दिल्ली में घोषित अपराधियों पर पुलिस की कार्रवाई, 19 मामलों में शामिल आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ जिले में घोषित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत AATS की PO स्टाफ टीम ने एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोजम खान उर्फ नाजिर, पुत्र नवाब बाबू खान, निवासी मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश, उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई है. आरोपी को FIR नंबर 494/2020, धारा 379/411 IPC, थाना रोहिणी नॉर्थ के मामले में अदालत द्वारा Proclaimed Offender घोषित किया गया था.
तकनीकी निगरानी से आरोपी तक पहुंची पुलिस
आधिकारिक पुलिस बयान के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था. AATS आउटर नॉर्थ की PO स्टाफ टीम ने तकनीकी निगरानी और व्यापक स्तर पर फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए आरोपी की तलाश शुरू की. पुलिस टीम ने डिजिटल इंटेलिजेंस और जमीनी स्तर से मिली जानकारी को आपस में जोड़कर आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, मोजम खान के खिलाफ 19 पूर्व मामलों में संलिप्तता दर्ज है.
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई
पुलिस प्रेस रिलीज के मुताबिक यह कार्रवाई Joint Commissioner of Police, Northern Range विजय सिंह, IPS के निर्देश पर की गई. Addl. DCP-I/Outer North District लोकेश्वरन आर, IPS के मार्गदर्शन और ACP/Operations/Outer North District दिनेश कुमार की निगरानी में AATS की PO स्टाफ टीम ने कार्रवाई की. ऑपरेशन का नेतृत्व इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा, I/C AATS/Outer North District ने किया. पुलिस टीम में ASI संदीप, HC अभिषेक खत्री और कांस्टेबल मनीष शामिल रहे.
तकनीक और जमीनी सूचना का इस्तेमाल
आधिकारिक बयान में पुलिस ने कहा है कि इस कार्रवाई में टेक्नोलॉजी आधारित जांच और लगातार जुटाई गई फील्ड इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया गया. पुलिस के मुताबिक इसी समन्वय के जरिए फरार आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया.
आउटर नॉर्थ जिला पुलिस के DCP शोहित डी. सक्सेना, IPS की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इस गिरफ्तारी को घोषित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया गया है.
बैंक को 93 करोड़ का चूना लगाने वाली बायोटेक फर्म पर CBI का शिकंजा, मुंबई में कई ठिकानों पर छापेमारी
CBI Major Action: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने करीब 93.44 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड के मामले में मुंबई की कंपनी Hanjer Biotech Energies Pvt. Ltd. और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इस मामले में CBI ने 2 अक्टूबर को मुंबई में कंपनी के निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया.
पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर केस दर्ज
CBI ने यह मामला 30 सितंबर 2026 को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की मुंबई स्थित SAM ब्रांच की शिकायत पर दर्ज किया. FIR में Hanjer Biotech Energies Pvt. Ltd., कंपनी के निदेशकों और गारंटरों के अलावा अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अज्ञात निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है.
CBI के मुताबिक, आरोपियों पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध किए जाने का आरोप है. बैंक की शिकायत के आधार पर करीब 93.44 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई है.
135 करोड़ रुपये का टर्म लोन लेने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत अपनी संबंधित कंपनी के चालानों के आधार पर बैंक से 135 करोड़ रुपये का टर्म लोन हासिल किया.
CBI का आरोप है कि लोन से मिली रकम को उस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया, जिसके लिए बैंक ने कर्ज मंजूर किया था. आरोप है कि रकम को दूसरे कामों में डायवर्ट और कथित तौर पर siphon off किया गया. इससे बैंक को करीब 93.44 करोड़ रुपये का नुकसान होने का आरोप है.
तलाशी में अहम दस्तावेज बरामद
CBI ने 2 अक्टूबर को मुंबई में आरोपियों से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी ली. इस दौरान जांच से संबंधित बैंकिंग दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े कागजात बरामद किए गए, जिन्हें जांच एजेंसी ने जब्त कर लिया है.
CBI खंगाल रही लोन की रकम का इस्तेमाल
CBI अब पूरे कथित षड्यंत्र की जांच कर रही है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे, सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की क्या भूमिका रही और 135 करोड़ रुपये के लोन की रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां किया गया. जांच के दौरान आरोपों और कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.
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