क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंधों की रूस ने निंदा की, एकतरफा पाबंदियों को किया खारिज
मॉस्को, 31 जनवरी (आईएएनएस)। रूस ने क्यूबा पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधात्मक उपायों की कड़ी निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने शनिवार को कहा कि संप्रभु और स्वतंत्र देशों के खिलाफ एकतरफा प्रतिबंध पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
ज़खारोवा ने यह टिप्पणी गुरुवार को जारी उस अमेरिकी कार्यकारी आदेश पर मीडिया के सवाल के जवाब में की, जिसमें क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर शुल्क (टैरिफ) लगाने की धमकी दी गई है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून के अन्य मानदंडों को दरकिनार कर लगाए गए ऐसे एकतरफा प्रतिबंधों को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यह कदम क्यूबा के खिलाफ वॉशिंगटन की ‘अधिकतम दबाव’ की पुरानी नीति की एक और आक्रामक पुनरावृत्ति है, जिसका उद्देश्य कैरिबियाई देश को आर्थिक रूप से घुटनों पर लाना है।
इस बीच, क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिल्ला ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी टैरिफ धमकी वाले कार्यकारी आदेश के जवाब में क्यूबा ने “अंतरराष्ट्रीय आपातकाल” घोषित कर दिया है।
रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकजुटता के साथ क्यूबा की जनता का मानना है कि मौजूदा स्थिति, जो अमेरिकी सरकार से उत्पन्न हो रही है, एक “असामान्य और असाधारण खतरा” है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह खतरा पूरी तरह या बड़े पैमाने पर “अमेरिका के क्यूबा-विरोधी नव-फासीवादी दक्षिणपंथ” से पैदा हो रहा है।
क्यूबा के विदेश मंत्री के अनुसार, यह खतरा न केवल सभी देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को प्रभावित करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा, परमाणु खतरों और जलवायु परिवर्तन के बीच मानवता के अस्तित्व के लिए भी जोखिम पैदा करता है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत क्यूबा को तेल बेचने या उपलब्ध कराने वाले देशों से अमेरिका में आने वाले किसी भी सामान पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी गई है।
वहीं, मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के इस फैसले के बाद उनका देश क्यूबा की मदद के लिए वैकल्पिक रास्तों की तलाश करेगा। अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में उन्होंने संप्रभुता और जनता के आत्मनिर्णय के सिद्धांत के प्रति मेक्सिको की प्रतिबद्धता दोहराई और चेतावनी दी कि अमेरिकी कदम से क्यूबा में मानवीय संकट पैदा हो सकता है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित होंगी।
शीनबाम ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्री जुआन रामोन दे ला फुएंते को निर्देश दिया है कि वे अमेरिकी विदेश विभाग से संपर्क कर इस आदेश का पूरा विवरण हासिल करें और क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर मेक्सिको की चिंता से अवगत कराएं।
--आईएएनएस
डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकियों के बीच ईरानी अधिकारी ने पुतिन से की मुलाकात
नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर बड़े स्ट्राइक की धमकी दे रहे हैं और समुद्र में बड़े युद्धपोत को उतार रहे हैं, दूसरी ओर वह कह रहे हैं कि हम सभी तरीके से तैयार है। हमला करने से बेहतर बातचीत से मामला हल करेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति की धमकियों के बीच ईरान के उच्च अधिकारी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है।
बता दें कि ईरानी अधिकारी और पुतिन की इस मुलाकात को लेकर पहले कोई भी जानकारी नहीं दी गई थी। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने शुक्रवार को बिना बताए उच्च स्तरीय मीटिंग में ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी का क्रेमलिन में स्वागत किया।
सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार लारीजानी को पिछले अगस्त में इस पोस्ट पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी एयर स्ट्राइक के बाद रूस का दौरा किया था। क्रेमलिन ने एक बयान में कहा, हेड ऑफ स्टेट ने क्रेमलिन में ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी का स्वागत किया, जो रूस के दौरे पर हैं।
हालांकि, दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई और मुलाकात का मुद्दा क्या था? इसे लेकर कोई भी जानकारी क्रेमलिन की ओर से साझा नहीं की गई है। रूस में ईरान के राजदूत काजम जलाली ने बाद में कहा कि मीटिंग में दोनों देशों के संबंधों पर फोकस था और इसमें जरूरी क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सलाह-मशविरा शामिल था।
बता दें कि इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने ईरानी अधिकारी पर प्रतिबंध लगा दिया। लारीजानी का यह दौरा वाशिंगटन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बाद हुआ। अमेरिका ने उन पर दिसंबर के आखिर से ईरान में खामेनेई के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों को हिंसक तरीके से दबाने में शामिल होने का आरोप लगाया।
अमेरिका ने हिंद महासागर में घातक यूएसएस अब्राहम लिंकन को उतारा है, जो धीरे-धीरे ईरान के करीब जा रहा है। इस बीच पेंटागन चीफ पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो भी फैसला करेंगे, उसे निभाने के लिए सेना तैयार रहेगी।
--आईएएनएस
केके/डीकेपी
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