प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला के कार्यवाहक राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की है। खुद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट पर इस बात की जानकारी दी है। इसके बाद वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति ने भी पोस्ट शेयर करते हुए पीएम मोदी का धन्यवाद किया। ऐसे में भारत और वेनेजुएला के बीच हुई इस फोन कॉल ने इस वक्त जबरदस्त तहलका मचा दिया है। खास करके वाशिंगटन की नजरें इस पूरी बातचीत पर ठहर गई है। मगर भारत ने अपने इस कदम से एक कड़ा संदेश दुनिया को देने की कोशिश भी की है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर अब तक खामोश थे। भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से वेनेजुएला और अमेरिका तनाव पर लगातार बयान दिए जा रहे थे। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधे तौर पर इस पूरे मामले पर अब एंट्री हो गई है और वेनेजुला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री मोदी ने फोन पर बातचीत की है और यह बातचीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है।
अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर और टेरिफ के मसले पर भारत और अमेरिका के बीच लगातार तनातनी और दूसरी तरफ अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत भी कर कर ली है। यानी कि जो दोनों तरफ से एक संघर्ष बना हुआ है, उसी दौरान यह बातचीत हुई है और इसीलिए ही यह बहुत अहम मानी जा रही है। पीएम मोदी ने आपको बता दें कि यह बातचीत जो की है उसके बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए यह एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। बता दें कि पीएम मोदी ने कहा है कि मैंने वेनेजुला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेलसी रोडगेज से फोन पर बातचीत की है। हम सभी क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और भी गहरा और व्यापक बनाने पर सहमत हुए हैं ताकि आने वाले वर्षों में भारत वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों पर लिया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की है। वहीं इस पूरे मसले पर अब वेनेजुला की कार्यवाहक राष्ट्रपति का भी बयान सामने आ गया है। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री और भारत के लोगों को धन्यवाद किया है।
वेनेजुला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेलसी रगेज ने अपने बयान में यह कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी भाईचारे वाली टेलीफोन पर बातचीत हुई है। जो गहरे इंसान और आध्यात्मिक जुड़ाव की यह बातचीत रही है जिसमें हम सभी क्षेत्रों में अपनी आपसी साझेदारी को गहरा करने और बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। मैंने भारत सरकार और भारत के लोगों द्वारा हमारे देश के प्रति दिखाई गई एकजुटता के लिए अपना आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने वेनेजुएला के लोगों की शांति, संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा के उसमें अपना साथ खड़े होने की इच्छा भी फिर से दोहराई है। हमने बता दें कि यहां पे एनर्जी, एग्रीकल्चर, साइंस और टेक्नोलॉजी, फार्मासटिकल्स, इंडस्ट्रीज, माइनिंग, ऑटोमोटिव सेक्टर्स और टूरिज्म के स्ट्रेटेजिक कोपरेशन पर चर्चा की है और साल 2026 में अपने रिश्तों को फिर से शुरू करने के लिए कॉमन रोड मैप के साथ आगे बढ़ने पर सहमत हुए हैं।
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वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक लेख में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अन्य देशों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ को यह कहकर उचित ठहराया है कि इनसे "अमेरिका को फिर से पटरी पर लाया गया", जबकि अन्य देशों पर इसके दुष्प्रभावों को खारिज करते हुए कहा कि वे बिल्कुल ठीक हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित एक लेख में ट्रम्प ने कहा कि जब मैंने पिछले अप्रैल में लगभग सभी विदेशी देशों पर ऐतिहासिक टैरिफ लगाए थे, तो आलोचकों ने कहा था कि मेरी नीतियों से वैश्विक आर्थिक मंदी आएगी। ट्रम्प ने लिखा, इसके बजाय, इसने एक अमेरिकी आर्थिक चमत्कार किया है, और हम तेजी से दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं, जबकि अन्य देश बिल्कुल ठीक हैं!
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बड़े-बड़े दावे करते हुए कहा कि उनके 'सुस्त' पूर्ववर्ती ने उन्हें एक तबाह अर्थव्यवस्था सौंपी थी, और उन पर अपनी नीतियों के माध्यम से विश्वव्यापी मंदी लाने का आरोप लगाया गया था। नौ महीने बाद, परिणाम सामने हैं, वे सभी भविष्यवाणियां पूरी तरह से गलत साबित हुई हैं। 2024 में मेरे चुने जाने के बाद से, हमने शेयर बाजार के 52 उच्चतम स्तर देखे हैं, और लगभग कोई मुद्रास्फीति नहीं हुई है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ! ट्रंप के लेख में कहा गया है, साथ ही यह भी बताया गया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति दर 1.4% है और यह 4.4% की दर से बढ़ रही है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल में ट्रंप के लेख में कहा गया है कि आर्थिक विकास से मुद्रास्फीति कम होती है और अमेरिकी कामगारों की वास्तविक आय में 1,000 से 2,000 अमेरिकी डॉलर की वृद्धि हुई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल में ट्रंप ने लिखा, "मुक्ति दिवस के बाद से शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया है और इस बात की प्रबल संभावना है कि हम जल्द ही डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज का आंकड़ा 50,000 तक पहुंचा देंगे, जो कि सभी के लिए असंभव था, कम से कम एक साल में तो बिल्कुल नहीं! वॉल स्ट्रीट जर्नल में ट्रंप के हवाले से यह भी कहा गया है कि उनके प्रशासन ने एक ही साल में संघीय बजट घाटे में 27% की भारी कटौती की है और इससे भी अधिक अविश्वसनीय रूप से, हमने अपने मासिक व्यापार घाटे में 77% की आश्चर्यजनक कमी की है - और यह सब लगभग बिना मुद्रास्फीति के हुआ है।
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