भारत-अमेरिका ट्रेड डील: कौन-कौन से सामान हो सकते हैं सस्ते? यहां देखें लिस्ट
मुंबई, 3 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच रेसिप्रोकल टैरिफ घटाने को लेकर हुए समझौते से देश में कई तरह के सामान सस्ते हो सकते हैं। इसमें टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों से लेकर कुछ कृषि उत्पाद तक शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील से लैपटॉप, मोबाइल गैजेट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे टेक हार्डवेयर और उनके पार्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड सामान और घरेलू उपकरण भी कम इंपोर्ट खर्च की वजह से सस्ते हो सकते हैं।
दालें, डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोसेस्ड फूड जैसे कृषि उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क घट सकता है, जिससे बढ़ती खाद्य महंगाई के दबाव को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से डील की पूरी शर्तों की आधिकारिक जानकारी अभी आना बाकी है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार के तरीके को नया रूप दे सकती है। इससे भारत के टेक्सटाइल और रेडीमेड कपड़ा सेक्टर को टैरिफ कटौती का फायदा मिल सकता है।
जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर, जो भारत का बड़ा निर्यात क्षेत्र है, को इस ट्रेड डील से फायदा मिल सकता है। इसके अलावा स्टील और केमिकल जैसे औद्योगिक और इंजीनियरिंग सामान को भी बाजार में आसानी से पहुंच मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर जैसे कुछ उत्पादों पर अभी भी करीब 50 प्रतिशत तक ड्यूटी लग सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार, कुछ ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर नई ट्रेड डील के बाद भी ज्यादा टैरिफ लगे रह सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत के बाद भारत और अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील हुई। इसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है और भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर व्यापारिक बाधाएं कम की हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस समझौते में भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद कम करने और अमेरिका व संभवतः वेनेजुएला से तेल आयात बढ़ाने की बात भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, आज मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर खुशी हुई कि अब मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
'कानून नहीं मान सकते तो भारत से निकल जाएं', सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और मेटा को दी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को व्हाट्सएप और मेटा को नागरिकों की निजता से खिलवाड़ करने के लिए कड़ी फटकार लगाई. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर वह भारत के संविधान और कानून को नहीं मान सकते तो भारत से निकल जाएं. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. और व्हाट्सएप को कड़ी फटकार लगाई. दरअसल, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के उस आदेश के खिलाफ उनके अपीलों पर सुनवाई की, जिसमें उनकी गोपनीयता नीति को लेकर 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था.
CJI ने भारत से निकलने की दी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सख्त रुख अपनाते हुए व्हाट्सएप और मेटा को बड़ी चेतावनी दी. सीजेआई सूर्यकांत ने नागरिकों की प्राइवेसी को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा से दो टूक कहा कि नागरिकों की निजता से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अगर कोई कंपनी देश के संविधान और कानूनों का पालन नहीं कर सकती, तो उसके लिए विकल्प बहुत स्पष्ट है. वह भारत से बाहर निकल जाए.
Supreme Court on Tuesday expressed serious concern over WhatsApp and Meta’s data-sharing practices while hearing a batch of appeals arising from the Competition Commission of India’s (CCI) order imposing a Rs 213.14 crore penalty on Meta for WhatsApp’s 2021 “take it or leave it”…
— ANI (@ANI) February 3, 2026
खबर अभी अपडेट हो रही है...
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation






















