अब पकड़ी जाएगी दवाओं की ओवरचार्जिंग! 1 नवंबर से QR कोड बताएगा अस्पताल ने कितने में खरीदी दवा
उत्तर प्रदेश के अस्पतालों की फार्मेसियों में दवाओं की मनमानी कीमत वसूली जाने की शिकायतों के बीच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब मरीजों को यह जानने का पूरा अधिकार होगा कि अस्पताल ने जो दवा उन्हें बेची, वह असल में कितने में खरीदी गई थी. इससे मरीज ठगे जानें से बच सकेंगे और दवाएं एक तय कीमत से अधिक नहीं बेंची जा सकेंगी. यह नई व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होने जा रही है.
यह फैसला अचानक क्यों लिया गया?
दरअसल, हाल ही में FSDA की अपनी जांच में हुआ एक चौंकाने वाला खुलासा है. दरअसल, विभाग ने प्रदेश के 214 अस्पतालों की फार्मेसियों से आंकड़े जुटाकर 130 दवाओं का विश्लेषण किया. जिसमें 36 दवाओं की MRP उनकी खरीद कीमत से 10 गुने से भी ज्यादा पाई गई. इतना ही नहीं कुछ मामलों में तो यह अंतर 67 गुना तक दर्ज हुआ. जांच रिपोर्ट के मुताबिक सबसे चौंकाने वाला मामला पॉलिमिक्सिन-बी इंजेक्शन का रहा, जिसे फार्मेसी ने महज 74.09 रुपये में खरीदा था, लेकिन उसकी MRP 4,980.94 रुपये तय कर दी गई थी.
विभाग के मुताबिक यह गड़बड़ी कहां हो रही थी?
FSDA के अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में दवा निर्माता, मार्केटिंग कंपनियां और स्टॉकिस्ट अस्पतालों को MRP से काफी कम दर पर दवाएं उपलब्ध करा रहे थे. लेकिन असली सवाल यह था कि इस छूट का फायदा आखिर मरीजों तक पहुंच भी रहा था या नहीं. अब जांच में ये साफ हुआ कि ज्यादातर मामलों में यह राहत मरीज तक पहुंचने की बजाय अस्पताल या फार्मेसी के मुनाफे में तब्दील हो रही थी.
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) द्वारा की गई इस जांच में दवाओं की खरीद और एमआरपी (MRP) में भारी मुनाफे का यह खेल खुलकर सामने आया है।
— Saurabh Gupta (@Saurabh78344628) October 5, 2026
विभाग ने प्रदेशभर के 214 मेडिकल कॉलेजों और निजी अस्पतालों की फार्मेसियों से कुल 130 दवाओं के आंकड़े जुटाए थे। इनमें से 36… pic.twitter.com/z0plTXWsn1
नई व्यवस्था में मरीजों को क्या जानकारी मिलेगी?
अब अस्पताल परिसर में या भर्ती मरीजों के लिए संचालित फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट पर हर दवा की पूरी जानकारी देनी होगी. इसमें दवा बनाने वाली कंपनी का नाम, ब्रांड, जेनरिक नाम के साथ-साथ 'प्राइस टू रिटेल' यानी वह कीमत जिस पर फार्मेसी ने दवा खरीदी और 'प्राइस टू कंज्यूमर' यानी वह कीमत जिस पर मरीज को दवा बेची गई दोनों सार्वजनिक करनी होंगी. बता दें ये नया नियम सिर्फ दवाओं तक ही सीमित नहीं है. बल्कि मेडिकल डिवाइस और न्यूट्रास्युटिकल्स पर भी यह लागू होगा.
मरीज यह जानकारी कैसे देख पाएंगे?
इसके लिए हर फार्मेसी काउंटर पर वेबसाइट का लिंक और एक QR कोड प्रमुखता से लगाना अनिवार्य होगा. मरीज या उनके परिजन बस अपने मोबाइल से यह QR कोड स्कैन करेंगे और तुरंत उन्हें दवा की खरीद और बिक्री कीमत की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी.
1 नवंबर से अस्पताल फार्मेसियों में सार्वजनिक होगी दवाओं की खरीद-बिक्री कीमत
— Vineet G ???????? (@aapka_vineet) October 6, 2026
यूपीएफएसडीए ने सभी रिटेल फार्मेसियों को पब्लिक वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए, लाइसेंस, फार्मासिस्ट और साप्ताहिक स्टॉक की जानकारी भी होगी ऑनलाइन
मरीजों के हित में अस्पताल फार्मेसियों को मूल्य सूची…
सिर्फ दवा की कीमत ही बताई जाएगी या कुछ और भी?
सिर्फ कीमत तक बात सीमित नहीं है. यूपीएफएसडीए के निर्देश के मुताबिक हर रिटेल फार्मेसी को अपनी पब्लिक वेबसाइट पर फार्मेसी का नाम, लाइसेंस नंबर, लाइसेंसधारक का नाम और परिसर का पूरा पता भी देना होगा. इसके अलावा फार्मेसी या अस्पताल में काम करने वाले फार्मासिस्ट का नाम, उसका पंजीकरण नंबर और फोटो भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.
स्टॉक की जानकारी को लेकर क्या नियम बनाया गया है?
फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट पर स्टॉक की जानकारी हर सप्ताह अपडेट करनी होगी. इससे मरीजों को यह भी पता चल सकेगा कि किसी जरूरी दवा की उपलब्धता संबंधित फार्मेसी में है या नहीं, जिससे इलाज के दौरान होने वाली परेशानी कुछ हद तक कम हो सकेगी.
नवरात्रि के मद्देनजर व्यापारियों को क्या राहत दी गई है?
इसी बैठक में व्यापारियों के हित में भी एक अहम फैसला लिया गया है. त्योहारी सीजन और बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए नए थोक दवा विक्रय लाइसेंस जारी करने पर लगी रोक को 11 अक्टूबर 2026 से हटाने का फैसला किया गया है, ताकि नवरात्रि के दौरान दवा आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट न आए.
दवाई कंपनियों से कमीशन की शक्कर लेकर शिकंजी बनाकर गटक जानेवाली भाजपा सरकार दवाई कंपनियों पर क्या शिकंजा कसेगी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 5, 2026
जो भाजपाई ‘चंदा-चढ़ावा-दान’ चोरी तक करने में नहीं शर्माते हैं, जो निवेश के लिए भी एडवांस कमीशन खाकर अपने काले कारनामों को ख़ुद ही क्लीन चिट दे देते हैं, दूसरों की… pic.twitter.com/QR2GrhwS5z
क्या इस नियम का पालन न करने पर कोई कार्रवाई भी होगी?
FSDA की जांच पहले ही कई बड़ी गड़बड़ियां उजागर कर चुकी है, ऐसे में विभाग के इस कदम से साफ है कि आने वाले समय में नियम तोड़ने वाली फार्मेसियों पर भी सख्ती बढ़ने की पूरी संभावना है. इससे मरीजों को फायदा होगा, अब तक मरीज सिर्फ पैकेट पर छपी MRP देखकर भुगतान करते थे, जबकि असल खरीद कीमत और बिक्री कीमत के बीच का भारी अंतर पूरी तरह छिपा रहता था.
Middle East Tension: हूतियों का फिर से सऊदी अरब पर हमला, मक्का-मदीना शहर को भी बना चुके हैं निशाना
Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में युद्ध का दौर जारी है. एक ओर जहां अमेरिका और इजराइल ईरान को निशाना बना रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं. अब एक बार फिर हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमला कर दिया है. सऊदी अरब के जजान और नजरान स्थित हवाईअड्डों को सोमवार को दो अलग-अलग हमलों में निशाना बनाया गया. सऊदी विमानन प्राधिकरण की मानें तो हमलों में तीन लोग घायल हो गए हैं. हमले में सऊदी को अधिक नुकसान नहीं हुआ है.
हूती विद्रोहियों के खिलाफ यमनी सेना ने खोला मोर्चा
यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है, जब सऊदी समर्थित यमन सरकार की सेना ने हूती विद्रोहियों सैन्य अभियान तेज कर दिया है. यमनी सेना के समर्थन में सऊदी सरकार ने हवाई हमलों को काफी तेज कर दिया है. इस वजह से हूती विद्रोही सऊदी अरब के हवाईअड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिया है.
यमनी सैनिकों ने रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के पास के इलाकों पर दोबारा कब्जा कर लिया है. सेना अब मोचा की ओर बढ़ रही है, जिस वजह से हूती विद्रोहियों पर दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है.
हवाई अड्डों पर नुकसान का आकलन
सऊदी अरूब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि वह किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नजरान इंटरनेशनल हवाईअड्डों पर हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है. प्राधिकरण ने कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और देश की सिविल एविएशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं.
हूतियों ने सऊदी की इन जगहों को निशाना बनाया
हूती विद्रोही ने दावा किया कि उन्होंने आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, खमीस मुशायत स्थित एक सैन्य अड्डे और राबिघ में अरामको की तेल रिफाइनरी पर मिसाइल से अटैक किए. हमलों में सऊदी-हूती संघर्ष और गहरा गया है. इसका असर, अब यमन की सीमाओं से बाहर निकलकर सऊदी अरब के सैन्य और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर साफ दिखाई दे रहा है.
मक्का पैक्ट की बातें उठीं
सऊदी में संघर्ष के तेज होने के बीच, मक्का रक्षा समझौते की बातें फिर बढ़ गईं हैं, जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये अपने सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को लागू करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं.
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