मार्केट आउटलुक: अगले हफ्ते आरबीआई पॉलिसी, तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया तनाव जैसे अहम कारक तय करेंगे बाजार की दिशा
मुंबई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। छुट्टियों के कारण छोटे रहे कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार पर वैश्विक दबाव हावी रहा और प्रमुख सूचकांक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तरों से नीचे फिसल गए। अब अगले सप्ताह निवेशकों की निगाहें आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा, दूसरी तिमाही (क्यू2) के कॉरपोरेट नतीजों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव पर रहेंगी, जो बाजार की अगली दिशा तय कर सकते हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं, तो भारतीय बाजार में तेज राहतभरी तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर, आरबीआई की नीति, महंगाई पर उसका दृष्टिकोण और आर्थिक वृद्धि के अनुमान घरेलू ब्याज दरों तथा वित्तीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देंगे।
पिछले सप्ताह बाजार में कमजोरी की शुरुआत पहले कारोबारी दिन से ही दिखाई दी। सोमवार को सेंसेक्स 1.52 प्रतिशत गिरा, जबकि अगले दो सत्रों में भी कमजोरी बनी रही। गुरुवार को सूचकांक में 0.79 प्रतिशत की और गिरावट दर्ज की गई।
साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 1,670.84 अंक टूटकर 71,909.70 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर 22,421.95 पर आ गया। विश्लेषकों के अनुसार यह गिरावट बाजार में जारी करेक्शन के दौर को दर्शाती है।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो निफ्टी लगातार आठवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक साप्ताहिक आरएसआई (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) लगभग 31.06 पर है, जो 50 के तटस्थ स्तर से काफी नीचे है और बाजार में कमजोर मोमेंटम को दर्शाता है। हालांकि आरएसआई अब ओवरसोल्ड जोन के करीब पहुंच रहा है, जिससे निचले स्तरों पर बीच-बीच में तकनीकी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए निकट अवधि में 22,800 और 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) रहेगा। इन स्तरों के ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलने पर बिकवाली का दबाव कम हो सकता है। वहीं नीचे की ओर 22,350 और 22,180 के स्तर प्रमुख समर्थन (सपोर्ट) माने जा रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि फिलहाल बाजार की धारणा पर वैश्विक कारकों का प्रभाव सबसे अधिक है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड्स बढ़ने, महंगाई को लेकर चिंताओं और ऊंची ऊर्जा कीमतों ने निवेशकों को सतर्क बना रखा है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी से उभरते बाजारों में निवेश का आकर्षण भी प्रभावित हो रहा है।
हालांकि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतक अपेक्षाकृत मजबूत बने हुए हैं। अगस्त में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि (आईआईपी) बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई, जो जुलाई के संशोधित 7.4 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है। विनिर्माण क्षेत्र में 9 प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।
ऊर्जा बाजार का रुख भी अगले सप्ताह निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। हाल के दिनों में ब्रेंट क्रूड अपने उच्च स्तरों से नीचे आया है क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति युद्ध-पूर्व स्तरों के करीब पहुंचने लगी है। इससे ऊर्जा कीमतों को कुछ राहत मिली है।
वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर भी रहेगी। नॉन-फार्म पेरोल्स और आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जैसे आंकड़े वैश्विक बाजारों की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं और उसका असर भारतीय बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए आरबीआई की नीति समीक्षा, क्यू2 नतीजे, पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े प्रमुख ट्रिगर रहेंगे। इन घटनाक्रमों के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेशकों को नई दिशा के संकेत मिल सकते हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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दिवाली से पहले योगी सरकार कर्मचारियों को दे सकती है बड़ी सौगात, DA-बोनस पर तैयारी तेज
UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी सौगात देने जा रही है. दरअसल, योगी सरकार दिवाली से पहले राज्य के सरकार कर्मचारियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) और बोनस देने की तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि वित्त विभाग ने इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
कितना मिल सकता है राज्य कर्मचारियों को बोनस?
सूत्रों के मुताबिक, अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए करीब 3,400 रुपये से लेकर 7,000 रुपये तक बोनस दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (DR) में भी 3 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने की तैयारी है. प्रस्तावित बढ़ोतरी जुलाई से प्रभावी मानी जा रही है. इस फैसले से राज्य के प्रदेश के 12 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और 6 लाख से ज्यादा पेंशनर लाभान्वित हो सकते हैं. यानी कुल मिलाकर 18 लाख से अधिक लोगों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है.
आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की तैयारी
इसके साथ ही योगी सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दिवाली से पहले राहत देने की तैयारी है. प्रदेश के अलग-अलग विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत करीब 2.70 लाख कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने की बात सामने आई है. माना जा रहा है कि नई दर के हिसाब से मानदेय सितंबर से लागू किया जाए. अगर ऐसा होता है तो अक्टूबर महीने का बढ़ा हुआ भुगतान नवंबर में मिलने वाले वेतन में शामिल हो सकता है. साथ ही सितंबर का बकाया यानी एरियर भी भुगतान में जोड़ा जा सकता है.
आउटसोर्स कर्मियों के लिए सरकार ने पहले भी किए हैं कई एलान
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 सितंबर को आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं. इसी दौरान उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत की गई थी. इसके साथ ही यूपीकॉस के पोर्टल और वेबसाइट को लॉन्च किया गया और निगम का लोगो भी जारी किया गया. सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के साथ हुए समझौते का भी जिक्र किया था.
इसके तहत आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की बात कही गई थी. सरकार की ओर से घोषित सुविधाओं में दुर्घटना बीमा भी शामिल है. कर्मचारी के दुर्घटना, घटना या आपदा का शिकार होने की स्थिति में निर्धारित श्रेणी के अनुसार परिवार को 20 लाख से 40 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलने की व्यवस्था की जानकारी दी गई थी. जबकि आग लगने की स्थिति में 10 लाख रुपये तक की सहायता, आकस्मिक चिकित्सा के लिए 5 लाख रुपये और आपातकाल में एयर एंबुलेंस के लिए 10 लाख रुपये तक की सुविधा का भी प्रावधान किया गया है.
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इसके साथ ही राज्य सरकार बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये और बेटी की पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता भी देगी. वहीं दो बेटियों की शादी के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देने की भी बात कही गई थी. इसके साथ ही किसी आउटसोर्स कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था बनाई गई है. इसके तहत बैंक के माध्यम से परिवार को 50 हजार रुपये तत्काल दिए जाने की बात कही गई थी. यही नहीं योगी सरकार ने कर्मचारियों के लिए जीरो बैलेंस खाते खोलने और परिवार के चार सदस्यों को विशेष बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने की योजना भी बनाई है.
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