Sensex 460 अंक फिसला, RBI नीतिगत फैसले से पहले Nifty भी 22610 पर लुढ़का
मुंबई, सात अक्टूबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मौद्रिक नीति संबंधी फैसले से पहले सतर्क रुख और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच दो सत्र की तेजी के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में बुधवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 460 अंक फिसलकर 72,599.05 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 164.80 अंक टूटकर 22,610.85 अंक पर रहा। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से टाइटन, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुति, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में सबसे अधिक गिरावट रही।
वहीं बजाज फाइनेंस और भारती एयरटेल के शेयर बढ़त में रहे। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 1.01 प्रतिशत बढ़कर 101.6 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 2,961.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक समाप्त होने के बाद केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा बुधवार को सुबह 10 बजे नीतिगत दर पर फैसला घोषित करेंगे।
सेंसेक्स मंगलवार को 685.34 अंक और निफ्टी 220.35 अंक चढ़कर बंद हुआ था।
KPSC परीक्षा धांधली: ED ने पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार और सदस्य को किया गिरफ्तार
बेंगलुरु, सात अक्टूबर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और सदस्य बी. वी. गीता को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छह अक्टूबर को हिरासत में लिया गया।
ईडी का मामला राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकी पर आधारित है। इन प्राथमिकियों में केपीएससी द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले की जांच के तहत इससे पहले कर्नाटक लोक सेवा आयोग के पूर्व परीक्षा नियंत्रक एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और कथित बिचौलिए बसवराज कनाले को गिरफ्तार किया था।
ईडी का आरोप है कि कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत उम्मीदवारों से संपर्क किया और चयन के लिए प्रति उम्मीदवार 70 लाख से 80 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी। अधिकारियों ने पहले बताया था कि एजेंसी प्रश्नपत्र लीक होने, ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ और केपीएससी अधिकारियों के रिश्तेदारों के अंतिम चयन में मदद किए जाने के आरोपों की भी जांच कर रही है।
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