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हारने का डर ऐसा था कि रायबरेली से लड़े राहुल गांधी... सीटों पर खींचतान के बीच सपा सांसद ने चिढ़ाया

शिवपाल सिंह पटेल ने कहा कि यूपी गठबंधन में न सिर्फ हम बड़े भाई हैं, बल्कि बहुत बड़े भाई हैं. ये बात कांग्रेस पार्टी को समझनी चाहिए. कांग्रेस दूसरे राज्यों में मजबूत हो सकती है, लेकिन यूपी में उसे अलायंस का महत्व समझना चाहिए. यहां साथ रहने पर दोनों पार्टियों को फायदा होगा. नहीं तो कांग्रेस जीरो पर चली जाएगी.

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विश्व अंतरिक्ष सप्ताह : स्पुतनिक-1 से शुरू हुआ सफर, आज जलवायु संकट से लड़ने में कर रहा मदद

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। रविवार से वर्ल्ड स्पेस वीक (विश्व अंतरिक्ष सप्ताह) 2026 की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र ने एक खास पोस्ट शेयर की है। यूएन ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा है कि यह वर्ल्ड स्पेस वीक है। जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने से लेकर आपदा से निपटने तक, अंतरिक्ष से मिलने वाला डेटा जलवायु संकट से निपटने और हमारे ग्रह की रक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है।

यूएन ने बताया कि यूएनओओएसए यानी संयुक्त राष्ट्र का बाहरी अंतरिक्ष मामलों का कार्यालय एक ज्यादा टिकाऊ भविष्य के लिए अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल करने पर काम कर रहा है।

बता दें कि 6 दिसंबर 1999 को महासभा ने प्रस्ताव के जरिए वर्ल्ड स्पेस वीक की घोषणा की थी। वर्ल्ड स्पेस वीक दुनिया का सबसे बड़ा सालाना अंतरिक्ष कार्यक्रम है। यह छात्रों को प्रेरित करके भविष्य के लिए कार्यबल तैयार करने में मदद करता है, अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए जनता के समर्थन को दिखाता है, लोगों को अंतरिक्ष गतिविधियों के बारे में शिक्षित करता है और अंतरिक्ष जागरूकता और शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।

हर साल वर्ल्ड स्पेस वीक एसोसिएशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा यूएन ऑफिस फॉर आउटर स्पेस अफेयर्स के साथ मिलकर एक थीम चुनी जाती है। यह थीम दुनियाभर में सभी प्रतिभागियों को उनके कार्यक्रमों की सामग्री के लिए एक दिशा देती है। थीम को इसलिए चुना जाता है ताकि वैश्विक स्तर पर एक समान थीम का इस्तेमाल करके पूरी मानवता पर वर्ल्ड स्पेस वीक का प्रभाव और बढ़ाया जा सके। वर्ल्ड स्पेस वीक 2026 दुनियाभर में 4 से 10 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है और इस साल की थीम रॉकेट रिवोल्यूशन रखी गई है।

4 अक्टूबर 1957 को पहले मानव निर्मित उपग्रह स्पुतनिक-1 के अंतरिक्ष में लॉन्च होने के साथ ही अंतरिक्ष अन्वेषण का रास्ता खुला था। इसके एक दशक बाद, 10 अक्टूबर 1967 को चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों सहित बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण और उपयोग में राज्यों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों पर संधि लागू हुई थी।

आज अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र की कई गतिविधियों में किया जा रहा है। कम से कम 25 संयुक्त राष्ट्र संस्थाएं और विश्व बैंक समूह नियमित रूप से अंतरिक्ष अनुप्रयोगों का उपयोग करते हैं। वे संयुक्त राष्ट्र के काम में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जिसमें बड़े विश्व सम्मेलनों की सिफारिशों को लागू करना और बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण और शांतिपूर्ण उपयोग पर तीसरा संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूनीस्पेस III) शामिल है, साथ ही सतत विकास को भी समर्थन देते हैं।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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