RBI ने साढ़े तीन साल बाद Repo Rate 0.25 प्रतिशत बढ़ाया, 5.5 प्रतिशत हुई नीतिगत दर
मुंबई, सात अक्टूबर भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के साथ प्रमुख नीतिगत ब्याज दर रेपो को लगभग साढ़े तीन साल बाद 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अपने रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘जरूरत के अनुसार सख्त’ करने का निर्णय किया। इसका मतलब है कि आरबीआई परिस्थितियों के अनुसार जरूरत पड़ने पर नीतिगत दर में वृद्धि कर सकता है।
साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया, जो पहले 6.7 प्रतिशत था। वहीं मुद्रास्फीति के अनुमान को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत किया गया है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की सोमवार से शुरू तीन दिन की बैठक में लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए एमपीसी ने आम सहमति से नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत करने का निर्णय किया।’’ यह फरवरी, 2023 के बाद पहला मौका है जब नीतिगत दर में वृद्धि की गयी है।
इससे पहले पिछले साल फरवरी से दिसंबर, 2025 तक रेपो दर में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी। इस साल फरवरी, अप्रैल, जून तथा अगस्त की द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नीतिगत दरों में आगे कटौती की संभावना नहीं है।
इसमें या तो वृद्धि होगी या यह स्थिर रहेगी रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। आरबीआई के रेपो दर बढ़ाने से आवास, वाहन और वाणिज्यिक कर्ज की मासिक किस्त बढ़ सकती है।
RBI मौद्रिक नीति से पहले Rupee में कमजोरी, US Dollar के मुकाबले 96.45 पर फिसला
मुंबई, सात अक्टूबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मौद्रिक नीति संबंधी फैसले से पहले रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 10 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.45 पर आ गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजारों से विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर के 102 के ऊपर रहने से रुपये पर लगातार दबाव है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.37 प्रति डॉलर पर खुला।
इसके बाद इसमें गिरावट आई और यह 96.45 प्रति डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 10 पैसे की गिरावट है। रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.35 पर बंद हुआ था। भारतीय रिजर्व बैंक बुधवार को सुबह 10 बजे अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.19 प्रतिशत बढ़कर 102.02 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.91 प्रतिशत बढ़कर 101.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 460 अंक फिसलकर 72,599.05 अंक पर और निफ्टी 164.80 अंक टूटकर 22,610.85 अंक पर आ गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 2,961.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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