केंद्रीय बजट जन-केंद्रित है, पूर्वोत्तर को मिली बड़ी बढ़त: त्रिपुरा मुख्यमंत्री
अगरतला, 1 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को दूरदर्शी और जनकेंद्रित रोडमैप बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बजट अंतिम छोर के विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लक्षित विकास को प्राथमिकता देता है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए इस बजट को जनता का व्यापक समर्थन मिला है और यह समावेशी विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
साहा ने 2026-27 के बजट को सर्वश्रेष्ठ बजटों में से एक बताते हुए कहा कि यह बजट तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है, अंतिम छोर तक सेवाएं पहुंचाना, देशव्यापी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, और सबका साथ, सबका विकास और विश्वास का विजन।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक पहुंचने पर जोर बजट प्रस्तावों में स्पष्ट रूप से झलकता है।
पूर्वोत्तर के लिए प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए साहा ने अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम, मणिपुर और त्रिपुरा को शामिल करने वाले प्रस्तावित बौद्ध सर्किट का स्वागत किया और कहा कि इससे पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटक अब किसी एक गंतव्य के बजाय पूर्वोत्तर के कई राज्यों में यात्रा करेंगे, जिससे त्रिपुरा और पूरे क्षेत्र को लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए पूर्वोत्तर राज्यों में इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने के बजट प्रस्ताव का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके बारे में जल्द ही और जानकारी साझा की जाएगी।
बजट को युवा-केंद्रित और किसान-हितैषी बताते हुए साहा ने कहा कि यह युवाओं, किसानों और महिलाओं के कल्याण पर विशेष जोर देता है, साथ ही स्वास्थ्य, सड़क संपर्क और उच्च गति परिवहन अवसंरचना में निवेश को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि बजट का प्रभाव 2030 तक दिखाई देने लगेगा और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह बजट 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने का दूरदर्शी रोडमैप है।
--आईएएनएस
एमएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
नेपाल: जनवरी में पर्यटक आगमन में 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी
काठमांडू, 1 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल के पर्यटन क्षेत्र के लिए जनवरी महीना उम्मीदों भरा रहा। जनवरी 2026 में देश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में साल-दर-साल आधार पर 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नेपाल पर्यटन बोर्ड (एनटीबी) के अनुसार, इस दौरान कुल 92,573 विदेशी पर्यटक नेपाल पहुंचे।
एनटीबी ने बताया कि यह आंकड़ा जनवरी 2019, यानी कोविड-19 महामारी से पहले के स्तर की तुलना में भी 14 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि ऐसे समय में दर्ज की गई है, जब पिछले साल सितंबर में हुए राजनीतिक अशांति और हिंसक प्रदर्शनों के बाद पर्यटन क्षेत्र में गिरावट की आशंका जताई जा रही थी।
सरकारी अनुमानों के मुताबिक, जेन-जी प्रदर्शनों के दौरान 77 लोगों की मौत हुई थी और 84 अरब नेपाली रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इन हिंसक घटनाओं में कई विदेशी ब्रांडेड होटल भी बुरी तरह प्रभावित हुए थे। हयात रीजेंसी और हिल्टन जैसे प्रतिष्ठित होटल क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें हिल्टन होटल पूरी तरह जल गया, जबकि हयात रीजेंसी अभी भी मरम्मत के कारण बंद है।
इन घटनाओं के बाद विश्व बैंक ने आने वाले महीनों में विदेशी पर्यटकों की संख्या में तेज गिरावट की आशंका जताई थी। हालांकि, सितंबर में थोड़ी गिरावट के बाद नेपाल में विदेशी पर्यटकों का आगमन धीरे-धीरे बढ़ता रहा, जो देश के पर्यटन उद्योग की मजबूती और लचीलेपन को दर्शाता है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपक राज जोशी ने कहा कि 2026 के पहले महीने के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में नेपाल के प्रति विश्वास धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है।
उन्होंने कहा, “हाल के वर्षों में गंतव्य प्रचार, हवाई संपर्क का विस्तार, एडवेंचर और सांस्कृतिक पर्यटन में बढ़ती रुचि और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेपाल की बेहतर छवि- ये सभी पर्यटकों की संख्या बढ़ने के प्रमुख कारण हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ये सकारात्मक आंकड़े दिखाते हैं कि नेपाल एक “लाइफटाइम एक्सपीरियंस डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित हो रहा है।
एनटीबी के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में भारत पर्यटकों का सबसे बड़ा स्रोत देश रहा। इस दौरान 26,624 भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचे, जो कुल आगमन का 28.8 प्रतिशत है। इसके बाद चीन से 9,101 पर्यटक (9.8 प्रतिशत), अमेरिका से 8,406 (9.1 प्रतिशत), बांग्लादेश से 5,814 (6.3 प्रतिशत) और ऑस्ट्रेलिया से 4,957 पर्यटक (5.4 प्रतिशत) पहुंचे।
क्षेत्रीय स्तर पर, दक्षिण एशियाई देशों (सार्क) का कुल पर्यटक आगमन में 39.3 प्रतिशत हिस्सा रहा। इसके बाद अन्य एशियाई देशों से 26.1 प्रतिशत, यूरोप से 12.3 प्रतिशत, अमेरिका महाद्वीप से 10.8 प्रतिशत और ओशिनिया से 5.7 प्रतिशत पर्यटक आए।
मध्य पूर्व से 1 प्रतिशत और अफ्रीका से 0.4 प्रतिशत पर्यटक नेपाल पहुंचे, जबकि अन्य क्षेत्रों का योगदान 4.5 प्रतिशत रहा। पूरे साल 2025 में नेपाल ने 11.5 लाख विदेशी पर्यटकों का स्वागत किया, जो 2024 की तुलना में एक प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
--आईएएनएस
डीएससी
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