जाता है, पारंपरिक चिकित्सा में एक खास स्थान रखता है। इसके इस्तेमाल का इतिहास बहुत पुराना है और पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर में इसके प्रति लोगों की दिलचस्पी काफी बढ़ी है। इसी वजह से वैज्ञानिक और शोध समुदाय भी अब इसके पारंपरिक उपयोगों को आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर समझने की कोशिश कर रहा है।
आज जब दुनियाभर में हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों का चलन बढ़ रहा है, तो इनकी गुणवत्ता, प्रभाव और सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। उपभोक्ताओं के भरोसे और सुरक्षित इस्तेमाल के लिए जरूरी है कि इन पौधों पर ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध हों। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लिया है।
मंत्रालय ने गोक्षुरा और चंद्रशूरा जैसे दो महत्वपूर्ण औषधीय पौधों की सुरक्षा प्रोफाइल पर अब ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इनसे जुड़ी नई रेगुलेटरी चिंताओं को देखते हुए आयुष मंत्रालय ने एक अहम कदम उठाया है। मंत्रालय ने अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए एक मल्टीडिसीप्लिनरी एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है।
यह कमेटी सबूतों पर आधारित तकनीकी रिपोर्ट यानी डोजियर तैयार करेगी। इन रिपोर्टों का मुख्य उद्देश्य इन औषधीय पौधों के बारे में वैज्ञानिक समझ को मजबूत करना है। इसके साथ ही यह पता लगाना है कि अभी किन क्षेत्रों में जानकारी की कमी है और भविष्य में किस तरह के शोध की जरूरत है।
मंत्रालय का मानना है कि इस तरह की तकनीकी रिपोर्ट्स से रेगुलेटरी संस्थाओं को सही और वैज्ञानिक फैसले लेने में मदद मिलेगी। इससे न केवल इन पौधों के सुरक्षित इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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