बरमूडा से बोस्टन जा रहा मेडिकल विमान लापता, नैनटकेट के पास मिला मलबा; 6 लोग थे सवार
अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने बताया कि बरमूडा से बोस्टन जा रहे एक मेडिकल विमान का मलबा मिल गया है. शनिवार को उड़ान के दौरान विमान से संपर्क टूट गया था. विमान में छह लोग सवार थे. स्थानीय समय के मुताबिक शनिवार तड़के करीब 2 बजे फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने कोस्ट गार्ड को बताया कि गल्फस्ट्रीम जी100 विमान से संपर्क टूट गया है. विमान का टेल नंबर सी-जीआरजेपी था. इसके बाद कोस्ट गार्ड की हवाई और समुद्री टीमें नैनटकेट के तट के पास विमान की तलाश में जुट गईं. इस विमान को कनाडा की मेडिकल इवैक्यूएशन कंपनी लैटिट्यूड एयर एम्बुलेंस ऑपरेट कर रही थी.
जानकारी देते हुए अधिकारियों ने कहा, "अमेरिकी कोस्ट गार्ड शनिवार को लापता मेडिकल ट्रांसपोर्ट विमान में सवार छह लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं. सर्च टीमों को नैनटकेट के तट के पास मलबा मिला है, जिसकी पुष्टि लापता विमान के मलबे के रूप में हुई है." कोस्ट गार्ड ने बताया कि विमान में कुल छह लोग सवार थे. इनमें चार कनाडा और दो बरमूडा के नागरिक थे। अधिकारियों के मुताबिक, उनके परिवारों को घटना के बारे में जानकारी दे दी गई है. कोस्ट गार्ड ने कहा, "सर्च टीमों को मिला मलबा लापता विमान का होने की पुष्टि हुई है. विमान में सवार छह लोगों की तलाश जारी है. कोस्ट गार्ड का जहाज विलियम स्पार्लिंग पूरी रात खोज अभियान जारी रखेगा."
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फ्लाइटअवेयर के ट्रैकर के मुताबिक, संपर्क टूटने से पहले विमान की ऊंचाई में काफी तेजी से गिरावट आई थी. विमान करीब 24,000 फीट यानी लगभग 7,300 मीटर की ऊंचाई से गिरकर करीब 11,000 फीट यानी लगभग 3,300 मीटर पर आ गया था। इसके बाद उससे संपर्क टूट गया. लाइवएटीसीडॉटनेट पर जारी एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ऑडियो रिकॉर्डिंग के मुताबिक, तट के पास पहुंचते समय पायलट ने विमान में इलेक्ट्रिकल समस्या होने की जानकारी दी थी और इमरजेंसी घोषित की थी. ऑडियो में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को पायलट से पूछते हुए सुना गया, "ठीक है, आपने कहा कि आप बिना देखे आगे बढ़ रहे हैं. क्या आपने यही कहा?"
इसके बाद कंट्रोलर ने पूछा, "क्या आप इमरजेंसी घोषित कर रहे हैं या नहीं?" इस पर पायलट का जवाब साफ सुनाई नहीं दिया. हालांकि, बाद में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने पुष्टि की कि पायलट ने इमरजेंसी घोषित कर दी थी. कनाडा के परिवहन मंत्री स्टीवन मैककिनन ने कहा कि अधिकारी हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं. मैककिनन ने 'एक्स' पर लिखा, "इस बेहद मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं विमान में सवार सभी लोगों के साथ-साथ उनके परिवारों, करीबियों और साथ काम करने वालों के साथ हैं. हम हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं और तलाश एवं बचाव अभियान जारी रहने के बीच संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं इस अभियान में शामिल सभी बचावकर्मियों का उनकी लगातार कोशिशों के लिए धन्यवाद करता हूं."
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मार्केट आउटलुक: अगले हफ्ते आरबीआई पॉलिसी, तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया तनाव जैसे अहम कारक तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। छुट्टियों के कारण छोटे रहे कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक दबाव हावी रहा और प्रमुख सूचकांक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तरों से नीचे फिसल गए। अब अगले सप्ताह निवेशकों की निगाहें आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा, दूसरी तिमाही (क्यू2) के कॉरपोरेट नतीजों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव पर रहेंगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो भारतीय बाजार में तेज राहतभरी तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर, आरबीआई की नीति, महंगाई पर उसका दृष्टिकोण और आर्थिक वृद्धि के अनुमान घरेलू ब्याज दरों तथा वित्तीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देंगे।
पिछले सप्ताह बाजार में कमजोरी की शुरुआत पहले कारोबारी दिन से ही दिखाई दी। सोमवार को सेंसेक्स 1.52 प्रतिशत गिरा, जबकि अगले दो सत्रों में भी कमजोरी बनी रही। गुरुवार को सूचकांक में 0.79 प्रतिशत की और गिरावट दर्ज की गई।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 1,670.84 अंक टूटकर 71,909.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर 22,421.95 पर आ गया। विश्लेषकों के अनुसार यह गिरावट बाजार में जारी करेक्शन के दौर को दर्शाती है।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो निफ्टी लगातार आठवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक साप्ताहिक आरएसआई (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) लगभग 31.06 पर है, जो 50 के तटस्थ स्तर से काफी नीचे है और बाजार में कमजोर मोमेंटम को दर्शाता है। हालांकि आरएसआई अब ओवरसोल्ड जोन के करीब पहुंच रहा है, जिससे निचले स्तरों पर बीच-बीच में तकनीकी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए निकट अवधि में 22,800 और 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) रहेगा। इन स्तरों के ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलने पर बिकवाली का दबाव कम हो सकता है। वहीं नीचे की ओर 22,350 और 22,180 के स्तर प्रमुख समर्थन (सपोर्ट) माने जा रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार की धारणा पर वैश्विक कारकों का प्रभाव सबसे अधिक है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने, महंगाई को लेकर चिंताओं और ऊंची ऊर्जा कीमतों ने निवेशकों को सतर्क बना रखा है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी से उभरते बाजारों में निवेश का आकर्षण भी प्रभावित हो रहा है।
हालांकि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतक अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं। अगस्त में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि (आईआईपी) बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई के संशोधित 7.4 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है। विनिर्माण क्षेत्र में 9 प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।
ऊर्जा बाजार का रुख भी अगले सप्ताह निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। हाल के दिनों में ब्रेंट क्रूड अपने उच्च स्तरों से नीचे आया है क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति युद्ध-पूर्व स्तरों के करीब पहुंचने लगी है। इससे ऊर्जा कीमतों को कुछ राहत मिली है।
वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर भी रहेगी। नॉन-फार्म पेरोल्स और आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जैसे आंकड़े वैश्विक बाजारों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं और उसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए आरबीआई की नीति समीक्षा, क्यू2 नतीजे, पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े प्रमुख ट्रिगर रहेंगे। इन घटनाक्रमों के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेशकों को नई दिशा के संकेत मिल सकते हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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