Budget 2026: इस बार बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बदले ये नियम, जो आपके भी आएंगे काम
Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी, 2026) को देश का बजट पेश किया. वित्त मंत्री के तौर पर उनका ये लगातार नौवां बजट था. वित्त मंत्री ने अपने इस बजट में कई बड़ी योजनाओं का एलान किया. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने इस बार के बजट में कुछ नियमों में बदलाव भी किया है. हालांकि इस बार बजट में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया. इस बार बजट में टूरिज्म, आयुर्वेद, रेयर अर्थ और हाई स्पीड कॉरिडोर समेत कई नई योजनाओं का एलान किया गया.
वित्त मंत्री ने बजट में बदले ये नियम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स पर टैक्स नियमों में बदलाव किया है. अब तक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स पर होने वाले फायदे पर टैक्स नहीं देना होता था, हालांकि शर्त ये थी कि उसे मैच्योरिटी तक अपने पास रखा जाए. लेकिन इस बार के बजट में सरकार ने सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए एसजीबी पर होने वाले कैपिटल गेन पर टैक्स देना होगा. जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा. इसमें निवेशकों को टैक्स छूट तभी मिलेगी जब सॉवरेन गोल्ड एसजीबी रिज़र्व बैंक के प्राइमरी इश्यू के समय ख़रीदा गया हो. साथ ही उसे मैच्योरिटी तक अपने पास रखना होगा.
डेरिवेटिव्स सौदों पर देना होगा अधिक टैक्स
इसके अलावा अब डेरिवेटिव्स सौदों पर अब अधिक टैक्स देना होगा. दरअसल, सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सख्ती करते हुए अधिक टैक्स का एलान किया है. वर्तमान में इक्विटी डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी एसटीटी देना होता है, लेकिन फ्यूचर्स में इसकी दर 0.02 फ़ीसदी है और ऑप्शंस में 0.10 प्रतिशत. लेकिन सरकार ने अब इसे बढ़ाने का एलान किया है. लेकिन अब हर एफएंडओ पर पहले से अधिक टैक्स देना होगा. बता दें कि इस बजट में फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने का एलान किया है. इसके अलावा ऑप्शंस पर एसटीटी 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया गया है.
अब एनआरआई से आसानी से खरीद सकेंगे प्रॉपर्टी
इस बजट में एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदने को आसान कर दिया गया है. वर्तमान नियमों के तहत अनिवासी भारतीयों यानी एनआरआई से संपत्ति खरीदने के नियम काफी सख्त थे. जिसे इस बजट में आसान बनाया गया है. दरअसल, एनआईआर से अब तक संपत्ति खरीदने वाले को टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन अकाउंट नंबर (TAN) के लिए अलग से अप्लाई करना पड़ता है, जिससे वह टीडीएस का पेमेंट कर सके. लेकिन अब वित्त मंत्री के नए प्रस्ताव से एनआरआई की प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भारतीय खरीदारों को टीएएन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
क्रिप्टो निवेशकों के लिए बदले ये नियम
इस बात के बजट में वित्त मंत्री ने क्रिप्टो निवेशकों के लिए भी नियम बदल दिए. वर्तमान में क्रिप्टो लेन-देन की जानकारी टैक्स अधिकारियों को देना जरूरी है. लेकिन अब तक जानकारी नहीं देना या गलत जानकारी देना सामान्य बात मानी जाती है. लेकिन अब क्रिप्टो निवेशकों और प्लेटफॉर्म्स के लिए बड़ा बदलाव किया गया है. अगर अब कोई क्रिप्टो निवेशक सरकार को जानकारी नहीं देता या गलत जानकारी देता है तो उसे जुर्माना देना होगा. इसके लिए 200 रुपये प्रतिदिन पेनल्टी देनी होगी. जबकि गलत जानकारी देने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा. नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा.
विदेश में पढ़ाई करने और इलाज कराने वालों को राहत
बता दें कि वर्तमान में लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम यानी एलआरएस के तहत विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस देना होगा है. पढ़ाई या मेडिकल के लिए 10 लाख रुपये से अधिक भेजने पर 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा, लेकिन सरकार ने अब इसे घटना कर सिर्फ 2 फीसदी कर दिया है.
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करोड़ों के बजट में बनी यूएस की फर्स्ट लेडी की डॉक्यूमेंट्री मेलानिया, लोगों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया
लॉस एंजिल्स, 2 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप पर बनी डॉक्यूमेंट्री मेलानिया की उत्तर अमेरिका में वीकेंड बॉक्स ऑफिस पर अच्छी ओपनिंग रही। हालांकि, फिल्म क्रिटिक्स से इसे खराब प्रतिक्रिया मिली है।
इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन ब्रेट रैटनर ने किया है। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे शपथ ग्रहण से 20 दिन पहले की कहानी है।
सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले ट्रंप समर्थकों ने इसे बॉक्स ऑफिस पर लगभग 7 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई तक पहुंचाया। यह आंकड़ा एक डॉक्यूमेंट्री के लिए बहुत बड़ा है।
उम्मीद की जा रही है कि यह लगभग एक दशक में अपनी तरह की सबसे अच्छी परफॉर्म करने वाली डॉक्यूमेंट्री बन जाएगी। इसे लेकर फर्स्ट लेडी मेलानिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, सभी के द्वारा पसंद किया गया- ए सिनेमास्कोर।
हालांकि, फिल्म क्रिटिक्स ने इसे मेटाक्रिटिक पर सिर्फ 6 फीसदी और रॉटेन टोमाटोज पर 10 फीसदी की अप्रूवल रेटिंग दी। इसका मतलब है कि 100 में से दस से ज्यादा क्रिटिक्स ने डॉक्यूमेंट्री को सकारात्मक नहीं माना।
बता दें, यह रैटनर की 12 सालों में पहली फीचर है। उनके ऊपर यौन उत्पीड़न के कई आरोप लगे थे। हालांकि, रैटनर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकार दिया था और उन पर कोई क्रिमिनल चार्ज नहीं लगा। इस वजह से एक दशक के बाद उन्होंने अपनी वापसी की है।
फिल्म को कमर्शियल सफलता के लिए अभी भी बहुत मेहनत करनी होगी। अमेजन एमजीएम स्टूडियोज ने डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स के लिए 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर और मार्केटिंग पर 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए। इसे हॉलीवुड इंडस्ट्री की एक बड़ी मैगजीन द हॉलीवुड रिपोर्टर ने अब तक की सबसे महंगी डॉक्यूमेंट्री करार दिया।
हालांकि, अमेजन ने इससे इनकार करते हुए कहा कि उसने प्रोजेक्ट को लाइसेंस इसलिए दिया क्योंकि उसे लगा कि ऑडियंस रिस्पॉन्स देगी। टिकट की बिक्री में देश के जाने-पहचाने राजनीतिक बंटवारे का ही असर दिखा है। इसमें कंजर्वेटिव इलाकों में ज्यादा लोगों ने दिलचस्पी दिखाई और लिबरल शहरी केंद्रों में बहुत कम उत्साह देखने को मिला।
हॉलीवुड के एक टॉप ट्रेड पब्लिकेशन वैरायटी के मुताबिक लगभग 75 फीसदी दर्शक उत्तर अमेरिकी थे। उसके बाद हिस्पैनिक दर्शक थे, जो टिकट खरीदने वालों में 11 फीसदी थे। हिस्पैनिक का मतलब उस व्यक्ति, संस्कृति या देश से है जो स्पेन या वहां की आबादी या भाषा से संबंध रखते हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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