मंदसौर में घर में घुसी तेज रफ्तार कार, बाल-बाल बची वृद्धा, 3 पुलिस हिरासत में
मंदसौर में एक जोरदार कार एक्सीडेंट देखने को मिला। यहां एक तेज रफ्तार कार घर में घुस गई। इस घटना में एक वृद्ध महिला बाल बाल बच गई। ये घटना रात करीब 9.30 बजे की बताई जा रही है। गनीमत ये रहा कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
ये घटना मंदसौर के बालागंज क्षेत्र की बताई जा रही है। यहां एक तेज रफ्तार में आई गाड़ी विनय दुबेला के घर में घुस गई। उस समय घर की वृद्धा बाहर ही बैठी हुई थी। गाड़ी उनसे कुछ ही दूर से निकल गई। इस मामले में 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
बाल बाल बची वृद्धा
ये घटना जिस घर में हुई है। वहां की वृद्धा अपने घर के बाहर ही बैठी हुई थी। जब तेज रफ्तार कार घर में घुसते हुए जिस जगह से टकराई है।वाहन से कुछ इंच दूर वृद्धा बैठी हुई थी। इस वजह से वो कार से टकराने से बाल बाल बच गईं। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
कार में मिली शराब और सिगरेट
इस घटना के बाद जब पुलिस ने कार की तलाशी ली। तब इसमें से शराब की बोतलें और सिगरेट भी मिली। ये आशंका जताई जा रही है कि कार सवार शराब में नशे में थे। पुलिस ने इनकी मेडिकल जांच भी कराई है। जांच की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना की जानकारी कोतवाली थाना पुलिस को दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 296 (b), 324 (4), 3 (5) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि दो पुरुष और एक महिला के खिलाफ शराब पीकर गाड़ी चलाने, गली गलौज करने, लापरवाही से वाहन चलाने से संबधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। कार जब्त कर तीनों को हिरासत में ले लिया गया है। अब जांच के आधार पर आगे का एक्शन लिया जाएगा।
ब्राजील में राष्ट्रपति लूला हार सकते हैं चुनाव:पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो आगे; पिता जायर बोल्सोनारो 27 साल जेल की सजा काट रहे हैं
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो आमने-सामने होंगे। दोनों के बीच दूसरे चरण का मुकाबला 25 अक्टूबर को होगा। ब्राजील की चुनावी अदालत ने रविवार को इसकी पुष्टि की। पहले चरण में किसी भी उम्मीदवार को राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी 50% वोट नहीं मिले। बोल्सोनारो को 5.58 करोड़ वोट मिले, जबकि लूला को करीब 5.32 करोड़ वोट मिले। करीब 99% वोटों की गिनती में बोल्सोनारो को लगभग 47% और लूला को 44.9% वैध वोट मिले। 80 साल के लूला करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक करियर के बाद चौथी बार, गैर-लगातार कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। 45 साल के बोल्सोनारो, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। लूला और बोल्सोनारो परिवार के बीच फिर मुकाबला यह चुनाव बेहद ध्रुवीकृत माहौल को और लंबा कर रहा है। इसके नतीजों का असर ब्राजील के साथ पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। लूला ने चार साल पहले पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को बेहद कम अंतर से हराया था। इस बार उनका मुकाबला जायर के सबसे बड़े बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो से है। फ्लावियो बोल्सोनारो अपने पिता के दक्षिणपंथी आंदोलन को फिर सत्ता में लाने की कोशिश कर रहे हैं। जायर बोल्सोनारो 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में 27 साल की जेल की सजा काट रहे हैं। दूसरे चरण की उम्मीद पहले से थी, लेकिन पहले चरण के नतीजे चुनावी सर्वेक्षणों के अनुमान के मुताबिक नहीं रहे। ज्यादातर सर्वेक्षणों में लूला को पहले चरण में बोल्सोनारो से आगे बताया गया था। दूसरे चरण की संभावित स्थिति को लेकर हुए सर्वेक्षणों में लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो करीब बराबरी पर थे। इसलिए मुकाबला बेहद करीबी हो सकता है। पहले चरण में अन्य 10 उम्मीदवारों को वोट देने वाले मतदाता अब राष्ट्रपति चुनाव की लड़ाई के केंद्र में हैं। रोनाल्डो कैयाडो और रेनान सैंटोस को मिलाकर करीब 53 लाख वोट मिले हैं। दोनों पहले ही कह चुके हैं कि वे दूसरे चरण में किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे। सर्वेक्षणों के अनुमान से बेहतर रहा बोल्सोनारो का प्रदर्शन पहले चरण के बाद बोल्सोनारो दो प्रतिशत अंकों की बढ़त के साथ आगे रहे। इससे यह सवाल उठ रहा है कि अंतिम चुनावी सर्वेक्षणों ने उनके समर्थन का अनुमान कम क्यों लगाया। रविवार को बोल्सोनारो ने कहा कि नतीजे दिखाते हैं कि ब्राजील के लोग बदलाव चाहते हैं। विश्लेषकों ने रॉयटर्स से कहा कि बोल्सोनारो को उन लोगों के “विरोधी वोटों” का फायदा मिला हो सकता है, जो किसी दूसरे उम्मीदवार को पसंद करते थे। लेकिन उनके लिए लूला को हराना प्राथमिकता थी। ऐसे कई मतदाताओं के बारे में अनुमान था कि वे दूसरे चरण में बोल्सोनारो का समर्थन करेंगे। अब पहले चरण में ही उनके समर्थन से बोल्सोनारो को फायदा हुआ है। इसका असर तीन हफ्ते बाद होने वाले दूसरे चरण में उनके समर्थन पर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषक राफेल फावेट्टी ने रॉयटर्स से कहा, “विरोधी वोट दूसरे चरण में होने वाले मुकाबले का संकेत देता है।” उन्होंने कहा, “इससे अभी फ्लावियो बोल्सोनारो को फायदा होना चाहिए, लेकिन दूसरे चरण में उनकी बढ़त की संभावना घट जाती है। इसकी वजह यह है कि उनका समर्थन पहले ही मिल चुका है।” नतीजे आने के बाद लूला ने कहा कि वोटों का आंकड़ा “उम्मीद से अलग” रहा। उन्होंने कहा कि वह दूसरे चरण में और मजबूत होकर लौटेंगे। 80 वर्षीय लूला ने कहा, “मैं मानता हूं कि मुझे भरोसा था कि मैं पहले चरण में जीत जाऊंगा। खेल अब शुरू होने वाला है। हम अतिरिक्त समय में हैं। अतिरिक्त समय में हम ब्राजील के लोगों का समर्थन जीतेंगे।” कांग्रेस में भी दक्षिणपंथी दलों को बढ़त पहले चरण में बोल्सोनारो का बेहतर प्रदर्शन ब्राजील के दक्षिणपंथ की व्यापक मजबूती का हिस्सा रहा। बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी (PL) के नेतृत्व में दक्षिणपंथी दल कांग्रेस के दोनों सदनों में मजबूत प्रदर्शन कर रहे थे। PL के चैंबर ऑफ डेप्युटीज में सबसे बड़ा दल बनने की स्थिति में रहने और सीनेट में भी सीटें बढ़ाने का अनुमान था। बोल्सोनारो परिवार के अन्य सदस्यों को भी जीत मिली। पूर्व फर्स्ट लेडी मिशेल बोल्सोनारो ने फेडरल डिस्ट्रिक्ट से सीनेट की सीट जीती। वह फ्लावियो बोल्सोनारो की सौतेली मां हैं और यह उनका पहला निर्वाचित पद है। फ्लावियो के भाई कार्लोस बोल्सोनारो सांता कैटरीना से सीनेट के लिए चुने गए। नतीजे दिखाते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के आसपास बना राजनीतिक आंदोलन अब भी मजबूत चुनावी ताकत है। इस आंदोलन को “बोल्सोनारिस्ता” कहा जाता है। जायर बोल्सोनारो के खुद चुनाव लड़ने पर रोक के बावजूद यह आंदोलन मजबूत बना हुआ है। लुइजियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में इतिहास और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के असिस्टेंट प्रोफेसर तथा लूला पर किताब लिख चुके आंद्रे पाग्लियारिनी ने अल जजीरा से कहा कि विधायिका के लिए दक्षिणपंथी उम्मीदवारों का उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन गहरी जनसमर्थन की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा, “लाखों ब्राजीलियाई अभी साफ तौर पर मानते हैं कि दक्षिणपंथ उनके मूल्यों और भविष्य की सोच को सबसे बेहतर तरीके से दिखाता है।” कांग्रेस के नतीजे सिर्फ चुनावी रात तक सीमित नहीं रहेंगे। दोनों सदनों में पहले से ही रूढ़िवादी सांसदों का दबदबा था। दक्षिणपंथ की मजबूत मौजूदगी से लूला के दोबारा राष्ट्रपति बनने पर उनके एजेंडे को आगे बढ़ाना और मुश्किल हो सकता है। अगर बोल्सोनारो जीतते हैं, तो उन्हें अपनी प्राथमिकताओं पर काम करने की ज्यादा गुंजाइश मिल सकती है। इनमें अपने पिता के लिए माफी की मांग करने का उनका वादा भी शामिल है। महंगाई, अपराध और अमेरिका से तनाव के बीच चुनाव यह चुनाव लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए अहम समय पर हो रहा है। ब्राजील के लोग अपराध और रोजमर्रा की बढ़ती लागत को लेकर चिंतित हैं। देश के अमेरिका के साथ रिश्ते भी लगातार तनावपूर्ण हो रहे हैं। इस चुनाव पर पूरे क्षेत्र की नजर है, क्योंकि हाल के कई चुनावों में लैटिन अमेरिका का रुझान तेजी से दक्षिणपंथ की ओर गया है।
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