Bermuda से Boston जा रहा एयर एम्बुलेंस विमान लापता, 6 लोग थे सवार
नानटुकेट, चार अक्टूबर (एपी) बर्मुडा से बोस्टन जा रहा एक एयर एम्बुलेंस विमान शनिवार तड़के लापता हो गया जिसके बाद तटरक्षक बल ने उसकी तलाश तेज कर दी है। विमान में कुल छह लोग सवार थे। विमान के लापता होने से कुछ समय पहले हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) से हुई बातचीत में पायलट ने बिजली की समस्या की जानकारी दी और आपात स्थिति बताई।
बातचीत का यह ऑडियो एक वेबसाइट पर पोस्ट किया गया है, जिसमें नियंत्रक को पायलट से यह पूछते हुए सुना जा सकता है, ‘‘आपने कहा कि आप बिना किसी सहायता के अनुमान के आधार पर आ रहे हैं? क्या आपने यही कहा?’’ अमेरिकी परिवहन विभाग की पूर्व इंस्पेक्टर जनरल एवं विमानन मामलों की वकील मैरी शियावो का मानना है कि विमान में लगे दिशा सूचक यंत्रों तथा अन्य उपकरणों ने काम करना बंद कर दिया था। उसी वक्त रडार पर एक तूफान विमान के रास्ते में दिखाई दे रहा था।
उड़ानों से जुड़ी जानकारी साझा करने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24’ के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, विमान लगभग 24,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ रहा था और फिर अचानक करीब 10,000 फुट पर आ गया। शियावो ने कहा कि इतनी तेजी से नीचे आने के पीछे कोई गंभीर समस्या हो सकती है और उसी वक्त विमान के रास्ते में बड़ा तूफान आ गया। उनके अनुसार, यदि विमान के उपकरण काम न कर रहे हों और विमान तूफान में हो, तो स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।
ऐसी परिस्थिति में पायलट को यह समझना भी मुश्किल हो सकता है कि विमान मुड़ रहा है, ऊपर जा रहा है या नीचे आ रहा है। इसे ‘स्पैटियल डिसओरिएंटेशन’ कहा जाता है। बर्मुडा के एलएफ वाडे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से से उड़ान भरने वाला यह विमान कनाडा में पंजीकृत एयर एम्बुलेंस था।
हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी ‘स्काईपोर्ट’ के अनुसार, विमान में चालक दल के चार सदस्य और दो यात्री, यानी कुल छह लोग सवार थे। विमान रात में बर्मुडा से मैसाचुसेट्स के लिए रवाना हुआ था। कनाडा के परिवहन मंत्री स्टीवन मैकिनन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि विमान में सवार छह लोगों में से चार कनाडाई नागरिक थे।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और खोज एवं बचाव अभियान में संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। अमेरिका का ‘नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड’ भी मामले की जानकारी जुटा रहा है। हालांकि, उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह इस घटना की औपचारिक जांच करेगा या नहीं।
मध्य प्रदेश से मानसून विदा, इस बार 35.8 इंच बारिश हुई, 7 अक्टूबर से फिर बदलेगा मौसम, बादल छाने के साथ बूंदाबांदी के आसार
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर, शनिवार को हो गई है। इस मानसूनी सीजन में 37.3 की अपेक्षा 35.8 इंच बारिश हुई यानि 4 फीसदी पानी कम गिरा। इसमें पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश हुई लेकिन पश्चिमी हिस्से में मानसून की स्थिति कमजोर रही। अगले तीन दिन 4, 5 और 6 अक्टूबर को मौसम साफ रहने का अनुमान है। धूप खिली रहेगी, हालांकि दिन के तापमान में वृद्धि और रात में कमी देखने को मिल सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 7 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में बादल छा सकते हैं और बूंदाबादी होने की भी संभावना है। 8 और 9 अक्टूबर को भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने का अनुमान है। अगले तीन-चार दिनों में गर्मी और रात में ठंडक का असर बढ़ेगा। शनिवार को अमरकंटक में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री रहा। उज्जैन व भोपाल समेत कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
क्या कहता है मौसम विभाग विभाग
पिछले दो दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों, बादलों की आवाजाही और हवा में नमी में कमी दर्ज की गई है। हालांकि निचले क्षोभमंडल में उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक प्रतिचक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में शुष्क उत्तरी हवाएं चलने लगी हैं, जिसके चलते दक्षिण-पश्चिम मानसून संपूर्ण गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से वापसी कर चुका है।
अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। संभावना है कि इस अवधि में अन्य भागों से भी विदा हो जाएगा। वर्तमान में पूर्वी यूपी और उससे सटे बिहार के ऊपर अभी भी एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। उत्तर-पश्चिम यूपी से लेकर राजस्थान होते हुए उत्तरी गुजरात तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है, जो समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। इनके प्रभाव से संबंधित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर मौसम में आंशिक बदलाव देखा जा सकता है।
इस बार 100 दिन सक्रिय रहा मानसून
मध्य प्रदेश में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक होता है। इस बार पूरे सीजन में 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है,जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 37.3 इंच (949.5 मिमी) होनी चाहिए थी। इस तरह पूरे सीजन में प्रदेश में करीब 4 फीसदी बारिश कम हुई। चुंकी इस बार मानसून 24 जून को प्रदेश में एंटर हुआ था और 3 अक्टूबर को विदाई हुई है, इस हिसाब से प्रदेश में करीब 100 दिन मानसून सक्रिय रहा। पिछले साल मानसून ने 16 जून 2025 को प्रदेश में प्रवेश किया था और 13 अक्टूबर 2025 को विदा हुआ था।
इस बार पूर्वी मध्य प्रदेश में 4% ज्यादा पानी गिरा, लेकिन पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम बारिश दर्ज की गई। इसी के चलते प्रदेश के 55 में से 30 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका हालांकि 25 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। आलीराजपुर बारिश के मामले में सबसे पीछे रहा वहीं निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश दर्ज हुई।
इस सीजन में बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है।
भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
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