Gold-Silver Price Today: बजट से पहले सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जानें आज कितने गिरे दाम
Gold-Silver Price Today: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना नौवां बजट पेश करने वाली हैं. लेकिन बजट से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. रविवार सुबह सोने की कीमतों में 12 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली. जबकि चांदी का भाव 26 हजार रुपये प्रति किग्रा से ज्यादा गिर गया. फिलहाल सोने की कीमत 12230 रुपये की गिरावट के साथ कारोबार कर रही हैं. जबकि चांदी का भाव 26350 रुपये टूटकर ट्रेड कर रहा है. गिरावट के बाद 22 कैरेट सोने की कीमत 127,188 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गई हैं. जबकि 24 कैरेट गोल्ड का भाव 138,750 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है. वहीं चांदी का भाव टूटकर 266,480 रुपये प्रति किग्रा पर कारोबार कर रहा है.
MCX पर भी सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट
बजट से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. यहां सोना 13,710 रुपये यानी 9 प्रतिशत गिरावट के साथ 138,635 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. जबकि चांदी का भाव 26,273 रुपये यानी 9 फीसदी टूटकर 265,652 रुपये प्रति किग्रा पर आ गया है. वहीं विदेशी बाजार यानी यूएस कॉमेक्स पर सोने की कीमत 438.80 डॉलर यानी 8.25 प्रतिशत गिरकर 4,879.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गई हैं. जबकि चांदी का भाव 29.18 डॉलर यानी 25.50 प्रतिशत टूटकर 85.25 डॉलर प्रति औंस हो गया है.
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ट्रम्प बोले- भारत ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा:डील पहले ही तय हो चुकी, चीन को भी डील करने के लिए कहा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि भारत अब ईरान से कच्चा तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। उन्होंने दावा किया है कि भारत ने वेनेजुएला से तेल खरीदने का सौदा कर लिया है। यह बयान ट्रम्प ने वॉशिंगटन डीसी से एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। हालांकि, भारत सरकार की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रम्प ने कहा, “हमने पहले ही एक डील कर ली है। भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा, ईरान से नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ इस सौदे का कांसेप्टतय हो चुका है। ट्रम्प के मुताबिक, चीन भी अगर चाहे तो वेनेजुएला से तेल खरीद सकता है। भारत ने 2019 के बाद वेनेजुएला से तेल लेना बंद कर दिया था अमेरिका ने 2019 में वेनेजुएला पर बहुत कड़े आर्थिक प्रतिबंध (सेंक्शंस) लगा दिए थे, अमेरिका ने सेकेंडरी सैंक्शंस भी लगा दिए, यानी जो भी देश या कंपनी वेनेजुएला से तेल खरीदती है, उसे अमेरिकी बाजार में व्यापार करने या बैंकिंग सुविधाओं से रोक दिया जा सकता था। इस वजह से कई देशों ने वेनेजुएला का तेल खरीदना बंद कर दिया। भारत भी वेनेजुएला से बहुत ज्यादा तेल खरीदता था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि तब भारत अपने कुल तेल आयात का लगभग 6% वेनेजुएला से लेता था। वेनेजुएला पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) का सदस्य है। उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है, लेकिन वह वैश्विक सप्लाई का सिर्फ करीब 1% ही देता है। भारत ने 2024 में दोबारा वेनेजुएलाई तेल खरीदना शुरू किया अमेरिका ने कुछ समय के लिए (2023-2024 में) वेनेजुएला पर आंशिक रूप से सैंक्शंस ढीले किए, जिससे भारत ने फिर से वेनेजुएला से तेल खरीदा। 2024 में भारत का आयात औसतन 63,000 से 1 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया। इसके बाद 2025 में वेनेजुएला से भारत का तेल आयात बढ़कर करीब 1.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया। लेकिन मई 2025 में अमेरिका ने एक बार फिर से वेनेजुएला के तेल पर सख्ती बढ़ा दी। इसके बाद 2026 की शुरुआत में वेनेजुएला से भारत का क्रूड आयात सिर्फ 0.3% रह गया। वेनेजुएला से तेल खरीदने की कोशिश में रिलायंस रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वेनेजुएला से फिर से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिका से मंजूरी लेने की कोशिश शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पश्चिमी देश भारत पर रूस से तेल आयात कम करने का दबाव बना रहे हैं और रिलायंस अपने लिए वैकल्पिक तेल सप्लाई सुरक्षित करना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस के प्रतिनिधि इस मंजूरी के लिए अमेरिका के यूएस स्टेट डिपार्टमेंट और यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट से बातचीत कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रॉयटर्स की ओर से भेजे गए ईमेल का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। पिछले साल रोजाना 63,000 बैरल तेल खरीदती थी रिलायंस रिलायंस ने पहले भी अमेरिका से लाइसेंस लेकर वेनेजुएला से तेल खरीदा था। कंपनी के पास दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है। यह गुजरात में स्थित है और इसकी कुल क्षमता लगभग 14 लाख बैरल प्रतिदिन है। 2025 के पहले चार महीनों में वेनेजुएला की कंपनी PDVSA ने रिलायंस को चार जहाजों से तेल भेजा था, जो रोजाना करीब 63,000 बैरल के बराबर था। लेकिन मार्च-अप्रैल 2025 में अमेरिका ने ज्यादातर लाइसेंस सस्पेंड कर दिए और वेनेजुएला से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी दी, जिसके बाद मई 2025 में रिलायंस का आखिरी वेनेजुएलन तेल का जहाज भारत पहुंचा था। रिलायंस ने गुरुवार को कहा था कि अगर अमेरिकी नियमों के तहत गैर-अमेरिकी खरीदारों को वेनेजुएला से तेल बेचने की इजाजत मिलती है, तो वह दोबारा खरीद पर विचार करेगी। अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल तेल देगा वेनेजुएला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने कहा था कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल तेल सौंपेगी। ट्रम्प ने बताया कि यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा। इससे मिलने वाली रकम पर ट्रम्प का कंट्रोल रहेगा। 5 करोड़ बैरल कच्चे तेल की कीमत वर्तमान में करीब 25 हजार करोड़ रुपए है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक इसका इस्तेमाल वेनेजुएला और अमेरिका के लोगों के हित में किया जाएगा। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला से 5 करोड़ बैरल तेल लेंगे ट्रम्प: कहा- कमाई पर भी मेरा कंट्रोल रहेगा, इससे दोनों देशों को फायदा होगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति अमेरिका को 3 से 5 करोड़ बैरल प्रतिबंधित तेल सौंपेगी। ट्रम्प ने बताया कि यह तेल बाजार भाव पर बेचा जाएगा। इससे मिलने वाली रकम पर ट्रम्प का कंट्रोल रहेगा। पूरी खबर पढ़ें…
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