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Rahul Gandhi के समर्थन में थरूर का सवाल, Parliament में चर्चा से क्यों डरती है सरकार?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद के अंदर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमारे पास ऐसी सरकार क्यों है जो चर्चा से डरती है? यह वाकई दुखद है। मुझे लगता है कि सरकार को इस तरह प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए थी। उन्हें चर्चा को बढ़ावा देना चाहिए था, स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी, चीजों को साफ करना चाहिए था। चीन का पूरा मुद्दा पूरे देश के लिए बहुत चिंता का विषय है। चीन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, सभी को बोलने दें और जनता को बताएं कि क्या हो रहा है। ऐसी स्थिति न होने दें जहां हर बात को दबा दिया जाए। यह हमारे लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। यह संसद के कामकाज के लिए भी ठीक नहीं है।
 

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट से उद्धरण देने के उनके प्रयास पर सरकार की आपत्ति को खारिज कर दिया। उन्होंने पूछा कि सरकार इस सामग्री से इतनी भयभीत क्यों है? उन्होंने डोकलाम गतिरोध से संबंधित अंशों को पढ़ने पर जोर दिया, जो उनके अनुसार सच्ची देशभक्ति को उजागर करते हैं।
 

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गांधी द्वारा पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण के अंशों वाले एक पत्रिका लेख को उद्धृत करने के प्रयास के बाद बजट सत्र के दौरान लोकसभा में तीखी बहस हुई। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के नेता ने कहा, "इसमें ऐसा क्या है जिससे वे इतना डर ​​रहे हैं? अगर वे नहीं डरते, तो मुझे इसे पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए।" राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान गांधी के जवाब को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीच में ही रोक दिया, जिन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कांग्रेस सांसद एक अप्रकाशित पुस्तक से उद्धरण नहीं दे सकते, जिसे उन्होंने प्रमाणित नहीं किया है।

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सोनम वांगचुक Ladakh को बनाना चाहते हैं Nepal? Supreme Court में सरकार का सनसनीखेज दावा

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एहतियाती हिरासत का बचाव करते हुए तर्क दिया कि उनके सार्वजनिक भाषण भड़काऊ, अलगाववादी संदेश देने वाले और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा थे, खासकर रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में। केंद्र सरकार की ओर से पेश होते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि वांगचुक ने युवा पीढ़ी को उकसाने की कोशिश की थी ताकि लद्दाख को नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति की ओर धकेला जा सके। उन्होंने इन देशों में हुई हिंसक घटनाओं और राजनीतिक अस्थिरता का उदाहरण देते हुए यह बात कही।

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न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना वराले की पीठ वांगचुक की पत्नी गीतांजलि द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उनकी हिरासत को चुनौती दी गई थी। पीठ ने टिप्पणी की कि अनुच्छेद 32 के तहत, न्यायालय हिरासत आदेशों पर अपील की सुनवाई नहीं करता है, और मुख्य प्रश्न यह था कि हिरासत के लिए जिन कारणों, आधारों और सामग्रियों पर भरोसा किया गया था, उनका राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई संबंध था या नहीं। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अदालत का काम अपनी संतुष्टि का आकलन करना नहीं है, बल्कि यह जांच करना है कि क्या जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) का यह मानना ​​उचित था कि वांगचुक के कार्यों से सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ सकती है।

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हिरासत आदेश के अनुसार, डीएम ने निष्कर्ष निकाला कि वांगचुक के भाषणों में हानिकारक गतिविधियों को भड़काने और सार्वजनिक शांति भंग करने की क्षमता थी। मेहता ने कहा कि हिरासत आदेश उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए और चार घंटे के भीतर पारित किया गया था। उन्होंने अदालत को बताया कि एक डीआईजी ने वांगचुक से मुलाकात की थी, उन्हें उनके भाषणों के वीडियो क्लिप दिखाए थे, और वांगचुक ने स्वीकार किया था कि क्लिप प्रामाणिक थे।

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  Sports

T20 World Cup 2026 से पहले बड़ा बवाल, Pakistan ने Team India के खिलाफ मैच का किया Boycott

रविवार को पाकिस्तान ने औपचारिक रूप से यह घोषणा कर दी कि वह टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ होने वाला अपना ग्रुप लीग मुकाबला नहीं खेलेगा। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने अपनी राष्ट्रीय टीम को टूर्नामेंट के बाकी मैचों में भाग लेने की मंजूरी दे दी हैं। यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू हो रहा हैं।

बता दें कि पाकिस्तान का यह फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किए जाने के बाद सामने आया हैं। पाकिस्तान इसे विरोध के तौर पर देख रहा हैं, क्योंकि बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से इनकार किया था और आईसीसी ने उनके मैच किसी अन्य देश में शिफ्ट करने की मांग ठुकरा दी थी।

पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम को आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में खेलने की अनुमति दी जाती हैं, लेकिन 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ निर्धारित मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी।

गौरतलब है कि इस फैसले के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया हैं, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नक़वी पहले ही आईसीसी पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना था कि बांग्लादेश के मामले में लचीलापन नहीं दिखाया गया।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलता है तो उसे उस मुकाबले के दो अंक गंवाने पड़ेंगे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यदि दोनों टीमें नॉकआउट चरण में आमने-सामने आती हैं तो स्थिति क्या होगी।

रविवार देर शाम आईसीसी ने इस फैसले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उसके टूर्नामेंट खेल भावना, निष्पक्षता और प्रतिस्पर्धा पर आधारित होते हैं और चयनात्मक भागीदारी प्रतियोगिता की पवित्रता को नुकसान पहुंचाती हैं। आईसीसी ने यह भी कहा कि यह फैसला वैश्विक क्रिकेट और प्रशंसकों के हित में नहीं हैं।

आईसीसी ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस निर्णय के दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करेगा, क्योंकि इससे न केवल वैश्विक क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ेगा, बल्कि स्वयं पाकिस्तान क्रिकेट को भी नुकसान हो सकता हैं।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान बोर्ड को इस बहिष्कार के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता हैं और भारत-पाकिस्तान मुकाबले से जुड़ी व्यावसायिक आय पर भी असर पड़ेगा। यह मुकाबला आईसीसी टूर्नामेंट्स में सबसे अधिक राजस्व लाने वाला मैच माना जाता हैं।

गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना था। यह व्यवस्था उस हाइब्रिड मॉडल का हिस्सा थी, जो 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत के पाकिस्तान न जाने के बाद दोनों बोर्ड्स के बीच तय हुआ था और जिसे 2027 तक के आईसीसी आयोजनों के लिए मंजूरी मिली थी।

क्रिकेट इतिहास में इससे पहले भी विश्व कप में सुरक्षा कारणों से टीमें कुछ मैच नहीं खेल चुकी हैं। 1996 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज श्रीलंका नहीं गए थे, जबकि 2003 में इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने से इनकार किया था।

इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई हैं।
Mon, 02 Feb 2026 22:31:20 +0530

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