'पुलिस अपराधियों को गोली न मारे तो क्या खाए,' क्रिमिनल्स पर एक्शन को लेकर बोले सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर और पुलिसा कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि पुलिस की कार्रवाई पर अकसर प्रश्न उठाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि अपराधियों को पुलिस गोली न मारे तो क्या उनसे गोली खाए. ये बात सीएम योगी ने यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में अपने संबोधन के दौरान कही.
यूपी में 2012 से 2017 के बीच 900 से अधिक दंगे हुए
इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "...उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 के बीच 900 से अधिक दंगे हुए. ऐसा कोई शहर नहीं था जहां कर्फ्यू न लगा हो. उस दौरान शायद ही कोई उद्यमी, डॉक्टर या व्यापारी ऐसा रहा हो जिसने 'गुंडा टैक्स' न चुकाया हो... ऐसे में जब प्रधानमंत्री और हमारी पार्टी ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी, तो हमें इस चुनौती का सामना करना था और साथ ही हर नागरिक में विश्वास जगाना था.
#WATCH | Lucknow: Speaking at UP Pharma Conclave 1.0, UP Chief Minister Yogi Adityanath says, "...In Uttar Pradesh between 2012 and 2017, more than 900 riots occurred. There wasn't a single city that hadn't experienced a period of curfew. There wouldn't have been a single… pic.twitter.com/nvqcBkMVJD
— ANI (@ANI) February 3, 2026
निश्चित तौर पर हम यह चुन-चुनकर नहीं कर सकते थे. हमने जीरो टॉलरेंस का निर्णय लिया और इसे सभी पर समान रूप से लागू किया. हमारा अपना कोई व्यक्ति कोई गलत काम करता है, तो उस पर भी वही कानून लागू किया जाता है. जो किसी माफिया या अपराधी पर लागू होता है."
जो जिस भाषा में समझता है उसे उसी भाषा में समझाया
अपने संबोधन में यूपी सीएम ने कहा कि हमने अपने कानून नीति के तहत जिसे जो भाषा आती है उसे उसी की भाषा में समझाया. "हमने इसे कानून के दायरे में रहकर करने की कोशिश की, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि अगर सामने वाला व्यक्ति कानून से नहीं डरता, तो उसे कानून के दायरे में लाना और उसे कानून की भाषा समझाना जरूरी होता है.
कई बार लोग टिप्पणी करते हैं और पूछते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई? अगर पुलिस गोली नहीं चलाती, तो क्या पुलिस को गोली मार देनी चाहिए? दोनों बातें एक साथ नहीं हो सकतीं. अगर उस अपराधी को गोली चलाने की आजादी है, तो हमने पुलिस को पिस्तौलें इसलिए दी हैं ताकि वे भी उनका सामना कर सकें. जब उनसे इस तरह की भाषा में बात की जाती है.
9 वर्षों में प्रदेश में बड़े सकारात्मक बदलाव हुए
सीएम योगी ने कहा बीते दशक खास तौर पर 9 साल में कई सकारात्म बदलाव हुए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में बड़े सकारात्मक बदलाव हुए हैं. सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है. कोई भी शांति भंग, अराजकता या फिरौती की बात नहीं करता. कोई दंगा नहीं, कोई अशांति नहीं, कोई जबरन वसूली नहीं. ऐसी स्थिति कहीं भी नहीं है और उत्तर प्रदेश एक उत्कृष्ट निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है.
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भारत-अमेरिका ट्रेड डील: कौन-कौन से सामान हो सकते हैं सस्ते? यहां देखें लिस्ट
मुंबई, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच रेसिप्रोकल टैरिफ घटाने को लेकर हुए समझौते से देश में कई तरह के सामान सस्ते हो सकते हैं। इसमें टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों से लेकर कुछ कृषि उत्पाद तक शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील से लैपटॉप, मोबाइल गैजेट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे टेक हार्डवेयर और उनके पार्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड सामान और घरेलू उपकरण भी कम इंपोर्ट खर्च की वजह से सस्ते हो सकते हैं।
दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोसेस्ड फूड जैसे कृषि उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क घट सकता है, जिससे बढ़ती खाद्य महंगाई के दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से डील की पूरी शर्तों की आधिकारिक जानकारी अभी आना बाकी है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार के तरीके को नया रूप दे सकती है। इससे भारत के टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ा सेक्टर को टैरिफ कटौती का फायदा मिल सकता है।
जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर, जो भारत का बड़ा निर्यात क्षेत्र है, को इस ट्रेड डील से फायदा मिल सकता है। इसके अलावा स्टील और केमिकल जैसे औद्योगिक और इंजीनियरिंग सामान को भी बाजार में आसानी से पहुंच मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर जैसे कुछ उत्पादों पर अभी भी करीब 50 प्रतिशत तक ड्यूटी लग सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार, कुछ ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर नई ट्रेड डील के बाद भी ज्यादा टैरिफ लगे रह सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत के बाद भारत और अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील हुई। इसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है और भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर व्यापारिक बाधाएं कम की हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते में भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका व संभवतः वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने की बात भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर खुशी हुई कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद।
--आईएएनएस
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