नवी मुंबई में ACB का एक्शन: माथाड़ी बोर्ड इंस्पेक्टर और गार्ड 43 हजार घूस लेते अरेस्ट
ठाणे, छह अक्टूबर भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने नवी मुंबई स्थित किराना बाजार व दुकान बोर्ड (माथाडी बोर्ड) में तैनात एक निरीक्षक और एक सुरक्षाकर्मी को श्रमिक पंजीकरण रसीद जारी करने के बदले 43,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एसीबी के अनुसार, 35 वर्षीय शिकायतकर्ता पेशे से ऑटो-रिक्शा चालक है।
उसने बोर्ड से हट चुके अपने एक परिचित के स्थान पर माथाडी श्रमिक के रूप में नियुक्ति के लिए 29 अगस्त को आवेदन किया था। शिकायतकर्ता के नाम पर आधिकारिक माथाडी श्रमिक पंजीकरण रसीद जारी करने के बदले एक निजी सुरक्षाकर्मी ने अपने लिए 5,000 रुपये और बोर्ड के एक निरीक्षक के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 43,000 रुपये तय की गई।
ऑटो-रिक्शा चालक ने सोमवार को एसीबी की नवी मुंबई इकाई में इसकी शिकायत दर्ज कराई। भ्रष्टाचार रोधी एजेंसी ने बताया कि सोमवार शाम तुर्भे स्थित कृषि मंडी समिति (एपीएमसी) परिसर में बोर्ड के कार्यालय में जाल बिछाया गया। इस दौरान दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
एसीबी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर अड़े Mallikarjun Kharge, केंद्र सरकार को दी चेतावनी
मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर 'इंडिया' गठबंधन के विरोध मार्च के दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर आज़ादी के बाद से नागरिकों को मिले अधिकारों को "छीनने" की कोशिश करने का आरोप लगाया। मार्च के दौरान खड़गे ने चेतावनी दी कि अगर लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर खतरा मंडराया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवा मतदाताओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों को मिले अधिकारों पर हमले हो रहे हैं।
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खड़गे ने कहा कि राजीव गांधी जी ने युवा वोटरों, महिला वोटरों, किसानों और गरीबों को वे अधिकार दिए जो उन्हें आज़ादी के बाद मिले थे। आज मोदी सरकार उन अधिकारों को छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी की लड़ाई से बने इस देश की आज़ादी को सत्ता बनाए रखने के लिए छीनने की कोशिशें हो रही हैं। खरगे ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए वोट देने के अधिकार की रक्षा करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास वोट है, तो लोकतंत्र बचेगा। अगर हमारा लोकतंत्र बचेगा, तो सभी के अधिकारों की रक्षा होगी। संविधान की भी रक्षा होगी।
खरगे ने चुनाव आयोग की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने अपने ही सदस्यों की आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया और चुनाव प्रक्रिया को गलत तरीके से चलाया। उन्होंने कहा कि जब आपके चुने हुए सदस्यों, आपके ही लोगों ने बोलते समय गलती की, तो उन्होंने गलत चुनाव किया और आज हमारे लोगों को गुमराह करके सत्ता में आने की कोशिश की। सत्ता में बैठे लोगों को पद छोड़ने की चेतावनी देते हुए खरगे ने कहा कि इसीलिए हम ऐसा कर रहे हैं। पहले कुर्सी छोड़िए। वरना देश में हंगामा होगा। देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। यह उन्हें मेरी चेतावनी है। उन्होंने आगे कहा, "लोग सब कुछ करेंगे, लेकिन अपनी आज़ादी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। सरकार को खत्म हो जाना चाहिए।"
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कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा, क्योंकि चुनाव आयोग से जनता का भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि यह तय है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना होगा; लोगों का चुनाव आयोग से भरोसा उठ गया है। कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने CEC की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हट जाना चाहिए। SIR को खत्म कर दिया जाना चाहिए। हटाए गए सभी वोट वोटर लिस्ट में वापस जोड़े जाने चाहिए। इस साज़िश के पीछे की ताकतों का पता लगाने और उन्हें बेनकाब करने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए।
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