क्या अरिजीत सिंह को बॉलीवुड में किया जा रहा परेशान? इस सिंगर के पोस्ट से लोगों को मिला हिंट
Palash Sen Post on Arijit Singh Retirement: बॉलीवुड के फेमस सिंगर अरिजीत सिंह की आवाज ने सालों से लोगों को दीवाना बनाया हुआ है. लेकिन अब सिंगर ने अचानक प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले लिया है. ऐसे में कई तरह के कयास लगाए गए, लेकिन अब सिंगर पलाश सेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है, जो ये हिंट दे रहा है कि अरिजीत को बॉलीवुड में परेशान किया जा रहा था. कैसे चलिए जानते हैं-
पलाश ने पोस्ट में क्या कहा?
दरअसल, पलाश सेन ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ पुरानी तस्वीरें शेयर की और लंबा चौड़ा कैप्शन लिखा है. उन्होंने लिखा- '2 फरवरी को 24 साल पहले मेरी फिल्म फिलहाल रिलीज हुई थी। ये फिल्म फ्लॉप रही थी और क्रिटीक्स ने मेरे बारे में काफी बुरी-बुरी बातें लिखी थीं और मुझे ट्रोल भी किया गया था. उस वक्त की एक एक्ट्रेस-मॉडल थी, जिसने मुझे ये लैक्चर दिया था कि मुझे एक्टिंग क्यों नहीं करनी चाहिए. मैं फिल्मों करने में कभी दिलचस्पी भी नहीं दिखाता लेकिन मुझे बस गुलजार साहब का लिखा एक गाना अपने मुंह से गाना था, जिस कारण मैंने ये फैसला लिया.'
अरिजीत सिंह का किया जिक्र
अपने पोस्ट में पलाश ने आगे बताया कि उनकी एक्टिंग को चुनौती के तौर पर देखा जाने लगा. वहीं, उन्होंने अरिजीत का जिक्र करते हुए कहा- 'मेरे भाई अरिजीत ने हाल ही में सिंगिंग रिटायरमेंट का ऐलान किया है और कहीं ना कहीं मुझे ये कारण पता है. मैं इस जगह पर काफी पहले था और मैंने अपना रास्ता चुनने का फैसला लिया. मुझे पता है कि अरिजीत भी अपना ही रास्ता चुनेंगे.' ऐसे में अब पलाश के पोस्ट से लोग अंदाजा लगा रहा है कि शायद अरिजीत को बॉलीवुड में परेशान किया जा रहा था, जिसके चलते उन्होंने रिटायरमेंट लिया.
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Budget 2026: इस बार बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बदले ये नियम, जो आपके भी आएंगे काम
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी, 2026) को देश का बजट पेश किया. वित्त मंत्री के तौर पर उनका ये लगातार नौवां बजट था. वित्त मंत्री ने अपने इस बजट में कई बड़ी योजनाओं का एलान किया. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने इस बार के बजट में कुछ नियमों में बदलाव भी किया है. हालांकि इस बार बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया. इस बार बजट में टूरिज्म, आयुर्वेद, रेयर अर्थ और हाई स्पीड कॉरिडोर समेत कई नई योजनाओं का एलान किया गया.
वित्त मंत्री ने बजट में बदले ये नियम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स पर टैक्स नियमों में बदलाव किया है. अब तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स पर होने वाले फायदे पर टैक्स नहीं देना होता था, हालांकि शर्त ये थी कि उसे मैच्योरिटी तक अपने पास रखा जाए. लेकिन इस बार के बजट में सरकार ने सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए एसजीबी पर होने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स देना होगा. जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा. इसमें निवेशकों को टैक्स छूट तभी मिलेगी जब सॉवरेन गोल्ड एसजीबी रिज़र्व बैंक के प्राइमरी इश्यू के समय ख़रीदा गया हो. साथ ही उसे मैच्योरिटी तक अपने पास रखना होगा.
डेरिवेटिव्स सौदों पर देना होगा अधिक टैक्स
इसके अलावा अब डेरिवेटिव्स सौदों पर अब अधिक टैक्स देना होगा. दरअसल, सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सख्ती करते हुए अधिक टैक्स का एलान किया है. वर्तमान में इक्विटी डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी एसटीटी देना होता है, लेकिन फ्यूचर्स में इसकी दर 0.02 फ़ीसदी है और ऑप्शंस में 0.10 प्रतिशत. लेकिन सरकार ने अब इसे बढ़ाने का एलान किया है. लेकिन अब हर एफएंडओ पर पहले से अधिक टैक्स देना होगा. बता दें कि इस बजट में फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने का एलान किया है. इसके अलावा ऑप्शंस पर एसटीटी 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है.
अब एनआरआई से आसानी से खरीद सकेंगे प्रॉपर्टी
इस बजट में एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने को आसान कर दिया गया है. वर्तमान नियमों के तहत अनिवासी भारतीयों यानी एनआरआई से संपत्ति खरीदने के नियम काफी सख्त थे. जिसे इस बजट में आसान बनाया गया है. दरअसल, एनआईआर से अब तक संपत्ति खरीदने वाले को टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर (TAN) के लिए अलग से अप्लाई करना पड़ता है, जिससे वह टीडीएस का पेमेंट कर सके. लेकिन अब वित्त मंत्री के नए प्रस्ताव से एनआरआई की प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भारतीय खरीदारों को टीएएन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
क्रिप्टो निवेशकों के लिए बदले ये नियम
इस बात के बजट में वित्त मंत्री ने क्रिप्टो निवेशकों के लिए भी नियम बदल दिए. वर्तमान में क्रिप्टो लेन-देन की जानकारी टैक्स अधिकारियों को देना जरूरी है. लेकिन अब तक जानकारी नहीं देना या गलत जानकारी देना सामान्य बात मानी जाती है. लेकिन अब क्रिप्टो निवेशकों और प्लेटफॉर्म्स के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. अगर अब कोई क्रिप्टो निवेशक सरकार को जानकारी नहीं देता या गलत जानकारी देता है तो उसे जुर्माना देना होगा. इसके लिए 200 रुपये प्रतिदिन पेनल्टी देनी होगी. जबकि गलत जानकारी देने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा. नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा.
विदेश में पढ़ाई करने और इलाज कराने वालों को राहत
बता दें कि वर्तमान में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम यानी एलआरएस के तहत विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस देना होगा है. पढ़ाई या मेडिकल के लिए 10 लाख रुपये से अधिक भेजने पर 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा, लेकिन सरकार ने अब इसे घटना कर सिर्फ 2 फीसदी कर दिया है.
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