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ब्राजील में राष्ट्रपति लूला हार सकते हैं चुनाव:पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो आगे; पिता जायर बोल्सोनारो 27 साल जेल की सजा काट रहे हैं

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो आमने-सामने होंगे। दोनों के बीच दूसरे चरण का मुकाबला 25 अक्टूबर को होगा। ब्राजील की चुनावी अदालत ने रविवार को इसकी पुष्टि की। पहले चरण में किसी भी उम्मीदवार को राष्ट्रपति बनने के लिए जरूरी 50% वोट नहीं मिले। बोल्सोनारो को 5.58 करोड़ वोट मिले, जबकि लूला को करीब 5.32 करोड़ वोट मिले। करीब 99% वोटों की गिनती में बोल्सोनारो को लगभग 47% और लूला को 44.9% वैध वोट मिले। 80 साल के लूला करीब पांच दशक लंबे राजनीतिक करियर के बाद चौथी बार, गैर-लगातार कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। 45 साल के बोल्सोनारो, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं। लूला और बोल्सोनारो परिवार के बीच फिर मुकाबला यह चुनाव बेहद ध्रुवीकृत माहौल को और लंबा कर रहा है। इसके नतीजों का असर ब्राजील के साथ पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। लूला ने चार साल पहले पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को बेहद कम अंतर से हराया था। इस बार उनका मुकाबला जायर के सबसे बड़े बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो से है। फ्लावियो बोल्सोनारो अपने पिता के दक्षिणपंथी आंदोलन को फिर सत्ता में लाने की कोशिश कर रहे हैं। जायर बोल्सोनारो 2022 का चुनाव हारने के बाद तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में 27 साल की जेल की सजा काट रहे हैं। दूसरे चरण की उम्मीद पहले से थी, लेकिन पहले चरण के नतीजे चुनावी सर्वेक्षणों के अनुमान के मुताबिक नहीं रहे। ज्यादातर सर्वेक्षणों में लूला को पहले चरण में बोल्सोनारो से आगे बताया गया था। दूसरे चरण की संभावित स्थिति को लेकर हुए सर्वेक्षणों में लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो करीब बराबरी पर थे। इसलिए मुकाबला बेहद करीबी हो सकता है। पहले चरण में अन्य 10 उम्मीदवारों को वोट देने वाले मतदाता अब राष्ट्रपति चुनाव की लड़ाई के केंद्र में हैं। रोनाल्डो कैयाडो और रेनान सैंटोस को मिलाकर करीब 53 लाख वोट मिले हैं। दोनों पहले ही कह चुके हैं कि वे दूसरे चरण में किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगे। सर्वेक्षणों के अनुमान से बेहतर रहा बोल्सोनारो का प्रदर्शन पहले चरण के बाद बोल्सोनारो दो प्रतिशत अंकों की बढ़त के साथ आगे रहे। इससे यह सवाल उठ रहा है कि अंतिम चुनावी सर्वेक्षणों ने उनके समर्थन का अनुमान कम क्यों लगाया। रविवार को बोल्सोनारो ने कहा कि नतीजे दिखाते हैं कि ब्राजील के लोग बदलाव चाहते हैं। विश्लेषकों ने रॉयटर्स से कहा कि बोल्सोनारो को उन लोगों के “विरोधी वोटों” का फायदा मिला हो सकता है, जो किसी दूसरे उम्मीदवार को पसंद करते थे। लेकिन उनके लिए लूला को हराना प्राथमिकता थी। ऐसे कई मतदाताओं के बारे में अनुमान था कि वे दूसरे चरण में बोल्सोनारो का समर्थन करेंगे। अब पहले चरण में ही उनके समर्थन से बोल्सोनारो को फायदा हुआ है। इसका असर तीन हफ्ते बाद होने वाले दूसरे चरण में उनके समर्थन पर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषक राफेल फावेट्टी ने रॉयटर्स से कहा, “विरोधी वोट दूसरे चरण में होने वाले मुकाबले का संकेत देता है।” उन्होंने कहा, “इससे अभी फ्लावियो बोल्सोनारो को फायदा होना चाहिए, लेकिन दूसरे चरण में उनकी बढ़त की संभावना घट जाती है। इसकी वजह यह है कि उनका समर्थन पहले ही मिल चुका है।” नतीजे आने के बाद लूला ने कहा कि वोटों का आंकड़ा “उम्मीद से अलग” रहा। उन्होंने कहा कि वह दूसरे चरण में और मजबूत होकर लौटेंगे। 80 वर्षीय लूला ने कहा, “मैं मानता हूं कि मुझे भरोसा था कि मैं पहले चरण में जीत जाऊंगा। खेल अब शुरू होने वाला है। हम अतिरिक्त समय में हैं। अतिरिक्त समय में हम ब्राजील के लोगों का समर्थन जीतेंगे।” कांग्रेस में भी दक्षिणपंथी दलों को बढ़त पहले चरण में बोल्सोनारो का बेहतर प्रदर्शन ब्राजील के दक्षिणपंथ की व्यापक मजबूती का हिस्सा रहा। बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी (PL) के नेतृत्व में दक्षिणपंथी दल कांग्रेस के दोनों सदनों में मजबूत प्रदर्शन कर रहे थे। PL के चैंबर ऑफ डेप्युटीज में सबसे बड़ा दल बनने की स्थिति में रहने और सीनेट में भी सीटें बढ़ाने का अनुमान था। बोल्सोनारो परिवार के अन्य सदस्यों को भी जीत मिली। पूर्व फर्स्ट लेडी मिशेल बोल्सोनारो ने फेडरल डिस्ट्रिक्ट से सीनेट की सीट जीती। वह फ्लावियो बोल्सोनारो की सौतेली मां हैं और यह उनका पहला निर्वाचित पद है। फ्लावियो के भाई कार्लोस बोल्सोनारो सांता कैटरीना से सीनेट के लिए चुने गए। नतीजे दिखाते हैं कि पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के आसपास बना राजनीतिक आंदोलन अब भी मजबूत चुनावी ताकत है। इस आंदोलन को “बोल्सोनारिस्ता” कहा जाता है। जायर बोल्सोनारो के खुद चुनाव लड़ने पर रोक के बावजूद यह आंदोलन मजबूत बना हुआ है। लुइजियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में इतिहास और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के असिस्टेंट प्रोफेसर तथा लूला पर किताब लिख चुके आंद्रे पाग्लियारिनी ने अल जजीरा से कहा कि विधायिका के लिए दक्षिणपंथी उम्मीदवारों का उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन गहरी जनसमर्थन की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा, “लाखों ब्राजीलियाई अभी साफ तौर पर मानते हैं कि दक्षिणपंथ उनके मूल्यों और भविष्य की सोच को सबसे बेहतर तरीके से दिखाता है।” कांग्रेस के नतीजे सिर्फ चुनावी रात तक सीमित नहीं रहेंगे। दोनों सदनों में पहले से ही रूढ़िवादी सांसदों का दबदबा था। दक्षिणपंथ की मजबूत मौजूदगी से लूला के दोबारा राष्ट्रपति बनने पर उनके एजेंडे को आगे बढ़ाना और मुश्किल हो सकता है। अगर बोल्सोनारो जीतते हैं, तो उन्हें अपनी प्राथमिकताओं पर काम करने की ज्यादा गुंजाइश मिल सकती है। इनमें अपने पिता के लिए माफी की मांग करने का उनका वादा भी शामिल है। महंगाई, अपराध और अमेरिका से तनाव के बीच चुनाव यह चुनाव लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए अहम समय पर हो रहा है। ब्राजील के लोग अपराध और रोजमर्रा की बढ़ती लागत को लेकर चिंतित हैं। देश के अमेरिका के साथ रिश्ते भी लगातार तनावपूर्ण हो रहे हैं। इस चुनाव पर पूरे क्षेत्र की नजर है, क्योंकि हाल के कई चुनावों में लैटिन अमेरिका का रुझान तेजी से दक्षिणपंथ की ओर गया है।

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अमेरिका-भारत ट्रेड डील की बातचीत में अब ज्यादा गुंजाइश नहीं:वित्त मंत्री बोलीं- दोनों देश ऐसे मुकाम पर जहां और रियायत देना मुश्किल; फिर भी मौके तलाशेंगे

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत ऐसी जगह पर आकर अटक गई है, जहां से आगे बढ़ना दोनों देशों के लिए मुश्किल हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित 'म्यूनिख लीडर्स मीटिंग' के दौरान यह बात कही। । उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बात उस मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां न तो भारत और छूट देने को तैयार है, और न ही अमेरिका। वित्त मंत्री ने कहा फिर भी अगर आगे बातचीत का कोई नया रास्ता निकलता है या गुंजाइश बनती है, तो दोनों देश उस पर बात करने के लिए तैयार हैं। इसका क्या मतलब है 2 पॉइंट में समझें व्यापार समझौते में हर देश चाहता है कि उसके किसानों, कंपनियों और व्यापारियों का नुकसान न हो। एक हद के बाद कोई भी देश अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटना चाहता। इसका मतलब यह नहीं है कि डील टूट गई है, बल्कि इसका मतलब यह है कि फिलहाल गाड़ी थोड़ी धीमी हो गई है। जब तक डील नहीं होती, तब तक टैक्स पुराने जैसे ही बने रहेंगे। व्यापार घाटा कम की कोशिश कर रहा अमेरिका दोनों देशों के व्यापार में फिलहाल भारत फायदे में हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि अमेरिका अपने पुराने नुकसान की भरपाई करने और इस व्यापारिक अंतर को कम करने की कोशिश में जुटा है। टैरिफ बढ़ाने पर सवाल, चीन का उदाहरण दिया वित्त मंत्री ने व्यापार घाटा कम करने के लिए बार-बार टैरिफ बढ़ाने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसे मामले बातचीत से ही सुलझाए जाते हैं। चीन का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि चीन के साथ व्यापार में भारत को बहुत नुकसान है, फिर भी इसे सिर्फ भारी टैक्स लगाकर ठीक नहीं किया जा सकता; इसके लिए आपसी बातचीत और लेन-देन का रास्ता अपनाना होगा। ग्लोबल ट्रेड के नियम टूटे, देश का हित सबसे आगे निर्मला सीतारमण ने कहा कि आजकल अंतरराष्ट्रीय व्यापार का माहौल काफी मुश्किल हो चुका है। विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों का सही से पालन नहीं हो रहा। लगभग हर देश इन्हें तोड़ रहा है। ऐसे में भारत के कारोबारी समझौतों का सबसे बड़ा मकसद अपने देश के हितों को सुरक्षित रखना है। अमेरिका ने कहा था- ट्रेड डील अंतिम दौर में पर फैसले में वक्त हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन यह तुरंत लागू नहीं होगी। अटके हुए मुद्दों की पहचान कर ली गई है और उन्हें सुलझाने पर काम चल रहा है। डील पर बातचीत कहां तक पहुंच है अमेरिकी राष्ट्रपति और भारतीय पीएम जल्द फोन पर बातचीत भी कर सकते हैं। 20 महीने में 3 बार टली बातचीत, हर बार नया कारण टैरिफ छूट के भरोसे स्थायी समझौता नहीं हो सकता विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ टैरिफ छूट के भरोसे डील करना सुरक्षित नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी नियमों के तहत इस छूट को किसी भी समय तीन अलग-अलग तरीकों से बदला या खत्म किया जा सकता है। जब तक अमेरिका साफ दिशानिर्देश, ठोस बातचीत और नीतियों में स्थिरता का भरोसा नहीं देता, तब तक स्थायी समझौते तक पहुंचना मुश्किल है।

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  Sports

आंखों में आंसू लिए लियोनेल मेसी ने खेला विदाई मैच, गोल दागा और अर्जेंटीना को भी जिताया

लियोनेल मेसी ने अपना आखिरी इंटरनेशनल फुटबॉल गेम 6 अक्टूबर को खेला। बेनिन के खिलाफ अर्जंटीना की टीम मैदान पर उतरी, जो मेसी का विदाई मैच था।  Wed, 07 Oct 2026 07:40:33 +0530

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