इंदौर में फिर पसरा मातम: चर्चित राजा रघुवंशी के जिगरी दोस्त अर्पित ने की खुदकुशी
इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के गहरे सदमे से परिवार और शहर अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि उनके सबसे करीबी दोस्त अर्पित चौहान की संदिग्ध हालात में मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. अर्पित चौहान ने शहर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित अपने साले के मकान में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया.
दोस्ती की मिसाल और कारोबार की जिम्मेदारी
मृतक अर्पित चौहान मूल रूप से इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित अरिहंत नगर के रहने वाले थे. राजा रघुवंशी और अर्पित की दोस्ती करीब आठ से दस साल पुरानी थी. मेघालय में राजा रघुवंशी की हत्या के बाद से अर्पित ने आगे बढ़कर पूरे ट्रांसपोर्ट कारोबार की जिम्मेदारी संभाली थी. वे न केवल कारोबार संभाल रहे थे, बल्कि राजा के परिवार के साथ हर सुख-दुख में साए की तरह खड़े थे. राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि पूरा परिवार अर्पित को अपने सगे छोटे भाई की तरह मानता था. आत्महत्या करने से महज एक घंटे पहले अर्पित ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विचार साझा किया था, जिसमें लिखा था— "नियंत्रण बहुत जरूरी है, अगर आमदनी कम हो तो खर्चों पर और अगर आमदनी ज्यादा हो तो शब्दों पर." इस स्टेटस के कुछ ही देर बाद उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे उनके परिजन और दोस्त पूरी तरह स्तब्ध हैं.
दशहरे से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा, DA बढ़ोतरी के साथ खाते में आएगा मोटा एरियर
DA Hike 2026 Central Government Employees: त्योहारों का मौसम शुरू होते ही केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें सरकार के बड़े फैसले पर टिक गई हैं. अक्टूबर की शुरुआत हो चुकी है और चारों तरफ नवरात्रि और दशहरा की रौनक दिखाई दे रही है. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इस बात की चर्चा बहुत तेज हो गई है कि सरकार महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की अगली किस्त का ऐलान कब करेगी. हर किसी को उम्मीद है कि दशहरा के पावन पर्व से ठीक पहले केंद्र सरकार इस पर अंतिम मुहर लगा देगी. अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की जेब में त्योहार मनाने के लिए अच्छी-खासी रकम आ जाएगी.
कर्मचारी संगठनों की मांग और उम्मीद
देश भर के केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने सरकार से इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की अपील की है. ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉईज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल का मानना है कि केंद्र सरकार इस बार दशहरे से पहले ही जुलाई वाली किस्त जारी करने का फैसला ले सकती है. इसके अलावा कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स ने भी वित्त मंत्रालय के सामने अपनी बात रखी है. संगठनों का कहना है कि त्योहारों के समय कर्मचारियों को अतिरिक्त खर्चों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में अगर समय पर फैसला हो जाता है तो कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन के साथ जुलाई से लागू होने वाला बकाया एरियर भी एकमुश्त मिल जाएगा.
कितनी हो सकती है महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी
केंद्रीय कर्मचारियों को वर्तमान समय में 60% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है. इससे पहले सरकार ने जनवरी के दौरान इसमें 2% की बढ़ोतरी की थी, जिससे यह आंकड़ा 58% से बढ़कर 60% पर पहुंचा था. अब जुलाई वाली किस्त को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वे कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी लाने वाले हैं. जानकारों का अनुमान है कि इस बार डीए में 3 से 4% की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है. औद्योगिक कर्मचारियों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के पिछले 12 महीनों के औसत के हिसाब से यह गणना करीब 63.77% बैठती है. स्थापित नियमों के तहत सरकार इसे राउंड फिगर में 64% कर सकती है. ऐसा होने पर कर्मचारियों के डीए में सीधे 4% का बड़ा उछाल देखने को मिलेगा.
खाते में आएगा 3 से 4 महीने का एरियर
केंद्र सरकार जब भी महंगाई भत्ते में संशोधन करती है, तो उसका नियम यह होता है कि उसे 1 जनवरी या फिर 1 जुलाई से लागू माना जाता है. भले ही इस बार फैसले का ऐलान अक्टूबर के महीने में हो रहा हो, लेकिन कर्मचारियों को इसका वित्तीय लाभ 1 जुलाई से ही मिलेगा. इसका सीधा अर्थ यह है कि जुलाई, अगस्त और सितंबर का पैसा कर्मचारियों को एरियर के रूप में दिया जाएगा. यदि अक्टूबर के महीने का बिल बनने में समय लगता है तो यह रकम 4 महीने के एरियर के तौर पर भी मिल सकती है. त्योहारों की खरीदारी के लिए कर्मचारियों के हाथ में यह अतिरिक्त रकम बहुत मददगार साबित होगी.
30000 रुपये बेसिक सैलरी पर कितना होगा फायदा
इस बढ़ोतरी के असर को समझना बहुत आसान है. मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है. अभी 60% के हिसाब से उसे हर महीने 18,000 रुपये डीए मिल रहा है. जब डीए बढ़कर 64% हो जाएगा तो यह रकम 19,200 रुपये प्रति माह हो जाएगी. इसका मतलब हुआ कि कर्मचारी को हर महीने 1,200 रुपये का सीधा फायदा मिलेगा. यदि 3 महीने का बकाया एरियर जोड़ा जाए तो यह 3,600 रुपये बनेगा. वहीं 4 महीने की स्थिति में कर्मचारी को सीधे 4,800 रुपये एरियर के रूप में बैंक खाते में मिल जाएंगे.
50000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों का हिसाब
इसी तरह जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, उनके वेतन में और भी बड़ा अंतर देखने को मिलेगा. वर्तमान में 60% के आधार पर ऐसे कर्मचारियों को 30,000 रुपये डीए मिलता है. डीए 64% होने के बाद यह बढ़कर सीधे 32,000 रुपये हो जाएगा. इस तरह हर महीने सैलरी में 2,000 रुपये की ठोस बढ़ोतरी होगी. 3 महीने के हिसाब से कर्मचारियों को 6,000 रुपये का एरियर मिलेगा. अगर सरकार 4 महीने का बकाया जोड़कर देती है तो यह रकम बढ़कर 8,000 रुपये तक पहुंच जाएगी.
अगर 3% बढ़ा डीए तो क्या रहेगा गणित
यदि सरकार किसी वित्तीय संतुलन के कारण डीए को 64% करने के बजाय केवल 3% बढ़ाती है, तब भी कर्मचारियों को बढ़िया लाभ मिलेगा. ऐसी स्थिति में डीए 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा. तब 30,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को हर महीने 900 रुपये ज्यादा मिलेंगे. वहीं 50,000 रुपये बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को प्रति माह 1,500 रुपये और 70,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को हर महीने 2,100 रुपये का सीधा लाभ प्राप्त होगा. कुल मिलाकर इस संभावित बढ़ोतरी से कर्मचारियों के चेहरों पर त्योहारों से पहले मुस्कान आना बिल्कुल तय है.
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