विश्व अंतरिक्ष सप्ताह : स्पुतनिक-1 से शुरू हुआ सफर, आज जलवायु संकट से लड़ने में कर रहा मदद
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। रविवार से वर्ल्ड स्पेस वीक (विश्व अंतरिक्ष सप्ताह) 2026 की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र ने एक खास पोस्ट शेयर की है। यूएन ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा है कि यह वर्ल्ड स्पेस वीक है। जलवायु परिवर्तन पर नजर रखने से लेकर आपदा से निपटने तक, अंतरिक्ष से मिलने वाला डेटा जलवायु संकट से निपटने और हमारे ग्रह की रक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है।
यूएन ने बताया कि यूएनओओएसए यानी संयुक्त राष्ट्र का बाहरी अंतरिक्ष मामलों का कार्यालय एक ज्यादा टिकाऊ भविष्य के लिए अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल करने पर काम कर रहा है।
बता दें कि 6 दिसंबर 1999 को महासभा ने प्रस्ताव के जरिए वर्ल्ड स्पेस वीक की घोषणा की थी। वर्ल्ड स्पेस वीक दुनिया का सबसे बड़ा सालाना अंतरिक्ष कार्यक्रम है। यह छात्रों को प्रेरित करके भविष्य के लिए कार्यबल तैयार करने में मदद करता है, अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए जनता के समर्थन को दिखाता है, लोगों को अंतरिक्ष गतिविधियों के बारे में शिक्षित करता है और अंतरिक्ष जागरूकता और शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।
हर साल वर्ल्ड स्पेस वीक एसोसिएशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा यूएन ऑफिस फॉर आउटर स्पेस अफेयर्स के साथ मिलकर एक थीम चुनी जाती है। यह थीम दुनियाभर में सभी प्रतिभागियों को उनके कार्यक्रमों की सामग्री के लिए एक दिशा देती है। थीम को इसलिए चुना जाता है ताकि वैश्विक स्तर पर एक समान थीम का इस्तेमाल करके पूरी मानवता पर वर्ल्ड स्पेस वीक का प्रभाव और बढ़ाया जा सके। वर्ल्ड स्पेस वीक 2026 दुनियाभर में 4 से 10 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है और इस साल की थीम रॉकेट रिवोल्यूशन रखी गई है।
4 अक्टूबर 1957 को पहले मानव निर्मित उपग्रह स्पुतनिक-1 के अंतरिक्ष में लॉन्च होने के साथ ही अंतरिक्ष अन्वेषण का रास्ता खुला था। इसके एक दशक बाद, 10 अक्टूबर 1967 को चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों सहित बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण और उपयोग में राज्यों की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले सिद्धांतों पर संधि लागू हुई थी।
आज अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र की कई गतिविधियों में किया जा रहा है। कम से कम 25 संयुक्त राष्ट्र संस्थाएं और विश्व बैंक समूह नियमित रूप से अंतरिक्ष अनुप्रयोगों का उपयोग करते हैं। वे संयुक्त राष्ट्र के काम में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जिसमें बड़े विश्व सम्मेलनों की सिफारिशों को लागू करना और बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण और शांतिपूर्ण उपयोग पर तीसरा संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूनीस्पेस III) शामिल है, साथ ही सतत विकास को भी समर्थन देते हैं।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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पंजाब में बड़ी साजिश नाकाम! पाकिस्तान से आई AK-47 और हैंड ग्रेनेड बरामद, तस्कर गिरफ्तार
Amritsar Weapons Recovery: त्योहारों से पहले पंजाब में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को अमृतसर रूरल पुलिस ने नाकाम करने का दावा किया है. पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े एक नेटवर्क का खुलासा किया है. इस दौरान पुलिस ने हथियारों की खेप के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया.
AK-47 और हैंड ग्रेनेड बरामद
पंजाब के डीजीपी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, अमृतसर रूरल पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक AK-47 राइफल, उसकी मैगजीन, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं. हथियारों की इस बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में हथियार कैसे पहुंचे और इन्हें आगे कहां पहुंचाया जाना था.
विदेश में बैठे लोगों से संपर्क का दावा
जांच के शुरुआती चरण में आरोपी के विदेशी संपर्कों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति विदेश में मौजूद कुछ देश विरोधी तत्वों के संपर्क में था. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की यह खेप पाकिस्तान से सीमा पार कराकर भारत पहुंचाई गई थी. हालांकि, पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है.
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आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत केस
हथियार बरामद होने के बाद अमृतसर के घरिंडा पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने उस पर आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है. अब जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर हथियारों की तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं.
किसे होनी थी हथियारों की सप्लाई?
पुलिस की जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि AK-47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड की यह खेप किस व्यक्ति या समूह तक पहुंचाई जानी थी. इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियारों की सप्लाई के पीछे किसी बड़ी आपराधिक या हिंसक वारदात की योजना तो नहीं थी. जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की पहचान करने के साथ हथियारों की पिछली और अगली कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं.
अमन-शांति बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा है कि राज्य की शांति और कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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