Car Buying Tips: नई कार में कीमत से ज्यादा खर्च करवा सकती हैं ये चीजें, खरीदने से पहले जानें डिटेल
Car Buying Tips: नई कार खरीदना हर किसी के लिए खुशी का मौका होता है। लेकिन कार लेने से पहले अपनी जरूरत और आय के हिसाब से बजट तय करें, कई बार शोरूम पहुंचने के बाद पता चलता है कि कार की असली लागत तय बजट से काफी ज्यादा है। इसकी वजह सिर्फ कार की एक्स-शोरूम कीमत नहीं, बल्कि रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स, इंश्योरेंस, एक्सेसरीज और अन्य शुल्क भी होते हैं। पहली बार गाड़ी खरीदने वाले अतिरिक्त खर्चों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं होते। इसलिए बुकिंग या भुगतान करने से पहले कार की ऑन-रोड कीमत और उससे जुड़े सभी खर्चों को समझना जरूरी है।
कार खरीदते समय इंश्योरेंस का खर्च
नई कार खरीदते समय इंश्योरेंस कुल बजट का एक अहम हिस्सा होता है। थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस जरूरी है, लेकिन यह आपकी अपनी कार को हुए नुकसान की भरपाई नहीं करता। ऐसे में जरूरत के अनुसार अलग बीमा कवर लेना उपयोगी हो सकता है।
बीमा पॉलिसी चुनते समय केवल कम प्रीमियम को आधार नहीं बनाना चाहिए। बीमित घोषित मूल्य यानी आईडीवी, डिडक्टिबल, कवरेज की शर्तें, क्लेम से जुड़ी सीमाएं और कैशलेस गैराज जैसी चीजों की जानकारी लेना जरूरी है।
ऐड-ऑन कवर से बढ़ सकता है खर्च
कार इंश्योरेंस के साथ कई तरह के ऐड-ऑन कवर भी उपलब्ध होते हैं। इनमें जीरो डेप्रिसिएशन, रिटर्न टू इनवॉइस, इंजन प्रोटेक्शन, रोडसाइड असिस्टेंस और कंज्यूमेबल्स कवर शामिल हो सकते हैं।
हर ऐड-ऑन लेना जरूरी नहीं है। हालांकि, सिर्फ प्रीमियम कम करने के लिए सभी ऐड-ऑन हटाना भी सही नहीं हो सकता। कौन सा कवर लेना है, यह कार की कीमत, इस्तेमाल, पार्किंग की स्थिति और ड्राइविंग पैटर्न जैसी चीजों पर निर्भर करता है।
कार एक्सेसरीज का खर्च भी जोड़ें
कार की कीमत तय होने के बाद एक्सेसरीज का खर्च भी आपके बजट को बढ़ा सकता है। फ्लोर मैट, सीट कवर, डैश कैमरा, इंफोटेनमेंट सिस्टम और अन्य एक्सेसरीज जोड़ने पर कुल बिल तेजी से बढ़ सकता है।
इसलिए डीलर से हर एक्सेसरी की अलग कीमत पूछें और यह भी जांचें कि कौन सी चीज जरूरी है और कौन सी बाद में बाजार से कम कीमत पर खरीदी जा सकती है। इस तरह कार खरीदने से पहले आपको अपने कुल खर्च का बेहतर अंदाजा मिल सकेगा।
(मंजू कुमारी)
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