आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के दौरान भारतीय टीम लगातार तीन मैचों में हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। इस खराब क्रम की तीसरी हार इंग्लैंड के खिलाफ आई, जहां भारत जीत की मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मैच गंवा बैठा था। स्मृति मंधाना ने उस मुकाबले में 88 रनों की अहम पारी खेली थी, लेकिन निर्णायक मोड़ पर उनका आउट होना टीम के हार की वजह बना और इंग्लैंड ने चार रन से मुकाबला जीत लिया था।
गौरतलब है कि मंधाना ने आरसीबी पॉडकास्ट में इस पूरे दौर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह विश्व कप में शानदार फॉर्म के साथ आई थीं, लेकिन शुरुआती तीन मैचों में चीजें उनके मुताबिक नहीं रहीं। एकदिवसीय क्रिकेट में शुरुआती ओवरों में विकेट न गंवाने को वह अपनी ताकत मानती हैं, लेकिन उस लय को वह हासिल नहीं कर पा रही थीं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद मंधाना ने खुद से सवाल किए कि गलती कहां हो रही है। नेट्स में बल्लेबाजी अच्छी थी, लेकिन मैच में सही फैसले नहीं ले पा रही थीं। इसके बाद एक मैच में 80 रन जरूर बने, जिससे लय लौटती दिखी, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ हार उन्हें सबसे ज्यादा खली।
मंधाना ने बताया कि उस मैच में गलत शॉट खेलने का अफसोस पूरे सफर तक उनके साथ रहा। उड़ान के दौरान वह किसी से बात नहीं कर सकीं और मानसिक दबाव काफी बढ़ गया था। उन्हें यह डर सता रहा था कि घरेलू विश्व कप में सेमीफाइनल में जगह न बना पाना भारतीय महिला क्रिकेट को वर्षों पीछे धकेल सकता है।
इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबला भारतीय टीम के लिए करो या मरो जैसा था। उसी मैच में मंधाना ने 95 गेंदों पर 109 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने कहा कि मैच की अहमियत और चारों ओर के शोर के बावजूद यह पारी उनके लिए बेहद खास रही।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला क्रिकेट को लेकर ट्रोलिंग नई बात नहीं है, लेकिन टीम के तौर पर सभी एक-दूसरे का साथ दे रहे थे। सेमीफाइनल में पहुंचने की जिद ही उन्हें अंदर से खाए जा रही थी और उसी जज्बे ने मैदान पर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाया हैं।
Continue reading on the app
रविवार को पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से यह घोषणा कर दी कि वह टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ होने वाला अपना ग्रुप लीग मुकाबला नहीं खेलेगा। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने अपनी राष्ट्रीय टीम को टूर्नामेंट के बाकी मैचों में भाग लेने की मंजूरी दे दी हैं। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू हो रहा हैं।
बता दें कि पाकिस्तान का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किए जाने के बाद सामने आया हैं। पाकिस्तान इसे विरोध के तौर पर देख रहा हैं, क्योंकि बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से इनकार किया था और आईसीसी ने उनके मैच किसी अन्य देश में शिफ्ट करने की मांग ठुकरा दी थी।
पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में खेलने की अनुमति दी जाती हैं, लेकिन 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी।
गौरतलब है कि इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया हैं, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नक़वी पहले ही आईसीसी पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना था कि बांग्लादेश के मामले में लचीलापन नहीं दिखाया गया।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता है तो उसे उस मुकाबले के दो अंक गंवाने पड़ेंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यदि दोनों टीमें नॉकआउट चरण में आमने-सामने आती हैं तो स्थिति क्या होगी।
रविवार देर शाम आईसीसी ने इस फैसले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उसके टूर्नामेंट खेल भावना, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धा पर आधारित होते हैं और चयनात्मक भागीदारी प्रतियोगिता की पवित्रता को नुकसान पहुंचाती हैं। आईसीसी ने यह भी कहा कि यह फैसला वैश्विक क्रिकेट और प्रशंसकों के हित में नहीं हैं।
आईसीसी ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस निर्णय के दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करेगा, क्योंकि इससे न केवल वैश्विक क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ेगा, बल्कि स्वयं पाकिस्तान क्रिकेट को भी नुकसान हो सकता हैं।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान बोर्ड को इस बहिष्कार के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता हैं और भारत-पाकिस्तान मुकाबले से जुड़ी व्यावसायिक आय पर भी असर पड़ेगा। यह मुकाबला आईसीसी टूर्नामेंट्स में सबसे अधिक राजस्व लाने वाला मैच माना जाता हैं।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना था। यह व्यवस्था उस हाइब्रिड मॉडल का हिस्सा थी, जो 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत के पाकिस्तान न जाने के बाद दोनों बोर्ड्स के बीच तय हुआ था और जिसे 2027 तक के आईसीसी आयोजनों के लिए मंजूरी मिली थी।
क्रिकेट इतिहास में इससे पहले भी विश्व कप में सुरक्षा कारणों से टीमें कुछ मैच नहीं खेल चुकी हैं। 1996 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज श्रीलंका नहीं गए थे, जबकि 2003 में इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने से इनकार किया था।
इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।
Continue reading on the app